बेगूसराय में अभिनय की पाठशाला, जहां बच्चे सीखते हैं एक्टिंग

Divendra SinghDivendra Singh   20 April 2019 7:06 AM GMT

शिवानंद गिरी

कम्युनिटी जर्नलिस्ट

बेगूसराय (बिहार)। बेगूसराय जिला राजनीतिक, साहित्यिक और सांस्कृतिक रुप से पहचाना जाता है। इसी जिले में एक नई बात शुरू हुई है। यहां छोटे-छोटे बच्चों को अभिनय सिखाया जाता है।

इधर बिहार के रंगमंच फिजा में एक नाम का काफी चर्चा है वह है बेगूसराय का युवा कलाकार ऋषिकेश चर्चा होने का विषय भी है। जिले से सैकड़ों बच्चों को निशुल्क प्रशिक्षण प्रदान कर उसके बहुमुखी प्रतिभा का विकास कर रहे हैं। इसी कारण उन्हें इस बार बिहार का प्रतिष्ठित प्रवीण स्मृति रंगकर्म सम्मान भी मिला है।

ऋषिकेश को बचपन से ही रंग मंच की ओर लगाओ था और एक स्थानीय संस्था से जुड़कर व काफी अपनी प्रतिभा को निखारा बाद में मध्य प्रदेश नाटक अकादमी में चयन हो गया। वहीं से समाचार डिप्लोमा कर कर नाट्यशास्त्र में मिथिला विश्वविद्यालय से स्नातकोत्तर पास किया इसी दौरान उसे लगा कि बेगूसराय में रंगमंच की ओर लोगों का झुकाव कुछ कम होता जा रहा है।


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लिहाजा उसने सोचा क्यों ना बच्चों को अपने की ट्रेनिंग दी जाए ताकि रंग कर्मियों की एक नर्सरी तैयार हो जाए। इसी सोच के बाद उसने स्थानीय विद्यालयों के बच्चों को मुफ्त में ट्रेनिंग देना और फिर नाटकों का मंचन कराना शुरू कर दिया।

ऋषिकेश का यह प्रयास रंग लाने लगा और उसे काफी सराहना और सहयोग मिलने लगा प्रशिक्षण से उत्साहित ऋषिकेश जिले के विभिन्न सरकारी और गैर सरकारी 100 से ज्यादा विद्यालयों के 3000 से ज्यादा बच्चों को नाटक पेंटिंग सहित अन्य कला का प्रशिक्षण दे चुका है।

इनके द्वारा तैयार यह बाल रंगकर्मी जिला ही नहीं राज्य के विभिन्न नाट्य महोत्सव में अपने अभिनय से कई पुरस्कार प्राप्त कर चुके हैं। ऋषिकेश के इस काम के लिए जिला प्रशासन ने उसे कई बार 15 अगस्त 26 जनवरी बिहार दिवस समारोह में सम्मानित भी किया।

ऋषिकेश के इस गतिविधि को देख अब बिहार के बाहर भी सराहना मिलने लगी है और वह अन्य राज्यों में भी जाकर प्रशिक्षण देने लगे हैं। इस कार्य के लिए ऋषिकेश को कई सम्मान भी मिल चुके हैं जिसमें हाल ही में 8 अप्रैल को पटना के प्रेमचंद रंगशाला में प्रवीण स्मृति सम्मान भी शामिल है।

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