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प्रधानों के बाद यूपी के 74 जिपं अध्यक्ष और 3121 सदस्यों का 13 जनवरी को खत्म हो जाएगा कार्यकाल, डीएम बनेंगे प्रशासक

उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनावों को लेकर तैयारियां तेजी से चल रही हैं। तेरह जनवरी रात 12 बजे के बाद उत्तर प्रदेश के 74 जिला पंचायत अध्यक्षों और 3121 सदस्यों का कार्यकाल ख़त्म हो जाएगा।

Ajay MishraAjay Mishra   13 Jan 2021 3:30 PM GMT

प्रधानों के बाद यूपी के 74 जिपं अध्यक्ष और 3121 सदस्यों का 13 जनवरी को खत्म हो जाएगा कार्यकाल, डीएम बनेंगे प्रशासकउत्तर प्रदेश में पंचायत चुनावों को लेकर तेजी से चल रही हैं तैयारियां। फोटो साभार : पीटीआई

लखनऊ/कन्नौज। उत्तर प्रदेश की 59,062 ग्राम पंचायतों में प्रधानों का कार्यकाल समाप्त होने के बाद अब दूसरा नंबर जिला पंचायत सदस्य और अध्यक्षों का है। तेरह जनवरी की रात 12 बजे के बाद 74 जिला पंचायत अध्यक्ष और 3121 सदस्यों का भी कार्यकाल पूरा होने के बाद खत्म हो जाएगा। डीएम को प्रशासक की जिम्मेदारी मिलेगी।

प्रदेश के कन्नौज से डीएम राकेश मिश्र 'गांव कनेक्शन' से बताते हैं, "शासन से पत्र आ गया है और 13 जनवरी की रात 12 बजे के बाद जिला पंचायत अध्यक्ष का कार्यकाल पूरा हो जाएगा। उसके बाद वह कोई लेन-देन नहीं कर पाएंगे। जिस तरह से प्रधान पद पर एडीओ को प्रशासक बनाया गया और खातों पर रोक लगा दी गई, उसी तरह जिला पंचायत अध्यक्ष पद पर प्रक्रिया चलेगी और डीएम को प्रशासक बनाया जाएगा।" इससे पहले मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के समय जिला पंचायत सदस्य और अध्यक्ष पद पर चुनाव हुए थे और 14 जनवरी 2016 को कार्यकाल शुरू हो गया था।

अध्यक्ष बोलीं, परिवार के सदस्यों की तरह चला सदन

कन्नौज की जिला पंचायत अध्यक्ष शिल्पी कटियार 'गांव कनेक्शन' से बताती हैं, "पांच सालों में हमने पूरे जिले में एक हजार से अधिक निर्माण कार्य कराए। सड़क, नाली और खडंजा भी बनवाए। सदर में जिला पंचायत सदस्यों से व्यवहार भी ठीक रहा। पांच गौशालाएं और सामुदायिक शौचालय भी बनवाए।"

"सदन की कार्ययोजना के तहत टेंडर के तहत जो भी जिला पंचायत के पास बजट आया, उसे खर्च कर दिया। पांच सालों में करीब 70-75 करोड़ रुपए से विकास कार्य कराए। इसमें 20 फीसदी कर्मचारियों आदि की सैलरी पर भी खर्च किया। छोटा जिला होने की वजह से बजट कम मिलता है और टैक्स वसूली भी कम है," शिल्पी कटियार आगे कहती हैं।

उत्तर प्रदेश के कन्नौज जिले में अब तक सात बार चुने गए जिला पंचायत अध्यक्ष। फोटो : गाँव कनेक्शन

कन्नौज में सात बार जिला पंचायत अध्यक्ष चुने गए

सितम्बर 1997 में कन्नौज जिला बनने के बाद गांव निजामपुर निवासी कप्तान सिंह 10 मार्च 1998 को पहली बार जिला पंचायत अध्यक्ष बने। एक नवम्बर 1998 तक वह अध्यक्ष रहे। गांव भवानीसराय की ममता कनौजिया दो नवम्बर 1998 से छह जून 2000 तक जिला पंचायत अध्यक्ष रहीं। सात जून 2000 से 14 अगस्त 2000 तक दो जिलाधिकारी प्रशासक रहे। उसके बाद 15 जनवरी 2006 से 13 जनवरी 2011 तक सपा समर्थित ममता कनौजिया को दोबारा जिला पंचायत अध्यक्ष बनने का सौभाग्य मिला। काजीपुर्वा से बसपा समर्थित मुन्नी अम्बेडकर 14 जनवरी 2011 से सात मई 2012 तक अध्यक्ष रहीं।

प्रदेश में मुख्यमंत्री पद से मायावती के हटने के बाद मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की सरकार बनी और सदस्यों ने अविश्वास प्रस्ताव पास कर दिया, जिससे कुन्नी अंबेडकर को लालबत्ती गंवानी पड़ी और गांव टिकैयापुर्वा की सपा समर्थित सुनीता दोहरे आठ फरवरी 2013 से 13 जनवरी 2016 तक अध्यक्ष रहीं। वर्तमान में शिल्पी कटियार सपा समर्थित जिला पंचाय अध्यक्ष हैं और प्रदेश में सपा सरकार जाने के बाद भाजपा सरकार में भी पांच साल वह अध्यक्ष रहीं।

13 जनवरी 2021 की रात 12 बजे जिला पंचायत अध्यक्ष व सदस्यों का कार्यकाल खत्म हो जाएगा। उसके बाद वह कोई विकास कार्य कराने के लिए लेन-देन नहीं कर पाएंगे। शासन से पत्र भी आ गया है। जिलाधिकारी को ही जनपदों में प्रशासक बनाया जाएगा।

राकेश कुमार मिश्र, जिलाधिकारी, कन्नौज

तीन बार डीएम के पास रही प्रशासक जिम्मेदारी

जिला पंचायत में अध्यक्ष की जगह डीएम प्रशासक के रूप में काम करते रहे। पहले प्रशासक डीएम बीबी सिंह थे, जो सात जून 2000 से 10 जुलाई 2000 तक रहे। दूसरा प्रशासक के रूप में कार्यकाल डीएम जेएन मिश्र के पास रहा। वह 11 जुलाई 2000 से 14 अगस्त 2000 तक तैनात रहे। उसके बाद जिलाधिकारी डॉ. आरके भटनागर 28 मई 2005 से 14 जनवरी 2006 तक प्रशासक की जिम्मेदारी निभाते रहे।

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