लखनऊ के हुसैनाबाद में गैस रिसाव से 14 लोगों की हालत नाजुक

लखनऊ के हुसैनाबाद में गैस रिसाव से 14 लोगों की हालत नाजुकसाभार: इंटरनेट।

हुसैनाबाद पुलिस चौकी के पास फातिमा कॉलोनी में वर्षों से चल रहे कारखाने में जहरीली एसिटलीन गैस के रिसाव से मंगलवार शाम हड़कंप मच गया। गैस के धुंए से कारखाने के आसपास रहने वाले परिवारों के बच्चों, महिलाओं व पुरुषों की जलन के साथ ही सांस लेने में दिक्कत होने लगी। देखते हुए कई लोगों की हालत बिगड़ गई।

हादसे में 14 लोगों की हालात नाजुक होने पर ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया गया। कारखाने में कंप्रेशर की टंकियां बनाने का काम हो रहा था। हादसे के बाद आरोपित कारखाना मालिक और उसके कर्मचारी सिलेंडर को गाड़ी में लादकर भाग निकले। पुलिस ने आरोपित मालिक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है।

पुलिस के मुताबिक फामितां कालोनी में रहने वाला हासिम अपने तीन मंजिला इमारत में कारखाना चलाता है। इस कारखाने में ट्रेकों और बसों के टैंक और कंप्रेशर टैंक बनाने का काम होता है। मंगलवार शाम भी टैंक बनाने का काम हो रहा था अचानक कारखाने में गैस का रिसाव होने लगा। ये देख हासिम और कर्मचारियों ने सिलेंडर बाहर फेंक दिया बाहर फेंकते ही गैस का रिसाव और तेज हो गया। और आसपास के लोगों की आंखों में जलन मचने के साथ सांस लेने में दिक्कत होने लगी। आनन-फानन उनको ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया गया।

एसीटिलीन गैस

एसीटिलीन एक हाइड्रोकार्बन है। यह रंगहीन और ज्वलनशील गैस है। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक वेल्डिंग में ऑक्सी-ऐसीटिलीन सबसे अधिक उपयोग में लाई जाती है। बड़े-बड़े कारखानों में निजी गैस जनित्रों द्वारा कैल्सियम कार्बाइड और पानी के मिश्रण से यह गैस कम दाब पर तैयार की जाती है। ऐसीटिलीन को ऐसीटोन में घुला देने से विस्फोट का खतरा नहीं रहता।

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