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गोरखपुर में 154 करोड़ की लागत वाले सैनिक स्कूल की रखी गई आधारशिला

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर में 187 करोड़ रुपए की 16 योजनाओं शिलान्यास करते हुए कहा कि अक्टूबर तक निर्माणाधीन फर्टिलाइजर कारखाना जनता को समर्पित किया जाएगा। इसी परिसर की 50 एकड़ भूमि में सैनिक स्कूल बन रहा है।

गोरखपुर में 154 करोड़ की लागत वाले सैनिक स्कूल की रखी गई आधारशिला

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और डिप्टी सीएम डॉ. दिनेश शर्मा ने गोरखपुर में 187.50 करोड़ रुपए की 16 योजनाओं का किया शिलान्यास।

गोरखपुर/लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को गोरखपुर के फर्टिलाइजर कारखाना परिसर में कुल 187.50 करोड़ रुपये लागत की कुल 16 परियोजनाओं का शिलान्यास किया। इसमें 154 करोड़ रुपये की लागत से 50 एकड़ भूमि पर स्थापित होने वाले उत्तर प्रदेश सैनिक स्कूल का शिलान्यास और 15 अन्य परियोजनाएं शामिल हैं। इसमें विभिन्न विकास खण्डों के कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय परिसर में प्रस्तावित छात्रावास एवं चौरी-चौरा विधानसभा क्षेत्र में मिनी ऑडिटोरियम का शिलान्यास भी शामिल है।

गोरखपुर में चिलुआताल को पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने के लिए जिन 10 काश्तकारों की जमीन ली गई हैं उन्हें चेक भी दिए गए। इस दौरान सीएम ने कहा कि 26 वर्षों से यह खाद कारखाना बंद था। इसका कोई पुरसां हाल नहीं था। केन्द्र में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सरकार बनने के बाद प्रदेश में रुके हुए सभी विकास कार्यक्रमों को आगे बढ़ाया गया। आज उसी कार्यक्रम की श्रृंखला में खाद कारखाना बन रहा है और अक्टूबर माह के अन्त में इसे जनता को समर्पित किया जाएगा। फर्टिलाइजर कारखाना परिसर में ही एक सैनिक स्कूल का शिलान्यास किया जा रहा है।

फर्टीलाइजर कारखाना परिसर में सैनिक स्कूल की आधारशिला रखते सीएम योगी।


'लखनऊ में बना था देश का पहला सैनिक स्कूल'

सीएम ने कहा कि सैनिक स्कूल यहां पर होगा, यह बड़ी उपलब्धि होगी। हमारी जो पीढ़ी यहां पर पढ़ेगी, वह अनुशासित पीढ़ी होगी। उसे देश के अन्दर सेना सहित विभिन्न क्षेत्रों में भी उच्च पदों पर सेवा करने का अवसर प्राप्त होगा। उन्होंने कहा कि देश का पहला सैनिक स्कूल सन् 1960 में लखनऊ में स्थापित हुआ था। लखनऊ के सैनिक स्कूल में ही परमवीर चक्र विजेता कैप्टन मनोज पाण्डेय को भी प्रशिक्षण दिया गया था। उन्होंने अपने शौर्य का परिचय देते हुए कारगिल युद्ध में भारत को विजय दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभायी थी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2021-22 में केन्द्र सरकार के बजट में भी इस बात का प्राविधान किया गया है कि देश के अन्दर 100 नये सैनिक स्कूल खोलने के लिए भारत सरकार कार्य करेगी। यह भारत के युवाओं को उच्चस्तरीय और आधुनिकतम शिक्षा देने और सैनिक गतिविधियों के साथ जोड़ने का एक अभिनव प्रयास होगा, जिसके लिए वे प्रधानमंत्री के हृदय से आभारी हैं। उन्होंने कहा कि हर कमिश्नरी मुख्यालय पर एक सैनिक स्कूल की स्थापना करने की कार्यवाही को आगे बढ़ाया जायेगा।

बहुउद्देशीय सुविधाओं से लैस होंगे सैनिक स्कूल

सैनिक स्कूल में तमाम प्रकार की अत्याधुनिक सुविधाएं प्राप्त होंगी। यहां पर एकेडमिक ब्लॉक होगा। प्रशासनिक भवन होगा, छात्रावास, खेल का मैदान होगा। इसके अलावा यहां अत्याधुनिक प्रयोगशालाएं होंगी, हाईटेक कम्प्यूटर लैब स्थापित की जाएगी। बहुउद्देशीय हॉल होंगे तथा एडमिनिस्ट्रेटिव स्टाफ का आवश्यक प्रशिक्षण होगा। उन्होंने कहा कि सैनिक स्कूल को बास्केट बॉल, वॉलीबॉल, फुटबॉल, टेनिस कोर्ट, घुड़सवारी, शूटिंग रेन्ज, अत्याधुनिक व्यायामशाला के साथ-साथ सोलर लाइटिंग सिस्टम के साथ इसको जोड़ने की कार्यवाही होगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास का कोई विकल्प नहीं होता और इसीलिए सरकार ने कोरोना महामारी से जूझते हुए भी इन सभी गतिविधियों को निरन्तरता प्रदान की। इस निरन्तरता को आगे बढ़ाने की दिशा में जो प्रयास प्रारम्भ हुए हैं, इसके माध्यम से एक-एक नागरिक के जीवन में खुशहाली लाने और इस क्षेत्र में सर्वांगीण विकास की आधारशिला को आगे बढ़ाने का कार्य हो रहा है।

फर्टिलाइजर कारखाना परिसर में सैनिक स्कूल के साथ-साथ महिला पीएसी बटालियन, पुलिस ट्रेनिंग स्कूल एवं एसएसबी के लिए भी स्थान दिया गया है। साथ ही, प्रदेश सरकार इसी परिसर में एक स्किल डेवलपमेन्ट का बड़ा केन्द्र भी खोलेगी, जिससे युवा प्रशिक्षण प्राप्त करके रोजगार पा सकेंगे।

जिन जनपदों में मेडिकल कॉलेज नहीं वहां पीपीपी मॉडल पर बनाए जाएंगे कॉलेज

उन्होंने कहा कि गोरखपुर में एम्स के निर्माण से पूर्वान्चल में विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सेवाएं भी मिलेंगी। विभिन्न जनपदों में मेडिकल कॉलेज का निर्माण हो रहा है। जिन जनपदों में मेडिकल कॉलेज नहीं है, वहां पर पीपीपी मॉडल पर मेडिकल कालेज बनाये जायेंगे।



गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस-वे रोकेगा पूर्वांचल से पलायन

मुख्यमंत्री ने कहा कि गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस-वे अर्थव्यवस्था को मजबूत करेगा। नौजवानों का पलायन रुकेगा, युवाओं को रोजगार/नौकरी मिलेगी। इसी उद्देश्य से पूर्वान्चल एकसप्रेस-वे, बुन्देलखण्ड एक्सप्रेस-वे, गंगा एक्सप्रेस-वे, गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस-वे आदि के किनारों पर औद्योगिक क्लस्टर विकसित किये जायेंगे। उन्होंने कहा कि विगत साढ़े चार सालों में साढ़े चार लाख लोगों को सरकारी नौकरी मिली है, जिसमें 1 लाख 20 हजार से अधिक युवा बेसिक शिक्षा विभाग में एवं 01 लाख से अधिक युवा पुलिस विभाग में भर्ती किये गये हैं।

मुख्यमंत्री ने कोरोना में अपनों को खोने वालों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि कोरोना में निराश्रित हुए बच्चों के भरण-पोषण, शिक्षा व सुरक्षा के लिए मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना को शुरू किया है। निराश्रित हुई माताओं व बहनों के लिए इसी तर्ज पर अतिशीघ्र योजना लायी जायेगी।

इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने अपने सम्बोधन में कहा कि पूरा उत्तर प्रदेश बदल रहा है। माध्यमिक शिक्षा के इतिहास में पहली बार आमूल-चूल परिवर्तन हुआ है। शिक्षा व्यवस्था को पारदर्शी एवं चुस्त-दुरुस्त बनाया गया है। परिषदीय विद्यालयों में पढ़ रहे बच्चों को ड्रेस, जूता, मोजा, स्वेटर, बैग, पुस्तक निःशुल्क देने का कार्य प्रदेश सरकार ने किया है। प्रदेश में नकलविहीन परीक्षाएं सम्पन्न हो रही हैं, इसके लिए सभी विद्यालयों में सीसीटीवी कैमरे लगाये गये हैं। युवाओं को रोजगारपरक शिक्षा से जोड़ने का कार्य किया गया है।

उन्होंने कहा कि 154 करोड़ रुपये की लागत से 50 एकड़ भूमि पर सैनिक स्कूल का शिलान्यास हुआ है। यह प्रदेश का पांचवां सैनिक स्कूल होगा। उन्होंने कहा कि शिक्षा मे आमूल-चूल परिवर्तन के साथ-साथ प्रदेश सरकार ने 215 माध्यमिक विद्यालयों का निर्माण कराया है। साथ ही 06 विश्वविद्यालय भी बन रहे हैं।

इस अवसर पर सांसद रविकिशन शुक्ल, नगर विधायक डा. राधामोहन दास अग्रवाल, समाज कल्याण मंत्री रमापति शास्त्री, महापौर सीता राम जायसवाल, जनप्रतिनिधिगण, अपर मुख्य सचिव माध्यमिक शिक्षा आराधना शुक्ला, मण्डलायुक्त रवि कुमार एनजी, जिलाधिकारी के. विजयेन्द्र पाण्डियन सहित शासन-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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