By Girindranath Jha
राष्ट्रीय विज्ञान पुरस्कार 2025 समारोह में भारत ने वैज्ञानिक उत्कृष्टता, टीमवर्क और समाजोपयोगी नवाचार का उत्सव मनाया। मरणोपरांत विज्ञान रत्न से सम्मानित जयंत नारलिकर से लेकर पर्पल रिवोल्यूशन को गति देने वाले अरोमा मिशन तक, इस आयोजन ने दिखाया कि भारतीय विज्ञान किस तरह प्रयोगशाला से निकलकर आम लोगों के जीवन को बदल रहा है।
राष्ट्रीय विज्ञान पुरस्कार 2025 समारोह में भारत ने वैज्ञानिक उत्कृष्टता, टीमवर्क और समाजोपयोगी नवाचार का उत्सव मनाया। मरणोपरांत विज्ञान रत्न से सम्मानित जयंत नारलिकर से लेकर पर्पल रिवोल्यूशन को गति देने वाले अरोमा मिशन तक, इस आयोजन ने दिखाया कि भारतीय विज्ञान किस तरह प्रयोगशाला से निकलकर आम लोगों के जीवन को बदल रहा है।
By Girindranath Jha
रेणु की दुनिया हमें ऐसे रागों, रंगों, जीवन की सच्चाई से जोड़ती हैं जिसके बिना हमारे लिए यह दुनिया ही अधूरी है। अधूरे हम रह जाते हैं, अधूरे हमारे ख्वाब रह जाते हैं। रेणु की दुनिया में जहां प्रशांत है तो वहीं जित्तन भी है।
रेणु की दुनिया हमें ऐसे रागों, रंगों, जीवन की सच्चाई से जोड़ती हैं जिसके बिना हमारे लिए यह दुनिया ही अधूरी है। अधूरे हम रह जाते हैं, अधूरे हमारे ख्वाब रह जाते हैं। रेणु की दुनिया में जहां प्रशांत है तो वहीं जित्तन भी है।