इस बैग में बिना किसी रसायन के दो साल तक सुरक्षित रहेगा अनाज

Divendra SinghDivendra Singh   27 Dec 2018 7:21 AM GMT

इस बैग में बिना किसी रसायन के दो साल तक सुरक्षित रहेगा अनाज

फसल कटाई के बाद सबसे जरूरी काम भंडारण का होता है, अनाज को सुरक्षित रखने के लिए कई बार किसान हानिकारक रसायनों और दवाओं का इस्तेमाल करते हैं। जिससे अनाज तो सुरक्षित हो जाता है, लेकिन ये नुकसानदायक होता है। किसान जूट के बैग्स में भंडारण करते हैं। ऐसे में किसान अगर इस बैग में अपने अनाज का भंडारण करता है तो बिना किसी केमिकल के दो साल तक अनाज सुरक्षित रह सकता है।

भण्डारण की सही जानकारी न होने से 10 से 15 फीसदी तक अनाज नमी, दीमक, घुन, बैक्टीरिया द्वारा नष्ट हो जाता है। सेव ग्रेन एडवांस्ड सॉल्यूशंस प्राईवेट लिमिटेड के बारे में कुशल शर्मा बताते हैं, "सेव ग्रेन बब एक मल्टीलेयर बैग होता है, जिसे बनाने में पॉलिमर यूज होता है, ये एक तरह का एल्यूमिनियम फ्वॉएल होता है, लेकिन एल्यूमिनियम फ्वॉएल महंगा होता है, लेकिन ये सस्ता होता है। इस बैग में दो साल तक बिना किसी केमिकल या दवाई रखे अनाज को सुरक्षित रखा जा सकता है।"

ये भी पढ़ें : पशुओं को खिलाइए ये घास, 20 से 25 प्रतिशत तक बढ़ जाएगा दूध उत्पादन


वो आगे बताते हैं, "ये पूरी तरह से आर्गेनिक स्टोरेज होता है, अभी ये ये तीन साइज के बैग हैं, इसमें 25, 50 और 100 किलो के बैग बनाए गए हैं। 50 किलो का बैग 70 रुपए में मिल जाता है।

किसानों के पास वैज्ञानिक तरीके से भंडारण की सुविधा उपलब्ध नहीं है, जिससे उपज की बिक्री में समस्या आती है। दूसरे बैग्स में रखने पर मात्रा और गुणवत्ता दोनो पर असर पड़ता है। इस बैग में अनाज, दालें, मेवा, कॉफी, मूंगफली, मसाले और आटा दो साल तक सुरक्षित रख सकते हैं।


ये भी पढ़ें : कीटनाशकों के छिड़काव के समय इन बातों का रखें ध्यान

ऐसे करें भंडारण

सबसे पहले एक जूट के बैग में सेव ग्रेन बैग को रखते हैं, उसके बाद उसमें अनाज को उस बोरे में रखते हैं। इसके बाद देखते हैं कि बैग से सारी हवा निकल जाए, इसके बाद सेव ग्रेन बैग को टाइट बांध दें, बस दो साल के लिए हो गया अनाज सुरक्षित।

अनाज को रखने के लिए गोदाम की सफाई कर दीमक और पुराने अवशेष आदि को बाहर निकालकर जलाकर नष्ट कर दें। दीवारों, फर्श और जमीन आदि में यदि दरार हों तो उन्हे सीमेंट, ईंट से बंद करे दें।

अनाजों को अच्छी तरह से साफ करके धूप में सुखा लेना चाहिए, जिससे दानों में 10 प्रतिशत से अधिक नमी न रहने पाए। धूप में सुखाने के बाद अनाज के ठंडा हो जाने के बाद ही उसे भण्डार में रखना चाहिए।

भण्डारण के लिए ऐसे भण्डार गृह का चयन करना चाहिए, जहां सीलन न हो और चूहों से अन्न का बचाव किया जा सके। भण्डार गृह हवादार होना चाहिए पर ये व्यवस्था भी हो कि ज़रूरत पड़ने पर हवा को रोका जा सके।

इस बैग की ज्यादा जानकारी के लिए संपर्क करेेंं..

कुशल शर्मा

+919816749976

More Stories


© 2019 All rights reserved.

Top