मौत का सौदागर फरार, नर्सिंग होम सील

Ajay MishraAjay Mishra   11 May 2018 1:44 PM GMT

मौत का सौदागर फरार, नर्सिंग होम सीलइसी नर्सिंग होम को किया गया सील।

कन्नौज। अपने को डाक्टर कहने वाला मौत का सौदागर बना लैब टैक्नीशियन फरार चल रहा है। उसका नर्सिंग होम सील कर दिया गया है। 13 मरीज भर्ती पाए गए। मौके पर एक भी डाक्टर नहीं मिला। वहीं नर्सिंग होम संचालक/लैब टैक्नीशियन के खिलाफ आखिरकार स्वास्थ्य महकमे को भी रिपोर्ट दर्ज करानी पड़ी। इससे पहले पीड़िता के पति को वादी बनाया गया है। विभाग की ओर से रिपोर्ट न दर्ज कराने के मामले को ‘गांव कनेक्शन’ ने उठाया था।

विगत दिनों अर्शी नर्सिंग होम में कन्नौज के हैवतपुर कटरा निवासी अनुज दोहरे की पत्नी सोनी का आपरेशन एक लैब टैक्नीशियन ने किर दिया था। पेशाब की थैली भी फाड़ दी। मामले में काफी हंगामे के बाद बुधवार दोपहर बाद एसीएमओ डा. राममोहन तिवारी और डा. डीपी आर्या के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग की टीम जीटी रोड सरायमीरा स्थित अर्शी नर्सिंग होम पहुंची।

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एसीएमओ डा. राममोहन तिवारी ने बताया, ‘‘नर्सिंग होम में भर्ती मरीजों को बता दिया गया है कि इसका लाइसेंस निरस्त हो गया है। डीएम साहब और सीएमओ के निर्देश हैं कि यहां के मरीजों का राजकीय मेडिकल कालेज और जिला अस्पताल में इलाज किया जाए।’’

उन्होंने आगे बताया कि ‘‘जिस समय हम लोग आए मौके पर एक भी डाक्टर नहीं था। तीन जीएनएम और एएनएम मिलीं। प्रथम तल के अलावा पहली और दूसरी मंजिल पर मरीज भर्ती थे। आठ प्रसूताएं भी शामिल हैं। नीचे दो मरीज ऐसे थे जिनका करीब एक सप्ताह पहले आपरेशन किया गया था। दो मरीजों ने जिला अस्पताल और मेडिकल कालेज जाने की सहमति दे दी।

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एसीएमओ आगे कहते हैं, ‘‘सात तारीख को मुख्य चिकित्सा अधिकारी की तरफ से नर्सिंग होम को नोटिस दिया गया था। तत्काल लाइसेंस निरस्त कर दिया गया। सात दिन में अस्पताल खाली करने को कहा गया था। आज निरीक्षण किया गया। इलाज के नाम पर कोई चिकित्सक नहीं था, यह मरीजों की जान से खिलवाड़ है।

नर्सिंगहोम सील करने की कार्रवाई करते एसीआमओ।

नर्सिंगहोम में भर्ती मिले मरीजों का दर्द

औरैया जिले के बेला क्षेत्र के पटना से आए तल पर भर्ती मोहनलाल ने बताया, ‘‘पेट का आपरेशन हुआ है। आंत में दिक्कत हो गई थी। 25 हजार में इलाज का ठेका लिया था। 16वां दिन है अभी आराम नहीं है।”

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एफआईआर की कापी।

मरीज भगवानदीन बताते हैं, ‘‘आपरेशन किया है हाइड्रोसील निकाल दिया है। अस्पताल चल रहा तो हमने सोचा यहीं दिखा दें। पर सही नहीं हुआ। हमको तो यह भी नहीं पता डाक्टर कितने दिन से गायब हैं। चोट लग गई थी। दिखाया था कि सही कर देंगे।”

एफआईआर में कर दिया खेल

नर्सिंग होम की जांच के बाद कुछ दिनों पहले सीएमओ डा. कृष्ण स्वरूप ने पुलिस अधीक्षक किरीट राठोड़ को पत्र भेजकर एफआईआर दर्ज करने को कहा था। पुलिस ने एफआईआर सोनी के पति अनुज दोहरे की ओर से दर्ज की। कहा जा रहा है कि एक एफआईआर स्वास्थ्य महकमे की ओर से दर्ज होनी चाहिए थी। बाहर के व्यक्ति को क्या पता कि मुशीर डाक्टर है या फिर लैब टैक्नीशियन।

नर्सिंग होम में मौजूद स्टाफ नर्स और अन्य।

अभिलेख देखने का काम तो स्वास्थ्य विभाग का है। इस बाबत सीएमओ बताते हैं कि ‘‘हमने तो पुलिस अधीक्षक को पत्र भेजा था। अब एफआईआर मेरी तरफ से नहीं दर्ज की तो पुलिस जाने।’’ पुलिस अधीक्षक का कहना है कि ‘‘यह महत्वपूर्ण नहीं है कि एफआईआर किसने दर्ज कराई। दर्ज हो गई है और कार्रवाई हो रही है।’’

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