इस दिन शुरू हो रहा है छठ महापर्व आप भी शामिल हो जाइए इस उत्सव में
Gaon Connection | Nov 04, 2024, 17:12 IST
देश ही नहीं विदेशों में भी छठ पूजा की धूम रहती है, नदी और तालाब के घाटों की सफाई शुरू हो गई है, परदेस में रहने वाले गाँव आ गए हैं।
chhat pooja
साल भर के इंतज़ार के बाद एक बार फिर छठ महापर्व 2024 आ गया है; बिहार, झारखंड और उत्तर प्रदेश में मनाए जाने वाले इस महापर्व की तैयारियाँ शुरू हो गईं हैं, चलिए जानते हैं इस बार कब से कब मनाया जाएगा ये महापर्व।
यह पर्व चार दिनों तक चलता है। पंचांग के अनुसार छठ पूजा का यह पावन पर्व हर साल कार्तिक मास में शुक्ल पक्ष की षष्ठी को मनाया जाता है। छठ सबसे कठिन व्रतों में से एक माना जाता है। 36 घंटों तक कठिन नियमों का पालन करते हुए इस व्रत को रखा जाता है।
इस साल छठ पूजा 7 नवंबर को 12 बजकर 40 मिनट से शुरू हो रही है। कार्तिक मास की षष्ठी तिथि के साथ छठ पूजा का अवसर शुरू होता है।
जैसा कि भारतीय त्योहारों के साथ होता है, छठ का चार दिवसीय त्योहार भी कई तरह के स्वादिष्ट व्यंजनों के साथ आता है – ठेकुआ, कोहड़ा की सब्जी, चना दाल कद्दू, ओल (सूरन) की चटनी, पकौड़े। छठ महापर्व में बनने वाले ज्यादातर परंपरागत व्यंजन पूरी तरह से सात्विक तरीके से बनते हैं, यानी इसमें प्याज और लहसुन का इस्तेमाल नहीं होता है।
इस साल छठ पूजा 5 नवंबर नहाय-खाय से शुरू हो रही है। इस दिन घर का शुद्धिकरण किया जाता है। इसके बाद छठ व्रती स्नान कर शुद्ध सात्विक भोजन ग्रहण कर अपना व्रत शुरू करते हैं। नहाय-खाय में व्रती चावल के साथ लौकी की सब्जी, छोले और मूली जैसे आदि व्यंजनों का सेवन करते हैं। उपवास करने वाले व्यक्ति के भोजन करने के बाद ही परिवार के बाकी सदस्य इस महाप्रसाद का सेवन करते हैं।
यह पर्व चार दिनों तक चलता है। पंचांग के अनुसार छठ पूजा का यह पावन पर्व हर साल कार्तिक मास में शुक्ल पक्ष की षष्ठी को मनाया जाता है। छठ सबसे कठिन व्रतों में से एक माना जाता है। 36 घंटों तक कठिन नियमों का पालन करते हुए इस व्रत को रखा जाता है।
छठ पूजा का व्रत रखने वाले लोग चौबीस घंटो से अधिक समय तक निर्जल उपवास रखते हैं। छठ पर्व का मुख्य व्रत षष्ठी तिथि को रखा जाता है, लेकिन यह पर्व चतुर्थी से आरंभ होकर सप्तमी तिथि को सुबह सूर्योदय के समय अर्घ्य देने के बाद खत्म होता है।
इस साल छठ पूजा 7 नवंबर को 12 बजकर 40 मिनट से शुरू हो रही है। कार्तिक मास की षष्ठी तिथि के साथ छठ पूजा का अवसर शुरू होता है।
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इस साल छठ पूजा 5 नवंबर नहाय-खाय से शुरू हो रही है। इस दिन घर का शुद्धिकरण किया जाता है। इसके बाद छठ व्रती स्नान कर शुद्ध सात्विक भोजन ग्रहण कर अपना व्रत शुरू करते हैं। नहाय-खाय में व्रती चावल के साथ लौकी की सब्जी, छोले और मूली जैसे आदि व्यंजनों का सेवन करते हैं। उपवास करने वाले व्यक्ति के भोजन करने के बाद ही परिवार के बाकी सदस्य इस महाप्रसाद का सेवन करते हैं।