सिद्धार्थनगर में बाढ़ के बीच जाकर मुख्यमंत्री योगी ने समझा पीड़ितों का दर्द

Sujeet AgrihariSujeet Agrihari   18 Aug 2017 9:51 PM GMT

सिद्धार्थनगर में बाढ़ के बीच जाकर मुख्यमंत्री योगी  ने समझा पीड़ितों का दर्दबाढ़ प्रभावित क्षेत्र का दौरा करते मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ।

सिद्धार्थनगर। तराई बेल्ट सिद्धार्थनगर में बाढ़ पीड़ितों से मिलने पहुंचे सीएम योगी आदित्यनाथ को देख लोगों का दर्द झलक पड़ा और आंखों में आंसू आ गए। योगी ने उन्हें संभव मदद का भरोसा दिलाया। सीएम ने बाढ़ प्रभावित गाँवों में हेलीकॉप्टर से लंच पैकेट पहुंचाने का आदेश देते हुए लापरवाही करने वालों को गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी। योगी ने दस पीड़ितों को राहत सामग्री बांटी और मोटर बोट से गाँवों का मुआयना कर लोगों का दर्द साझा किया।

दरअसल मूसलाधार बारिश और नेपाल से पानी आने से सिद्धार्थनगर पूरी तरह से जलमग्न है। शोहरतगढ़ तहसील क्षेत्र के 84 गाँव पानी-पानी हैं तो 28 गाँव जलमग्न हो चुके हैं। शुक्रवार को सीएम योगी आदित्यनाथ ढेबरूआ क्षेत्र में पहुंचे। इस दौरान उन्होंने कहा, “बाढ़ पीड़ित लोगों को सांत्वना एवं सहानूभुति देने के लिए उपस्थित हूं। बाढ़ प्राकृति आपदा है, इससे मिलकर ही लड़ा जा सकता है। प्रशासन को जरा भी आशंका नहीं थी कि बाढ़ 19 वर्षों का रिकार्ड तोड़ते हुए इतना विकराल रूप धारण करेगी। जनपद सिद्धार्थनगर समेत 20 जिले बाढ़ से प्रभावित हैं। पीड़ितों की मदद के लिए सरकार हर संभव एवं राहत सामग्री संवेदनशीलता के साथ पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। पीड़ितों के साथ जरा भी लापरवाही अक्षम्य होगी।”

प्रशासन पीड़ितों के घरों तक राहत सामग्री पहुंचाए एवं जिला प्रशासनन मेरूंड गाँवों में एयर फोर्स के हेलीकाप्टर से लंच पैकेट एवं सामग्री पहुंचाने की व्यवस्था करे। पीड़ितों के मदद के लिए एनडीआरएफ की टीम को भी बुला लिया गया है। प्रशासन एक-एक परिवार तक बिना भेदभाव के राहत सामग्री पहुंचाए। सामग्री वितरण में कोताही नहीं होनी चाहिए, साथ ही जिनके कच्चे व झोपड़ी के मकान ढह गये हैं उन्हें प्रधानमंत्री आवास दिलाने का कोरम पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि बाढ़ के चलते फसल नष्ट हो गई है। प्रशासन सर्वेक्षण कराकर सितंबर-अक्टूबर तक मुआवजा राशि लोगों को दिलाने में सहयोग करे। मैं स्वयं और जिले का सांसद व विधायक इसकी मॉनीटरिंग करेंगे। स्वास्थ्य विभाग की टीम सक्रिय होकर कार्य करे।

योगी ने कहा कि जलमग्न गाँवों में क्लोरीन की गोली, छिड़काव व फॉगिंग की व्यवस्था के साथ पानी निकल जाने के बाद भी व्यवस्था को जारी रखें। शुद्ध पेयजल की भी व्यवस्था करायी जाए। डुमरियागंज, बांसी हवाई दौरे के बाद जिला मुख्यालय पर भी सीएम ने पीड़ितों के दर्द को साझा किया। मोटर बोट से निरीक्षण के दौरान सीएम ने खैरी शीलत प्रसाद, तौलिहवा, जुड़ीकुइया समेत आधा दर्जन गाँवों का मुआयना किए। इस दौरान गन्ना विकास मंत्री सुरेश राणा, सांसद जगदम्बिका पाल, विधायक चौधरी अमर सिंह आदि मौजूद थे।

पशुओं के लिए चारे की व्यवस्था

योगी ने बाढ़ पीड़ितों के मदद के साथ बाढ़ का दंश झेल रहे जानवरों के खाने के लिए प्रशासन से चारा उपलब्ध कराने को निर्देश दिया है। बाढ़ पीड़ितों के बीच बंट रहे 10 किलो चावल, 10 किलो आटा, 2 किलो दाल, 1 किलो नमक, 5 किलो आलू, मोमबत्ती व मिट्टी का तेल एक सप्ताह के लिए उपलब्ध कराया है। सप्ताह भर बाद पानी खत्म न होने पर सीएम ने दोबारा राहत सामग्री वितरण के लिए जिला प्रशासन को निर्देश दिया है।

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