By Gaon Connection
1 अप्रैल 2026 से पूरे देश में मिलने वाला पेट्रोल E20 ग्रेड का होगा यानी इसमें 20% एथेनॉल और बाकी पारंपरिक पेट्रोल होगा, जिसका न्यूनतम रिसर्च ऑक्टेन नंबर 95 तय किया गया है। एथेनॉल देश में ही बनने वाला नवीकरणीय ईंधन है, जिससे गन्ना और मक्का जैसी फसलों की मांग बढ़ती है। इससे किसानों को बेहतर दाम मिलने की उम्मीद है और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलती है। हालांकि, आर्थिक सर्वेक्षण 2025–26 में चेतावनी दी गई है कि अगर मक्का की खेती जरूरत से ज्यादा बढ़ी और उसने दालों व तिलहनों की जगह ली, तो खाद्य सुरक्षा से जुड़ा जोखिम भी पैदा हो सकता है।
1 अप्रैल 2026 से पूरे देश में मिलने वाला पेट्रोल E20 ग्रेड का होगा यानी इसमें 20% एथेनॉल और बाकी पारंपरिक पेट्रोल होगा, जिसका न्यूनतम रिसर्च ऑक्टेन नंबर 95 तय किया गया है। एथेनॉल देश में ही बनने वाला नवीकरणीय ईंधन है, जिससे गन्ना और मक्का जैसी फसलों की मांग बढ़ती है। इससे किसानों को बेहतर दाम मिलने की उम्मीद है और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलती है। हालांकि, आर्थिक सर्वेक्षण 2025–26 में चेतावनी दी गई है कि अगर मक्का की खेती जरूरत से ज्यादा बढ़ी और उसने दालों व तिलहनों की जगह ली, तो खाद्य सुरक्षा से जुड़ा जोखिम भी पैदा हो सकता है।
By Gaon Connection
केंद्र सरकार ने प्रवासी मजदूरों और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को बड़ी राहत देते हुए 5 किलो का एलपीजी गैस सिलेंडर उपलब्ध कराने का फैसला किया है। तेल कंपनियों की तरफ से भी साफ संदेश आया है कि स्टॉक पर्याप्त है और सप्लाई सामान्य है। यह कदम उन लोगों के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण है जो घर से दूर रहकर काम करते हैं और जिनके लिए 14.2 किलो का बड़ा सिलेंडर खरीदना मुश्किल होता है।
केंद्र सरकार ने प्रवासी मजदूरों और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को बड़ी राहत देते हुए 5 किलो का एलपीजी गैस सिलेंडर उपलब्ध कराने का फैसला किया है। तेल कंपनियों की तरफ से भी साफ संदेश आया है कि स्टॉक पर्याप्त है और सप्लाई सामान्य है। यह कदम उन लोगों के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण है जो घर से दूर रहकर काम करते हैं और जिनके लिए 14.2 किलो का बड़ा सिलेंडर खरीदना मुश्किल होता है।
By Gaon Connection
1 अप्रैल 2026 से पूरे देश में मिलने वाला पेट्रोल E20 ग्रेड का होगा यानी इसमें 20% एथेनॉल और बाकी पारंपरिक पेट्रोल होगा, जिसका न्यूनतम रिसर्च ऑक्टेन नंबर 95 तय किया गया है।एथेनॉल देश में ही बनने वाला नवीकरणीय ईंधन है, जिससे गन्ना और मक्का जैसी फसलों की मांग बढ़ती है। इससे किसानों को बेहतर दाम मिलने की उम्मीद है और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलती है। हालांकि, आर्थिक सर्वेक्षण 2025–26 में चेतावनी दी गई है कि अगर मक्का की खेती जरूरत से ज्यादा बढ़ी और उसने दालों व तिलहनों की जगह ली, तो खाद्य सुरक्षा से जुड़ा जोखिम भी पैदा हो सकता है।
1 अप्रैल 2026 से पूरे देश में मिलने वाला पेट्रोल E20 ग्रेड का होगा यानी इसमें 20% एथेनॉल और बाकी पारंपरिक पेट्रोल होगा, जिसका न्यूनतम रिसर्च ऑक्टेन नंबर 95 तय किया गया है।एथेनॉल देश में ही बनने वाला नवीकरणीय ईंधन है, जिससे गन्ना और मक्का जैसी फसलों की मांग बढ़ती है। इससे किसानों को बेहतर दाम मिलने की उम्मीद है और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलती है। हालांकि, आर्थिक सर्वेक्षण 2025–26 में चेतावनी दी गई है कि अगर मक्का की खेती जरूरत से ज्यादा बढ़ी और उसने दालों व तिलहनों की जगह ली, तो खाद्य सुरक्षा से जुड़ा जोखिम भी पैदा हो सकता है।
By Seema Agrawal
फरवरी 2024 में अंतर्राष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी ने "इलेक्ट्रिसिटी 2025" नाम से एक रिपोर्ट प्रकाशित की, जिसमें बताया गया कि 2023 तक भारत की बिजली की मांग 7% बढ़ चुकी है। यह वृद्धि इसी गति से जारी रही तो 2026 तक भारत चीन को पीछे छोड़ देगा। इस स्थिति में ऊर्जा, विशेष रूप से नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों का विकास और खोज अत्यंत आवश्यक है। विशेषज्ञ मानते हैं कि जैव ईंधन इस दिशा में एक बेहतर विकल्प साबित हो सकता है।
फरवरी 2024 में अंतर्राष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी ने "इलेक्ट्रिसिटी 2025" नाम से एक रिपोर्ट प्रकाशित की, जिसमें बताया गया कि 2023 तक भारत की बिजली की मांग 7% बढ़ चुकी है। यह वृद्धि इसी गति से जारी रही तो 2026 तक भारत चीन को पीछे छोड़ देगा। इस स्थिति में ऊर्जा, विशेष रूप से नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों का विकास और खोज अत्यंत आवश्यक है। विशेषज्ञ मानते हैं कि जैव ईंधन इस दिशा में एक बेहतर विकल्प साबित हो सकता है।
By Gaon Connection
कृषि क्षेत्र में बिजली से चलने वाले ट्रैक्टरों का उपयोग अब तेजी से बढ़ रहा है। ये ट्रैक्टर न केवल पर्यावरण के अनुकूल हैं, बल्कि किसान भाईयों के लिए खर्च में भी कमी लाते हैं। 2023 में इस बाजार का मूल्य 1.5 बिलियन डॉलर था और 2030 तक इसके 4.5 से 10 बिलियन डॉलर तक पहुँचने की संभावना है।
कृषि क्षेत्र में बिजली से चलने वाले ट्रैक्टरों का उपयोग अब तेजी से बढ़ रहा है। ये ट्रैक्टर न केवल पर्यावरण के अनुकूल हैं, बल्कि किसान भाईयों के लिए खर्च में भी कमी लाते हैं। 2023 में इस बाजार का मूल्य 1.5 बिलियन डॉलर था और 2030 तक इसके 4.5 से 10 बिलियन डॉलर तक पहुँचने की संभावना है।
By गाँव कनेक्शन
जल्द भी भारत में सीएनजी से चलने वाले ट्रैक्टर खेतों में चलते नजर आएंगे। ये ट्रैक्टर डीजल के मुकाबले लभगभ आधी कीमत वाली सीएनजी से चलेंगे। शुक्रवार को देश का पहला सीएनजी ट्रैक्टर लॉन्च किया, पढ़िए इसकी खूबियां
जल्द भी भारत में सीएनजी से चलने वाले ट्रैक्टर खेतों में चलते नजर आएंगे। ये ट्रैक्टर डीजल के मुकाबले लभगभ आधी कीमत वाली सीएनजी से चलेंगे। शुक्रवार को देश का पहला सीएनजी ट्रैक्टर लॉन्च किया, पढ़िए इसकी खूबियां
By गाँव कनेक्शन
By गाँव कनेक्शन
By गाँव कनेक्शन
केंद्र सरकार का दावा है कि गन्ना आधारित कृषि अर्थव्यवस्था को रफ्तार देने के लिए अतिरिक्त चीनी के निर्यात और चीनी से इथेनॉल बनाने बनाने की प्रक्रिया कारगर साबित हो रही है। इथेनॉल की बिक्री से वर्तमान सत्र में चीनी मिलों को लगभग 15,000 करोड़ रुपये का राजस्व मिल रहा है।
केंद्र सरकार का दावा है कि गन्ना आधारित कृषि अर्थव्यवस्था को रफ्तार देने के लिए अतिरिक्त चीनी के निर्यात और चीनी से इथेनॉल बनाने बनाने की प्रक्रिया कारगर साबित हो रही है। इथेनॉल की बिक्री से वर्तमान सत्र में चीनी मिलों को लगभग 15,000 करोड़ रुपये का राजस्व मिल रहा है।
By Gaon Connection