यूपी सरकार ने चुनाव से पहले आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों का मानदेय बढ़ाने का किया वादा, कार्यकत्रियों ने कहा - हमें लिखित में आश्वासन चाहिए

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आंगनवाडी कार्यकत्रियों के मासिक मानदेय 5500 रुपये से बढ़ाकर 8,000 रुपये करने की घोषणा की है। लेकिन आंगनवाड़ी कार्यकत्रियां लिखित में आश्वासन चाहती हैं, क्योंकि उनका कहना है कि 2017 से उन्हें वृद्धि का वादा किया गया है, और इसका कुछ भी नहीं आया है।

Shivani GuptaShivani Gupta   4 Jan 2022 1:00 PM GMT

यूपी सरकार ने चुनाव से पहले आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों का मानदेय बढ़ाने का किया वादा, कार्यकत्रियों ने कहा - हमें लिखित में आश्वासन चाहिए

3 जनवरी को लखनऊ में आयोजित 'आंगनवाड़ी कार्यकत्री और सहायिका सम्मेलन' के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ। 

लखनऊ, उत्तर प्रदेश। उत्तर प्रदेश में शुरू की जा रही कई परियोजनाओं और पहलों के बीच, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घोषणा की है कि राज्यों की आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों और सहायिकाओं के मासिक मानदेय में वृद्धि की जाएगी।

भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाली सरकार ने मुख्य आंगनवाड़ी केंद्रों पर कार्यकत्रियों के मानदेय को 5,500 रुपए से बढ़ाकर 8,000 रुपए प्रति माह और मिनी आंगनवाड़ी केंद्रों के लिए 4,250 रुपये से बढ़ाकर 6,500 रुपये करने का वादा किया। सहायकों के मानदेय में 2,750 रुपये से बढ़ाकर 4,000 रुपये प्रतिमाह की जाएगी। उत्तर प्रदेश में 306,829 आंगनवाड़ी कार्यकत्री, मिनी आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों और सहायिकाओं को इस बढ़ोतरी से लाभ होने की उम्मीद है।

आंगनबाड़ी कार्यकत्री व सहायिका सम्मेलन में मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान में आंगनबाड़ी कार्यकत्री को 5,500 रुपए, मिनी आंगनबाड़ी कार्यकत्री को 4,250 रुपए, सहायिका को 2,750 रुपए प्रतिमाह मानदेय की व्यवस्था है। अब आंगनबाड़ी कार्यकत्री 8,000 रुपए, मिनी आंगनबाड़ी कार्यकत्री 6,500 रुपए व सहायिका 4,000 रुपए तक मानदेय प्राप्त करेंगी। लखनऊ में कल 3 जनवरी को सम्‍मेलन हुआ।

मुख्यमंत्री ने ये भी कहा कि 2018 के बाद इन संगठनों द्वारा एक भी विरोध या प्रदर्शन नहीं हुआ क्योंकि राज्य सरकार ने आंगनवाड़ी संगठनों के साथ "हमेशा बातचीत बनाए रखी"। हालांकि आंगनबाडी कार्यकत्रियों ने पिछले साल 2021 में 17 अगस्त, 18 अगस्त और 4 दिसंबर को कई बार इसका विरोध किया है।

घोषणा के उसी दिन कई आंगनबाडी कार्यकत्रियां मानदेय वृद्धि पर मुख्यमंत्री से लिखित आश्वासन की मांग को लेकर राजधानी लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में धरने पर बैठ गईं।

"लिखित आदेश नहीं दे रहे हैं, केवल मौखिक कर रहे हैं। 2018 में भी एनाउंस किए थे, 2021 में भी किए थे, फिर आज किए हैं, कोई भरोसा नहीं हैं इनकी बात का, " जौनपुर जिले के सिरकोनी ब्लॉक की रहने वाली सुजाता देवी ने गांव कनेक्शन को बताया।

हाल ही में गांव कनेक्शन की एक रिपोर्ट में बताया गया है कि कैसे उत्तर प्रदेश में 150,000 आंगनवाड़ी कार्यकत्रियां मासिक मानदेय में वृद्धि की मांग को लेकर 2021 में 17-18 अगस्त को दो दिवसीय हड़ताल पर चले गए। वे प्रत्येक आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों के लिए 8,000-10,000 रुपये प्रति माह के मानदेय की मांग कर रहे थे, जैसा कि 2017 में राज्य सरकार द्वारा उनसे वादा किया गया था।

17 व 18 अगस्त को दो दिवसीय धरना में जौनपुर, लखनऊ, गोरखपुर समेत 25 जिलों की आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां शामिल थीं। फोटोः अरेंजमेंट

इसी बीच उन्नाव जिले की एक आंगनबाडी कार्यकत्री ने मानदेय नहीं मिलने की शिकायत की, "हमें नवंबर और दिसंबर के लिए मानदेय नहीं मिला है। 5,500 रुपये में घर चलाना मुश्किल है। यहां तक ​​कि हमें सभी फोटोकॉपी के लिए अपनी जेब से पैसा खर्च करना पड़ता है और हम काम के लिए यात्रा करते हैं, "दुर्जन खेरा गांव की एक आंगनवाड़ी कार्यकत्री सन्नो देवी ने गांव कनेक्शन को बताया।

इस बीच, मुख्यमंत्री ने 1 अप्रैल, 2020 से 31 मार्च, 2022 की अवधि के लिए प्रत्येक आंगनवाड़ी कार्यकत्री और मिनी आंगनवाड़ी कार्यकत्री को 500 रुपये प्रति माह अतिरिक्त देने की भी घोषणा की है। सहायिकाओं को इसी अवधि के लिए 250 रुपये प्रति माह अतिरिक्त मिलेगा।

उनके प्रयासों की सराहना करते हुए, आदित्यनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री जी ने जीवन और जीविका को बचाने का जो मंत्र दिया, उसमें आंगनबाड़ी कार्यकर्त्रियों ने अपनी अहम भूमिका निभायी। कोरोना संक्रमण से स्वयं को बचाते हुए, दूसरों को बचाने का जो कार्य आंगनबाड़ी कार्यकर्त्रियों द्वारा किया गया है, वह अद्भुत है हालांकि आंगनबाडी कार्यकत्री शांत नहीं हुई और मुख्यमंत्री के वादों को लिखित रूप में लेने की अपनी मांग पर अड़ी रही।

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