यूपी में 24 नवंबर तक साढ़े 8 लाख मीट्रिक टन धान की खरीद, सीएम बोले-हर हाल में 72 घंटे के अंदर हो किसानों को भुगतान

उत्तर प्रदेश में न्यूनतम समर्थन मूल्य पर 24 नवंबर तक 122906 किसानों से 8.47 लाख मीट्रिक टन धान खरीदा गया है, जिसके बदले किसानों के खातों में 1646.03 करोड़ रुपए भेजे जा चुके हैं। धान खरीद की समीक्षा बैठक में सीएम योगी अधिकारियों से कहा कि हर हाल में किसानों को 72 घंटे के अंदर भुगतान किया जाए।

यूपी में 24 नवंबर तक साढ़े 8 लाख मीट्रिक टन धान की खरीद, सीएम बोले-हर हाल में 72 घंटे के अंदर हो किसानों को भुगतानउत्तर प्रदेश में 24 नवंबर तक धान खरीद। 

लखनऊ (उत्तर प्रदेश)। किसानों से एमएसपी पर धान खरीद की समीक्षा करते मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को आदेश किया है कि जिन किसानों से धान खरीदा जा रहा है उनका हर हाल में 72 घंटे के अंदर भुगतान कराया जाए। उन्होंने कहा कि धान खरीद में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दास्त नहीं की जाएगी। खाद्य एवं रसद विभाग आंकड़ों के अनुसार एक अक्टूबर से जारी धान की खरीद में 24 नवंबर तक 4251 खरीद केंद्रों के जरिए 8.47 लाख मीट्रिक टन धान खरीदा जा चुका है।

उत्तर प्रदेश में शुरुआती ढिलाई के बाद धान की खरीद अब रफ्तार पकड़ रही है। मंगलवार को लखनऊ धान खरीद को लेकर उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि किसानों से ज्यादा से ज्यादा धान खरीदने और उनकी सुविधा के लिए पिछले साल के 4231 खरीद केंद्रों से 139 ज्यादा 4370 केंद्र बनाए गए हैं, जिनमें से 4249 केंद्र संचालित हैं। पिछले साल 68 जिलों में धान खरीद हुई थी जबकि इस वर्ष 72 जिलों से एमएसपी पर धान खरीदा जा रहा है।

अधिकारियों ने समीक्षा बैठक में बताया कि धान खरीद वर्ष 2021-22 में 23 नवंबर तक 1461 करोड़ 09 लाख रुपए मूल्य के 7.52 लाख मीट्रिक टन धान की खरीद की जा चुकी थी। पहली बार धान के मूल्य का भुगतान किसानों के आधार लिंक्ड बैंक खाते में पीएफएमएस से खाते सत्यापित कराते हुए कराया जा रहा है। अब तक किसानों को 808 करोड़ 56 लाख रुपए की धनराशि का भुगतान किया जा चुका है। किसानों के पंजीकरण में उनके आधार में अंकित नाम का खतौनी में अंकित नाम से मिलान कराते हुए सत्यापन कराया जा रहा है। धान खरीद की सम्पूर्ण प्रक्रिया ऑनलाइन है। 100 कुन्तल तक की धान की उपज को राजस्व विभाग के सत्यापन से छूट प्रदान की गयी है।


इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि मूल्य समर्थन योजना के तहत धान खरीद प्रक्रिया में कोई ढिलाई नहीं होनी चाहिए। सरकार के लिए किसानों का हित सर्वोपरि है। इसलिए खरीद प्रक्रिया में किसी भी स्तर पर लापरवारी बर्दास्त नहीं की जाएगी और सभी केंद्रों पर खरीद पूरी पारदर्शिता से होनी चाहिए। सीएम ने कहा सभी जिलाधिकारी अपने जनपद के क्रय केन्द्रों का नियमित निरीक्षण करें और धान खरीद कार्य का सुचारु संचालन सुनिश्चित कराएं। नोडल अधिकारी पूरी तरह सक्रिय रहें। मण्डलायुक्त अपने मण्डल के जनपदों के भ्रमण के दौरान धान क्रय केन्द्रों का अनिवार्य रूप से निरीक्षण करें तथा वहां मौजूद किसानों से संवाद स्थापित करते हुए धान खरीद प्रक्रिया के सम्बन्ध में फीडबैक भी लें। शासन स्तर पर वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा धान क्रय प्रक्रिया की मॉनीटरिंग होनी चाहिए । उन्होंने कहा कि किसानों के हितों को अनदेखी करने वालों की जवाबदेही तय करते हुए ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्यवाही की जाएगी।

खरीद वर्ष (KMS) 2021-22 में किसानों धान खरीद प्रक्रिया में कई बदलाव लाते हुए सरकार ने कई नए प्रयोग भी किए हैं। ई-पॉप मशीन से जारिए आधार से प्रमाणीकरण करते हुए खरीद और पीएफएमएस से खातों को सत्यापित करते हुए भुगतान शामिल है। मौलिक किसानों को ही उनका हक मिले और दूसरे के जमीन के पेपर के जरिए खरीद न हो इसके लिए क्रय केन्द्रों पर ई-पॉप डिवाइस पर लाभार्थी किसान तथा क्रय केन्द्र प्रभारी का अंगूठा लगाकर आधार प्रमाणीकरण कराते हुए खरीद की व्यवस्था की गयी है।

राइस मिलों के ऑनलाइन पंजीकरण तथा सत्यापन की सम्पूर्ण प्रक्रिया को ऑनलाइन किया गया है। राइस मिलों की हलिंग क्षमता के अनुसार ही धान डिलीवरी कराने की ऑनलाइन व्यवस्था है। राइस मिल द्वारा धान की ऑनलाइन प्राप्ति अपनी डीएससी के माध्यम से ही की जा रही है। धान की कुटाई के लिए अब तक 1,265 चावल मिलों के आवेदन ऑनलाइन प्राप्त हुए हैं, जिसमें से 1,063 चावल मिलों का सत्यापन पूर्ण हो गया है।

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