इस मशीन को खेत में लगाने पर आसपास भी नहीं आएंगे नीलगाय-जंगली सुअर जैसे जानवर

इस मशीन को खेत में लगाने पर आसपास भी नहीं आएंगे नीलगाय-जंगली सुअर जैसे जानवरपशुओं से खेत को बनाने का तरीका।

लखनऊ। नीलगाय, जंगली सुअर समेत छुट्टा जानवर किसानों की फसल को बर्बाद कर देते हैं। छुट्टा जानवरों के आंतक से किसानों को निजात दिलाने के लिए गुजरात के किसान बचुभाई ठेसिया (65 वर्ष) ने झटका मशीन इजात की है। इस मशीन से पशु और व्यक्ति घायल भी नहीं होते और खेत की सुरक्षा भी होती है।

बचुभाई ठेसिया गुजरात के जामनगर जिले के कालावड तहसील में रहते हैं। किसान होने के साथ-साथ बचुभाई वैज्ञानिक है। बचुभाई ठेसिया बताते हैं, "छुट्टा जानवर हर राज्य के किसानों की समस्या है और अपनी फसलों को बचाने के लिए किसान सीधे बिजली के तारों में करंट दौड़ा देते हैं। जो कानूनी अपराध है। इससे व्यक्ति और पशु के मरने का खतरा रहता है। इस मशीन जानवरों को सिर्फ झटका लगता है और पशुओं को कोई नुकसान भी नहीं होता है। गुजरात के करीब 25 हजार किसान इसका इस्तेमाल कर रहे है।" देखिए वीडियो

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यह मशीन सोलर पैनल के जरिये चार्ज होती है। इस मशीन में डे नाईट मोड व ऑटोमेटिक मोड का भी ऑप्शन है। डे नाईट मोड के जरिए मशीन सिर्फ दो घंटे तारों में करेंट सप्लाई करेगी और अगर ऑटो मेटिक मोड़ पर है तो मशीन पूरे 24 घन्टे काम करेगी। यह मशीन खेत के चारों तरफ लगे तारों में नौ किलोवाट का करेंट दौड़ाती है।

कई उपकरणों के लिए बचुभाई को मिल चुका है सम्मान

खेती में प्रयोग होने वाले कई उपकरणों को बचुभाई ने बनाया है जिसके लिए डॉ. एपीजी अब्दुल कलाम, प्रतिभा पाटिल और कृषि मंत्री शरद पवार ने उनको सम्मानित भी किया है। बचुभाई बताते हैं, "खेती करने में जो-जो परेशानी आने लगी उसी के हल ढूंढ कर मैंने उपकरण बनाए हैं। एक मैंने खेत में पानी देने का मशीन बनाया है और 25 हजार का ट्रैक्टर बनाया है जो दो बैलों का काम कर सकता है। इसके अलावा झटका मशीन है जिसकों किसान प्रयोग कर रहे है।"

आधे खर्च में किसानों को मिल रहा है लाभ

मध्य प्रदेश के भोपाल जिले से 45 किलोमीटर दूर बैरसिया तहसील से तीन किलोमीटर दूर स्थित भोरासा गाँव के किसान कामरान खान इस मशीन का इस्तेमाल कर रहे है। कामरान खान बताते हैं, "अभी मैं 25 एकड़ ज़मीन में गेहूं, मक्का और चना की खेती कर रहा हूं। आवारा पशुओं के आंतक से हमारी लागत भी नहीं निकल पाती है। इस मशीन को लगाने से काफी फायदा हुआ और मेरे गाँव के आस-पास के किसानों ने भी इसको लगाया है।" कामरान आगे बताते हैं, "मैं पहले कटीले तारों का इस्तेमाल करता था दस एकड़ में कटीले तार लगवाने पर लगभग 136000 का खर्च आता था। लेकिन उसी स्थान पर इस मशीन को लगाने पर इसका लगभग आधा खर्च करना पड़ा है।"

किसान इस मशीन के लिए बचुभाई से संपर्क भी कर सकते हैं- 09375555883

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