अपने मोबाइल फोन की बैटरी से रहें सावधान

अपने मोबाइल फोन की बैटरी से रहें सावधानस्मार्ट फोन में इस्तेमाल होने वाली लिथियम आयन बैटरी हमारी सेहत के लिये खतरनाक है।

लखनऊ। आज स्मार्टफोन हमारी जरूरत बन चुका है ये जितनी तेजी से हमारी जरूरत बन रहा है उतनी ही तेजी से हमारे लिये खतरनाक भी साबित हो रहा है। स्मार्टफोन में इस्तेमाल होने वाली लीथियम आयन बैटरी हमारी सेहत के लिये खतरनाक है। आपको जानकर शायद हैरानी होगी कि आपके फोन की बैटरी में करीब 100 से ज्यादा हानिकारक गैस निकलती है। इनमें से एक है कार्बन मोनॉक्साइड जो ऑख और नाक में इरिटेशन पैदा करती है ये शरीर के साथ साथ प्रकृति के लिये भी हानिकारक है।

चीन के इंस्टीट्यूट ऑफ एनबीसी डिफेंस एंड सिन्गुहा यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं के अनुसार, अभी भी बहुत सारे लोग स्मार्टफोन के जरूरत से ज्यादा गर्म होने या खराब चार्जर से चार्ज करने के खतरों को लेकर अनजान हैं। इंस्टीट्यूट ऑफ एनबीसी डिफेंस के प्रोफेसर जी सन ने कहा, “आजकल दुनिया भर में लोग लीथियम ऑयन बैटरी का इस्तेमाल कर रहे हैं। ऐसे में उन्हें इसके खतरों के बारे में भी जानकारी होनी चाहिए।

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20 हजार बैटरियों पर किया गया शोध

स्टडी के लिये 20 हजार लीथियम आयन बैटरी को लिया गया। इनको आग पकड़ने के तापमान तक गर्म किया गया। इस दौरान बहुत सी बैटरी फट गई और उनमें जहरीली गैस निकलने लगी। शोध में एक चीज सामने आई कि बैटरी चार्जिंग के दौरान ओवरहीट होने के कारण फट सकती है। एक बात और सामने आई कि जब आप किसी बंद जगह पर हो और कार्बन मोनॉक्साइड गैस बैटरी से निकलती रहे तो यह घातक साबित हो सकती है।

कार्बन मोनॉक्साइड सबसे खतरनाक गैस

शोधकर्ताओं के मुताबिक आजकल दुनिया के कई देशों की सरकारें मोबाइल फोन से लेकर अन्य इलेक्ट्रानिक उपकरण में लीथियम बैटरियों का इस्तेमाल कर रही हैं। कोबाल्ट ऑक्साइड से बनी लीथियम बैटरी में एनर्जी डेन्सिटी ज्यादा होती है। आमतौर पर लीथियम बैटरी का उपयोग ज्यादा होता है। डॉक्टर सन के मुताबिक, " ये चिन्ता का विषय है कि लीथियम आयन बैटरी से खतरनाक गैस के रिसाव के बारे में अभी कोई कोई ठोस रिसर्च नहीं हुआ है"।

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ये गैसें इंसान के साथ-साथ पर्यावरण के लिये भी हानिकारक है। इन 100 गैसों में सबसे खतरनाक गैस कार्बन मोनॉक्साइड तो कम समय में ज्यादा खतरनाक साबित हो सकती है।अनुसंधानकर्ताओं के अनुसार बैटरी में विस्फोट होने के कारण कई कंपनियों को अपने उपकरणों को बाजार से वापस मंगवाना पड़ा है। डेल कंपनी ने बैटरी में विस्फोट की बढ़ती घटनाओं के मद्देनजर वर्ष 2006 में अपने लाखों लैपटॉप को बाजार से बाहर किया था। सैमसंग ने भी बैटरी में आग लगने की घटनाओं के कारण अपने लाखों सैमसंग ग्लैक्सी नोट-7 को बाजार से वापस मंगवाया ।

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