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"सोचा था अच्छी कमाई होगी, लेकिन अभी शिमला मिर्च और स्ट्रॉबेरी फेंकनी पड़ रही है"

Mohit SainiMohit Saini   7 May 2020 10:54 AM GMT

चंदौली (उत्तर प्रदेश)। जिस शिमला मिर्च और स्ट्रॉबेरी की खेती से अच्छी कमाई हो जाती है, इस बार कोई खरीददार ही मिल रहा है। अब मजबूरी में फसल बचाने के लिए तोड़कर फेंकना पड़ रहा है।

उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले से किसान सब्जियां यूपी ही नहीं बिहार के कई जिलों तक भी ले जाते हैं। लॉकडाउन होने की वजह से जनपद में सुबह 3:00 बजे करीब सब्जी मंडी तो खुल रही हैं लेकिन बाहरी व्यापारी ना आने से सब्जी के किसानों पर असर देखने को मिल रहा है। चंदौली जिले के मानिकपुर गाँव के किसान सुनील विश्राम ने इस बार मल्चिंग तकनीक से स्ट्रॉबेरी, तरबूज, शिमला मिर्च, टमाटर व स्ट्रॉबेरी की खेती है। लॉकडाउन की वजह से सब्जी बाहरी व्यापारी के ना आने की वजह से खेत में ही तोड़ कर फेंकने को मजबूर हैं जिससे आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है ।

सुनील विश्राम बताते हैं, "बाजार में शिमला मिर्च की मांग न होने से शिमला मिर्च की तोड़ाई का खर्च भी नहीं निकल पा रहा है। शिमला मिर्च लाल हो रही है, जिससे पौधों पर भी खतरनाक असर पड़ रहा है। इस बार तीन लाख का नुकसान हुआ है, सोचा था इस बार अच्छा मुनाफा कमा लेंगे लेकिन लॉकडाउन के चलते सभी काम पर असर पड़ा है लेकिन अगर किसान की बात करें तो, वह पूरा टूट चुका है क्यों कि किसान की कमाई फसल से ही निकलती हैं ।

सुनील विश्राम आगे बताते है की जनपद में टमाटर एक से दो रुपए किलो बिक रहा है। इसमें तो नुकसान पूरा ही पूरा है, क्या होगा किसानों का, तोड़कर फेंक रहे हैं खरीदने वाले ही नहीं आ पा रहे तो क्या करें थोड़ा बहुत लोग खेत से ही तोड़कर ले जाते हैं। गाँव के लोग भी ले जाते हैं।




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