कॉलेज में दोस्तों की जाति के बारे में नहीं सोचते, लेकिन मतदान में जाति देखने लगते हैं : अदिति सिंह

मनीष मिश्रामनीष मिश्रा   11 April 2019 9:55 AM GMT

रायबरेली। "जब हम कॉलेज में होते हैं तो अपने दोस्तों के बारे में यह नहीं सोचते कि कौन किस जाति का है, लेकिन जब वोट देने की बारी आती है तो हम जाति देखने लगते हैं, आल इंडिया महिला कांग्रेस की महासचिव व युवा विधायक अदिति सिंह ने कहती हैं, "यूपी की राजनीति में जाति हावी है, अगर सबसे पहले कुछ सुधार हो तो जाति का फैक्टर हटे।"

अदिति सिंह कांग्रेस का युवा चेहरा हैं और प्रियंका और राहुल की युवा ब्रिगेड की खास हिस्सा हैं। विदेश से पढ़ाई खत्म करके सबसे कम उम्र में यूपी की रायबरेली सदर सीट से विधायक भी बनीं।

अदिति को सोशल मीडिया व अन्य साधनों के साथ ही जनता के बीच रहना पसंद है। वह बताती हैं, "जब विदेश से पढ़ के आई और राजनीति में उतरी तो मुझे भी डर था कि लोग क्या बोलेंगे, लेकिन जब लोगों के बीच गई तो सभी ने बहुत प्यार दिया," आगे कहती हैं, "आज की तारीख में लोग अच्छा जानकार नेता पसंद करते हैं। जो उनकी समस्याओं को दूर कर सके।"

पिछले पांच सालों से राजनीति में सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव को अदिति सिंह कुछ ऐसे समझाती हैं, "सोशल मीडिया के दो पहलू होते हैं, भयंकर ट्रोलिंग होती है, मेरी भी हुई, लेकिन वहीं दूसरा पक्ष है कि हम राजनेताओं को अपनी बात कहने का माध्यम मिल गया है। अहम किसी पर आश्रित नहीं हैं।"

वह आगे कहती हैं, "कल को कोई यह कहना चाहे कि यह नेता क्षेत्र में नहीं जाता, तो हमारे पास प्रूफ होता है (हंसते हुए)। युवाओं तक अपना मैसेज पहुंचाने का यह बहुत अच्छा माध्यम है।"


एक युवा नेता के तौर पर अदिति युवाओं को हर क्षेत्र में आगे रहने की वकालत के साथ मुफ्त में भत्ता आदि देने के वादे के भी खिलाफ हैं। लेकिन वह कांग्रेस की गरीबों को 72 हजार रूपये सालाना देने वाली स्कीम का पूरा समर्थन करती हैं।

"कुछ ऐसे लोग होते हैं कि अगर उन्हें मिल जाए तो उनकी गाड़ी चल जाती है। कोई ठेला लगा लेता है, कोई अपना रोजगार शुरू कर लेता है। राहुल गांधी जी छोटे और मध्यम व्यवसाय पर ज्यादा फोकस करते हैं," अदिति कहती हैं।

युवाओं को राजनीति में आने के बारे में आल इंडिया महिला कांग्रेस की महासचिव ने कहा, "हम लोगों को मौका मिला हमारे परिवार की वजह से, लेकिन फिर भी पार्टी ने हमारे ऊपर चांस लिया। लेकिन मैं चाहती हूं कि जिन युवकों की कोई राजनैतिक पृष्ठभूमि नहीं है नहीं है, उनको भी मौका मिले। युवा अधिक से अधिक राजनीति में आएं," आगे कहती हैं, "हमें युवाओं को उद्यमी बनाने, बिजनेस की सुविधा देने की जरूरत है। इंटरनेट ने बिजनेस के माहौल को बदल दिया है।"

कांग्रेस में प्रियंका गांधी के आने को अदिति कहती हैं, "प्रियंका जी के आने से काफी जोश आया है पार्टी में, लेकिन हमें कार्यकर्ता बढ़ाने होंगे।"

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