पीरियड: इन लड़कियों के लिए कितना मुश्किल, कितना आसान
Jigyasa Mishra | Mar 23, 2019, 08:09 IST
निशा एक साल से उन्ही चार कपड़े के टुकड़ों से ही अपना गुज़ारा कर रही हैं जो उसकी मां ने उसे पहली बार माहवारी होने पर दिए थे और आज तक उसने सैनिटरी नैपकिन देखा भी नहीं। पूछे जाने पर कि वो नैपकिन इस्तेमाल करती हैं या नहीं, पहले निशा कुछ देर अपने दोस्तों का चेहरा देखती रही फिर बोली, "नेपकिन, वो क्या होता है?"
पीरियड: इन लड़कियों के लिए कितना मुश्किल