अब एक क्लिक पर जानिए, अपने गांव की सरकारी जमीनों का ब्यौरा

अब एक क्लिक पर जानिए, अपने गांव की सरकारी जमीनों का ब्यौराऑनलाइन जानिए गाँव में सरकारी संपत्तियों की जानकारी।

लखनऊ। पंचायत में सरकारी मद की जमींन जैसे खलिहान, चकरोड कब्रिस्तान, खेल मैदान, नाला, बीहड़, बंजर, ऊसर, स्कूल, झील, नहर आदि सारी जमीनों का ब्यौरा ग्राम सार्वजनिक भू-संपत्ति रजिस्टर में दर्ज होता है। मगर अधिकांश नए प्रधानों को इस भू-संपत्ति रजिस्टर के बारे में जानकारी ही नहीं होती।

गाँव कनेक्शन द्वारा कई जिलों में प्रधानों से भू-सम्पत्ति रजिस्टर के बारे में बात की गई और किसी भी प्रधान के पास सार्वजनिक ग्राम भू-सम्पत्ति रजिस्टर नहीं है और बहुत से प्रधान तो इसके बारे में जानते भी नहीं है।

लखनऊ जनपद के ग्राम सोनवा के पूर्व प्रधान योगेन्द्र दीक्षित बताते हैं, “साल 2005 में पहली प्रधानी मिली थी, तीन पंचवर्षीय में भू-सम्पत्ति रजिस्टर नहीं मिला, ये सब लेखा-जोखा लेखपाल के ही पास होता है, लेकिन इसकी एक कॉपी पंचायत के पास भी हो तो काफी सहूलियत हो जाएगी।“ आगे कहा, “अगर ग्राम पंचायतों की सरकारी जमीनों का विवरण ऑनलाइन होता है तो प्रधानों के साथ-साथ ग्रामीण भी पंचायत की संपत्तियों के बारे में जान सकेंगे।”

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जनपद उन्नाव के असुरी खेड़ा प्रधान मुकेश त्रिपाठी बताते हैं, “मेरी ग्राम पंचायत नई बनी थी मुझे पुराने प्रधान से कोई चार्ज नही मिला, भू-सम्पत्ति रजिस्टर के बारे में मुझे जानकारी नहीं है और ये रजिस्टर अभी मुझे भी नहीं मिला है।“

लखनऊ जनपद के विकास खंड माल ग्राम पंचायत बदैया के प्रधान संदीप सिंह बताते हैं, “अभी कुछ दिन पहले सरकार के आदेश पर ब्लाक द्वारा खेल मैदान बनाने के लिए प्रधानों से आवेदन मांगे थे, मुझे पता ही नहीं था कि मेरे गांव में कहां, किस मद की और कितनी जमींन खाली पड़ी है। फिर लेखपाल की मदद से जमींन चिन्हित की गयी और उसके बाद प्रस्ताव बनाकर भेजा गया अगर पंचायत में भू-सम्पत्ति रजिस्टर हो तो प्रधान को भी जानकारी रहे।“

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लखनऊ जनपद के बीकेटी तहसील के प्रधान संघ अध्यक्ष अतुल शुक्ला बताते हैं, “हमारे यहां किसी भी प्रधान के पास भू-सम्पत्ति रजिस्टर नहीं है, अगर ग्राम प्रधान के पास भू-सम्पत्ति रजिस्टर हो और तहसील प्रशासन, पंचायत को सरकारी जमींन अवैध कब्जे से मुक्त कराकर ग्राम पंचायत के सुपुर्द करा दे तो इन जमीनों का प्रयोग जनोपयोगी कार्यों के लिए किया जा सकता है।”

इस बारे में उपभूमि व्यवस्था आयुक्त राजस्व परिषद् उत्तर प्रदेश भीष्मलाल वर्मा ने बताया, ”ग्राम सभा की भूमि का लेखपाल से सत्यापन कराकर भूलेख पोर्टल के वेबपेज ‘सार्वजनिक ग्राम सम्पत्ति रजिस्टर’ पर सूचनाएं अपलोड कराने के निर्देश शासन द्वारा प्रदेश के समस्त जिलाधिकारियों को दिए गये हैं।” आगे बताया, “पूरे प्रदेश की कुल 1,10,354 राजस्व ग्राम पंचायते हैं, जिसमें से 86,431 राजस्व गांवों का ‘सार्वजानिक ग्राम रजिस्टर’ बनाया जा चुका है। ऐसे में अब भूलेख पोर्टल पर ऑनलाइन देखने की सुविधा मिलेगी।"

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