केन्या को खेती के लिए 10 करोड़ डॉलर का ऋण देगा भारत

केन्या को खेती के लिए 10 करोड़ डॉलर का ऋण देगा भारतप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा केन्या के राष्ट्रपति उहुरु केनयाता।

नई दिल्ली (भाषा) भारत ने बुधवार को केन्या के लिए 10 करोड़ डाॅलर की ऋण सुविधा की घोषणा की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा केन्या के राष्ट्रपति उहुरु केनयाता के बीच यहां बातचीत के बाद इसकी घोषणा की गई। दोनों नेताओं ने आर्थिक सहयोग बढ़ाने का फैसला किया और द्विपक्षीय व्यापार बढाने को ‘प्राथमिकता’ करार दिया।

मोदी ने कहा कि समुद्री क्षेत्र में चुनौतियां साझी चिंता की बात हैं और दोनों देश समुद्री उत्पाद आधारित अर्थव्यवस्था में अवसरों को तलाशेंगे। मोदी ने केनयाता के साथ संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में कहा, “कृषि क्षेत्र में मशीनीकरण के लिए 10 करोड़ डाॅलर के ऋण समझौते पर हस्ताक्षर किए गए हैं जिससे भागीदारी के नए आयाम खुलेंगे। दालों के उत्पादन व आयात के लिए केन्या के साथ दीर्घकालिक व्यवस्था पर विचार किया जा रहा है। हम जैविक खेती में श्रेष्ठ कार्यव्यवहारों को केन्या के किसानों के साथ साझा करना चाहेंगे।” उन्होंने कहा, “हम अपने रक्षा सहयोग के त्वरित कार्यान्वयन पर केंद्रित हैं। प्राथमिकता वाले कुछ प्रमुख क्षेत्रों में हाइड्रोग्राफी, कम्युनिकेशन नेटवर्क, क्षमता निर्माण व रक्षा चिकित्सा सहयोग शामिल है।” उन्होंने कहा, “हम अपने सुरक्षा सहयोग व क्षमताओं को मजबूत बनाने के लिए भी सहयोग कर रहे हैं। इस संदर्भ में हमने संयुक्त कार्य समूह को जल्द मिलने का निर्देश दिया है। यह साइबर सुरक्षा, आतंकवाद के मुकाबले, नशीली दवाओं के कारोबार, मानव तस्करी व मनी लांड्रिंग के खिलाफ कार्रवाई पर केंद्रित होगा।”

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी केन्या के राष्ट्रपति उहुरु केनयाता से गले मिलते हुए

उद्याेग के लिए स्वास्थ्य-पर्यटन व अन्य क्षेत्रों में तलाशेंगे अवसर

मोदी ने कहा “बैठक में द्विपक्षीय संबंधों की विस्तार से समीक्षा की गई और दोनों देश अपने अपने उद्योगों व कारोबारों को स्वास्थ्य, पर्यटन, सूचना प्रौद्योगिकी, कृषि व ऊर्जा आदि क्षेत्रों में अवसर तलाशने को प्रोत्साहित करेंगे।” उन्होंने कहा कि संयुक्त व्यापार परिषद की बैठक आज होगी जिसमें उक्त क्षेत्रों में वाणिज्यिक भागीदारी बनाने पर काम होगा। इस अवसर पर मोदी ने पिछले साल केन्या की अपनी यात्रा को भी याद किया। वहीं केनयाता ने विभिन्न क्षेत्रों में मदद के लिए भारत का धन्यवाद ज्ञापित किया। उन्होंने भारतीय कंपनियों को केन्या में निवेश का न्योता दिया और केन्याई उत्पादों को भारत में बाजार पहुंच की मांग रखी।

More Stories


© 2019 All rights reserved.

Top