किसानों की आय दोगुनी करने के लिए केवीके को किया जाएगा विकसित:सूर्यप्रताप शाही

कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कृषि वैज्ञानिकों से अपने शोध पत्रों को शासन और कृषि निदेशालय के साथ-साथ जिलाधिकारियों को भी उपलब्ध करायें जाने को कहा।

किसानों की आय दोगुनी करने के लिए केवीके को किया जाएगा विकसित:सूर्यप्रताप शाही

लखनऊ। किसानों की आय दोगुनी करने के लिए प्रदेश में कृषि विज्ञान केंन्द्रों को 'भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद' के कृषि विज्ञान केन्द्रों की तरहं एक मॉडल के रूप में विकसित किया जाएगा ताकि किसान कृषि फसलों से अधिकतम उत्पादन कर सके।

उत्तर प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कृषि भवन सभागार में प्रदेश के कृषि विश्वविद्यालयों के अन्तर्गत स्थापित कृषि विज्ञान केन्द्रों के कार्यों की समीक्षा की। इस समीक्षा में कृषि वैज्ञानिकों से अपने शोध पत्रों को शासन और कृषि निदेशालय के साथ-साथ जिलाधिकारियों को भी उपलब्ध करायें जाने को कहा। ताकि इन शोध पत्रों के निष्कर्षों एंव परणामों से किसानों को अवगत कराया जा सके और किसान उससे अधिक से अधिक लाभ उठा सकें।

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जिलाधिकारियों को भी उपलब्ध कराये जाएंगे शोध पत्र

उन्होंने कुलपतियों से कहा कि "कृषि विज्ञान केन्द्रों को दिय गये बजट को किसी भी दशा में अन्य कार्यो के लिए डायवर्जन न करें और बजट का शत-प्रतिशत उपयोग करें। उन्होंने कहा कि कुलपति यह भी सुनिश्चित करें कि बजट में किसी भी तरहं से चोरी न की जा सके। उन्होंने कृषि की उन्नत तकनीकों को कृषकों तक तेज़ी से पहुंचाये जाने को कहा, जिससे किसानों की आय दोगुनी हो सके।

कृषि विज्ञान केन्द्रों को बनानी होगी बैलेन्सशीट और सम्पत्ति रजिस्टर

कृषि मंत्री ने निर्देश दिए कि "सभी कृषि विज्ञान केन्द्र अपनी बैलेन्सशीट तथा सम्पत्तियों का रजिस्टर बनायें, जिससे ये पता चल सके कि वे अपनी सम्पत्तियों पर भौतिक रूप से काबिज है या नहीं।" उन्होंने कृषि विज्ञान केन्द्रों की आवश्यकतानुसार जीर्णोधार और उनके रख-रखाव के लिए 10-10 लाख रुपये उपलब्ध कराये जाने के निर्देश दिये। कृषि मंत्री ने अधूरे पड़े कृषि विज्ञान केन्द्रों का निर्माण कार्यदायी संस्थाओं से जल्द ही पूर्ण कराये जाने को कहा।

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कृषि विज्ञान केन्द्रों को कृषि विभाग की वेबसाइट से जोड़ा जाएगा

कृषि प्रमुख सचिव अमित मोहन प्रसाद ने कृषि निदेशक से "सभी कृषि विज्ञान केन्द्रों की वेबसाइट को हाइपरलिंक के माध्यम से कृषि विभाग की वेबसाइट से जोड़ने के आदेश दिये।" इस तरहं सभी कृषि विज्ञान केन्द्रों मे चल रही गतिविधियों एवं वार्षिक कैलेनडर के बारे में आसानी से जानकारी प्राप्त की जा सकेगी जिससे किसान इससे अधिक से अधिक लाभ उठा सकें।

कृषि विश्वविद्यालयों में खाली है 40-50 प्रतिशत सीटें

कृषि सभा भवन में बताया गया की कृषि विश्वविद्यालयों में स्नातक एंव स्नाकोत्तर की कक्षाओं में प्रवेश के लिए 40-50 प्रतिशत सीटें अभी भी खाली हैं। इन सीटों को भरने के लिए दूसरी काउन्सलिंग 31 जुलाई को रखी गई है और तीसरी स्पेशल काउन्सलिंग 6,7 और 8 को रखी गई है जो फिज़िकल फॉम में कराई जाएगी।

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