मानक पर खरे नहीं उतरे मदरसे, काॅलेज बनेंगे परीक्षा केंद्र

मानक पर खरे नहीं उतरे मदरसे, काॅलेज बनेंगे परीक्षा केंद्रउत्तर प्रदेश मदरसा शिक्षा परिषद में इस बार से रहेगा ‘तीसरी आंख’ का पहरा।

कन्नौज। अगले महीने में संभावित उत्तर प्रदेश मदरसा शिक्षा परिषद की परीक्षाओं के केंद्र के लिए एक भी मदरसा मानक पर खरा नहीं उतरा है। इसकी वजह से माध्यमिक शिक्षा परिषद इलाहाबाद बोर्ड से संबंधित काॅलेज परीक्षा केंद्र बने हैं।

इस बारे में जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी कन्नौज पवन कुमार सिंह बताते हैं, ‘‘ मदरसों की परीक्षाएं इलाहाबाद बोर्ड के पैटर्न की तरह होंगी। सीसीटीवी, फर्नीचर और टाॅयलेट की उपलब्धता वाले विद्यालय ही परीक्षा केंद्र बनेंगे, इसके लिए गाइड लाइन आ चुकी है।’’

उन्होंने आगे बताया कि एडेड काॅलेज ही परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। 19 केंद्रों की सूची बोर्ड को भेजी गई है। इसमें 18 एडेड इंटर काॅलेज और एक राजकीय महिला डिग्री काॅलेज शामिल है। जल्द ही इनकी स्वीकृति होकर सूची आ जाएगी।

शहर के मदरसा अरबिया हाजी इलाही, कन्नौज के शिक्षक जैनुल बताते हैं कि ‘‘ परीक्षा के लिए जो नियम बने हैं वह अच्छे हैं। अगर यह नियम पहले आया होता, तो हम लोग भी कैमरा लगवा लेते। सीसीटीवी न होने की वजह से ही मदरसा परीक्षा केंद्र नहीं बन पाए हैं।’’

40 फीसदी घट गई परीक्षार्थियों की संख्या

इस बार होने वाली मदरसों की परीक्षाओं के लिए करीब 40 फीसदी परीक्षार्थियों की संख्या घट गई है। जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी बताते हैं, ‘‘ पिछले साल करीब 15 हज़ार परीक्षार्थी शामिल हुए थे। इसके लिए 26 केंद्र बने थे। वर्ष 2017-18 के लिए कुल 19 केंद्रों पर 8,534 परीक्षार्थी परीक्षा देंगे।’’ उन्होंने आगे बताया कि पोर्टल पर जो संख्या लाॅक हो गई, वही शामिल है। नए नियमों की वजह से संख्या कम हो गई है।

मदरसों में पढ़ने वाले मुंशी/मौलवी के छात्र-छात्राएं सुबह की पाली में परीक्षा देंगे। आलिम, कामिल और फाजिल के परीक्षार्थी शाम की पाली में परीक्षा देंगे। कन्नौज में पहली पाली में 3,668 और दूसरी पाली में 4,866 परीक्षार्थी शामिल होंगे।

विद्यालय स्तर से प्रदेश स्तर तक बनेंगे सचल दल

प्रमुख सचिव मोनिका एस. गर्ग ने जारी किए आदेश में हवाला दिया है कि निरीक्षण दस्ते भी बनेंगे। विद्यालय स्तर पर आंतरिक निरीक्षण दस्ता होगा, जिसका गठन केंद्र व्यवस्थापक करेंगे। इसमें तीन सदस्य रखे जाएंगे। जनपद स्तर पर गठन डीएम करेंगे। प्रत्येक सचल दल जिला विद्यालय निरीक्षक, बेसिक शिक्षा अधिकारी, जिला समाज कल्याण अधिकारी, जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी और जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी के नेतृत्व में गठित होगा, जिसमें चार सदस्य और भी रखे जाएंगे।

परिषद स्तर पर सचल दल परिषद के चेयरमैन के अनुमोदन से रजिस्ट्रार के नेतृत्व में गठित होगा जो परीक्षा केंद्रों का भ्रमण करेंगे, कि परीक्षा संचालन में कोई कमी तो नहीं है। निदेशालय स्तर पर तैनात संयुक्त निदेशकों एवं सहायक निदेशक के नेतृत्व में निदेशक अल्पसंख्यक कल्याण के द्वारा सचल दस्ता गठित होगा। यह प्रदेश के विभिन्न परीक्षा केंद्रों का भ्रमण करेगा।

पुरूष सदस्य नहीं लेंगे बालिका की तलाशी

प्रमुख सचिव ने स्पष्ट किया है कि सचल/निरीक्षण दल में शामिल कोई भी पुरूष सदस्य की ओर से बालिका परीक्षार्थी की तलाशी नहीं ली जाएगी। सचल दल की महिला सदस्य की तलाशी लेगी। परीक्षा केंद्रों पर महिला कक्ष निरीक्षकों की भी व्यवस्था की जाए।

हर केंद्र पर सशस्त्र गार्ड का आदेश

जिला प्रशासन की ओर से प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर प्रश्नपत्रों की सुरक्षा के लिए कम से कम दो सशस्त्र सुरक्षा गार्ड की व्यवस्था की जाएगी। ऐसे आदेश प्रमुख सचिव की ओर से दिए गए हैं।

परीक्षा केंद्र के लिए इन काॅलेजों की गई सूची

‘‘ कन्नौज क्षेत्र से चार, तिर्वा से तीन, सौरिख से दो, छिबरामऊ से तीन, गुरसहायगंज से पांच, तालग्राम और जलालाबाद ब्लाॅक क्षेत्र से एक-एक परीक्षा केंद्र बनाया गया है।’’ जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी पवन कुमार सिंह ने बताया।

First Published: 2018-03-14 18:01:06.0

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