घर पर पशु आहार बनाकर किसान कमा सकते हैं मुनाफा, देखिए वीडियो 

घर पर पशु आहार बनाकर किसान कमा सकते हैं मुनाफा, देखिए वीडियो फीड प्लेटिंग मशीन से बनता पैलेट फीड

मथुरा। खेती बाड़ी के साथ-साथ किसान पशुपालन से अपनी आय को बढ़ाने का प्रयास करता है। पशुओं को खिलाने के लिए किसान बाजार से पशु आहार खरीदता है। जो उसे काफी महंगा पड़ता है। एक तरीके से किसान पशु आहार पर होने वाला खर्च बचा सकता है साथ ही मुनाफा भी कमा सकता है।

किसानों को पशु आहार पर होने वाले खर्च को बचाने के साथ ही किसानों की आय में अतिरिक्त वद्धि कैसे हो इस बारे में केंद्रीय बकरी अनुसंधान केंद्र मथुरा (सीआईआरजी) के बकरी पोषण विभाग के वैज्ञानिक डॉ. रवींद्र कुमार बता रहे हैं। डॉ. रवींद्र कुमार बताते हैं, "पशु आहार पशुओं के स्वास्थ्य के लिए लाभकारी होता है। ज्यादातर किसान पशु आहार बाजार से लाते हैं जो काफी महंगा पड़ता है। किसान फीड प्लेटिंग मशीन लगाकर घर पर पैलेट फीड (पशु आहार) बना सकते हैं और बाजार में बेच कर मुनाफा भी कमा सकते हैं।"

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डॉ. रवींद्र कुमार आगे बताते हैं, "गाँव में किसान एक समूह बना कर फीड प्लेटिंग मशीन लगा सकते हैं। फीड प्लेटिंग मशीन एक दिन में 10 कुंतल पैलेट फीड तैयार करता है। किसानों का समूह पैलेट फीड को अपने पशुओं को खिलाने में प्रयोग करने के साथ-साथ बेच भी सकते हैं। जिससे अलग से मुनाफा कमा सकते हैं। फीड प्लेटिंग मशीन लगभग डेढ़ लाख की आती है इसलिए किसानों का एक समूह इसे ले सकता है। जिससे एक किसान पर भार भी नहीं पड़ता है। फीड प्लेटिंग मशीन का रख रखाव भी बड़ा सरल है। इस मशीन की डाइ 10 वर्ष एक बार बदलवानी पड़ती है। ये मशीन किसान पंजाब, इंदौर में आसानी से मिलती है।"

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एक घंटे में एक कुंतल पैलेट फीड का होता है प्रोडक्शन

फीड प्लेटिंग मशीन को एक दिन में 10 घंटे चलाया जा सकता है। प्रतिघंटे यह मशीन एक कुंतल पैलेट फीड का प्रोडक्शन करती है। यानी एक दिन में 10 कुंतल पैलेट फीड का उत्पादन होता है।

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इस तरह से बनता है पैलेट फीड

फीड प्लेटिंग मशीन से पैलेट फीड बनाने में 40 प्रतिशत दाना (मक्का, खली, चोकर, चूनी, नमक, मिनरल मिक्चर) और बाकी का 60 प्रतिशत सूखा चारा (भूसा, पैरा, सूखी पत्ती) होता है। दाने में 57 प्रतिशत मक्का, 20 प्रतिशत मूंगफली की खली, 20 प्रतिशत चोकर, 2 प्रतिशत मिनरल मिक्चर, 1 प्रतिशत नमक होना चाहिए। सूखे चारे में गेहूं का भूसा, सूखी पत्ती, धान का भूसा, उरद कर भूसा या अरहर का भूसा होना चाहिए।

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