सूअरों के आतंक से लोगों का जीना हराम
स्वयं प्रोजेक्ट डेस्क
लखनऊ। राजधानी के फैजुल्लागंज कॉलोनी में सूअर से लोग परेशान हैं। यहां आपको स्कूल ड्रेस में बच्चे, ऑफिस यूनिफार्म में पुरुष और महिलाएं डंडा लेकर सूअर हाँकते दिख जाएंगे। नगर निगम से लोगों ने शिकायत भी लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ।
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जिला मुख्यालय से महज़ आठ किलोमीटर दूर स्थित फैजुल्लागंज कॉलोनी में लोग सूअर से परेशान हैं। आये दिन ये जानवर सड़क पर तेजी से दौड़ कर वाहनों से टकरा जाते हैं। किसी के घर मे घुस जाते हैं। छोटे छोटे बच्चो को दौड़ाकर काट लेते हैं और उन्हें नाली में गिरा देते हैं। लखनऊ नगर निगम क्षेत्र में आने वाले फैजुल्लागंज प्रथम ,द्वितीय, तृतीय और चतुर्थ में गायत्री नगर ,प्रीति नगर,बसंत विहार, नॉबस्ता, श्रीनगर, प्रभात पुरम, कृष्णलोक, श्याम बिहार कॉलोनी सहित छोटे बड़े तीन दर्जन से ज्यादा कॉलोनियों हैं और यहां दो दो लाख के आसपास वोटर हैं।
गायत्री नगर निवासी उमेश सिंह (35 वर्ष) बताते हैं, “सूअरों के कारण जिंदगी नरक से बदतर हो गयी है। कई बार शिकायत की गई लेकिन कोई सुनने वाला नहीं है।” श्याम बिहार कॉलोनी निवासी सामाजिक कार्यकर्ता ममता त्रिपाठी का कहना है, “शिकायत और प्रदर्शन के बाद कई बार नगर निगम ने अभियान चलाकर सूअरों को पकडा लेकिन यह अभियान महज औपचारिक बनकर रह गया। ”
नगर निगम से नहीं डरते सूअर पालक
सूअर पालक को न तो नगर निगम का डर है न ही पुलिस का। कुछ साल पहले सूअर पालकों ने नगर निगम कर्मियों को भी पीट दिया था, जिसके कारण नगर निगम कर्मी भी इन पर कार्यवाही करने से कतराते हैं।
लखनऊ के कार्यवाहक मेयर सुरेश चंद्र अवस्थी ने बताया, "समस्या संज्ञान में है। ये समस्या दिन प्रतिदिन गंभीर होती जा रही है। फैजुल्लागंज के अतिरिक्त कई और सेक्टरों में य समस्या तेजी से बढ़ी है। जल्द ही इस समस्या से निजात के लिए कदम उठाए जाएंगे।”