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यूपी में बीजेपी के पोस्टर को लेकर विवाद

वाराणसी। रामनवमी के मौके पर वाराणसी में बीजेपी के पोस्टर को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। इस पोस्टर में बीजेपी के नव नियुक्त अध्यक्ष केशव मौर्य को कृष्ण की भूमिका में और विपक्षी नेताओं को चीरहरणकर्ता के तौर पर दिखाया गया है। ख़बरों की मानें इस विवादित पोस्टर को भाजपा के कार्यकर्ताओं ने छपवाया है। इस पोस्टर में यूपी को द्रौपदी और विपक्ष नेताओं का चीरहरण करते कौरव के तौर पर दिखाया गया है। इस पोस्टर में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, बसपा प्रमुख मायावती, ओवैसी और सपा नेता और प्रदेश के मुखिया अखिलेश यादव को उत्तर प्रदेश का चीरहरण करते दिखाया गया है। पोस्टर को लगाने वाले भाजपा नेता रूपेश पांडे ने कहा कि उत्तर प्रदेश का चीरहरण इन नेताओं द्वारा किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सपा के राज में गुंडा राज आया, बसपा के राज में भ्रष्टाकचार, कांग्रेस ने प्रदेश को लूटने का काम किया इतना ही नहीं ओवैसी यहां आकर लोगों को भड़काने वाला भाषण देते हैं। उन्होंने कहा कि हमारा प्रदेश संकट में है इसलिए पार्टी ने मौर्य जी को कृष्ण  के अवतार के रूप में भेजा है ताकि उत्तर प्रदेश को बचाया जा सके। भाजपा ने इस पोस्टर के विवादित होने के बाद अपना पल्ला झाड़ा है। प्रदेश भाजपा नेता दिनेश शर्मा ने कहा कि इस पोस्टर को पार्टी ने नहीं लगवाया है। किसी अतिउत्साहित कार्यकर्ता ने ऐसा किया होगा। वहीं केशव प्रसाद मौर्या ने कहा है कि इस पोस्टर से मेरा कोई लेना देना नहीं है। सपा ने पोस्टर पर अपनी बात रखते हुए कहा कि भाजपा ने पहले अपने फायदे के लिए राम का उपयोग किया और राम को चौराहे पर खड़ा किया। चुनाव जीतने के बाद वह उन्हें भूल गई। अब भाजपा कृष्ण का उपयोग उत्तर प्रदेश के चुनाव के पहले कर रही है। वहीं कांग्रेस ने भी इसे ओछी राजनीति करार दिया है।