उत्तर प्रदेश में 22 सितंबर को महिलाओं के नाम रहेगा पूरा दिन; होगी मिशन शक्ति की उपलब्धियों पर बात

22 सितम्बर को विधानसभा व विधान परिषद में पूरा एक दिन महिला विधायकों को समर्पित किया जा रहा है। इस दिन महिला विधायक अपनी बात रखेंगी।

उत्तर प्रदेश में 22 सितंबर को महिलाओं के नाम रहेगा पूरा दिन; होगी मिशन शक्ति की उपलब्धियों पर बात

फोटो: उत्तर प्रदेश पर्यटन

उत्तर प्रदेश में 22 सितंबर खास दिन बनने वाला है, यहां विधानसभा व विधान परिषद की कार्यवाही महिलाओं के नाम होगी।

विधानसभा और विधान परिषद में एक दिन की कार्यवाही महिला विधायकों को समर्पित करने के ऐतिहासिक मौके से ठीक पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महिला विधायकों को पत्र भी लिखा है। दोनों सदनों की सभी महिला सदस्यों को लिखे इस पत्र में मुख्यमंत्री ने महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलम्बन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है, साथ ही मिशन अंतर्गत अब तक के प्रयासों और परिणामों का पूरा विवरण भी उपलब्ध कराया है।

अपने पत्र में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लिखा है कि मिशन शक्ति के अन्तर्गत केन्द्र और राज्य सरकार की महिला सशक्तिकरण से जुड़ी योजनाओं और कार्यक्रमों के प्रभावी क्रियान्वयन से देश और दुनिया में उत्तर प्रदेश का पर्सेप्शन बदला है। पिछले साढ़े पांच वर्षों में उत्तर प्रदेश सरकार ने महिलाओं की सुरक्षा व सम्मान को सुनिश्चित करते हुए उन्हें स्वावलम्बी बनाने के उद्देश्य से व्यापक स्तर पर कार्य किये हैं।

उन्होंने आगे लिखा है, "मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना, मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना, सरकारी नौकरियों में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाकर, स्वरोजगारपरक योजनाओं आदि से व्यापक स्तर पर जोड़कर महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में अभूतपूर्व कार्य किए गये हैं।"

उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा यूपी मिशन शक्ति अभियान का शुरूआत साल 2020 में की गई थी। इस योजना को प्रदेश की महिलाओं और बेटियों को आत्मनिर्भर और सुरक्षित बनाने के लिए शुरू किया गया है। इस योजना के माध्यम से विभिन्न प्रकार के जागरूकता और ट्रेनिंग प्रोग्राम का संचालन किया जाता है जिससे कि महिलाओं को उनके अधिकारों से संबंधित जानकारी पहुंचाई जा सके। उत्तर प्रदेश के 75 जिलों में इस योजना को लांच किया गया था।

सीएम ने अपने पत्र के साथ ही महिला सशक्तिकरण से जुड़ी योजनाओं की पूरी जानकारी भी उपलब्ध कराई है। 22 सितम्बर को विधानसभा व विधान परिषद में पूरा एक दिन महिला विधायकों को समर्पित किया जा रहा है। इस दिन महिला विधायक अपनी बात रखेंगी।

अभी हाल ही में 14 सितंबर को उत्तर प्रदेश के लखीमपुर जिले में दो नाबालिग दलित बहनों के शव पेड़ से लटके मिले थे, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बलात्कार के बाद गला दबाकर हत्या करने की पुष्टि हुई। पुलिस ने छह आरोपियों की पहचान छोटू, जुनैद, सुहैल, हाफिजुल रहमान, करीमुद्दीन और आरिफ के रूप में की है। उन पर बच्चों का संरक्षण अधिनियम (POCSO), 2012 की धाराओं के तहत आरोप लगाए गए हैं। सभी छह आरोपियों को अतिरिक्त जिला न्यायाधीश के आवास पर पेश करने के बाद 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।

एनसीआरबी के आंकड़ों के अनुसार, उत्तर प्रदेश में साल 2021 में महिलाओं के खिलाफ हिंसा 56,083 मामले दर्ज किए गए।

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