हरियाणा में इस तारीख से पहले की धान की बुवाई तो कृषि विभाग खेत में चला देगा ट्रैक्टर, करनाल में 7 एकड़ पौध की नष्ट, जानें वजह

Umang | May 08, 2026, 12:57 IST
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करनाल में कृषि विभाग ने समय से पहले धान की खेती पर रोक लगा दी है। पुलिस की मौजूदगी में कई खेतों में लगी धान की पौध को नष्ट किया गया। प्रशासन का कहना है कि भूजल स्तर गिर रहा है। 15 मई से पहले पौध और 15 जून से पहले रोपाई पर प्रतिबंध है।
ट्रैक्टर चलाकर नष्ट की गई पौध
ट्रैक्टर चलाकर नष्ट की गई पौध
हरियाणा के करनाल में कृषि विभाग ने समय से पहले धान की पौध तैयार करने और लगाने वाले किसानों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। विभाग ने पुलिस की मौजूदगी में कई खेतों में लगी धान की पौध को ट्रैक्टर और स्प्रे मशीनों की मदद से नष्ट करवा दिया। प्रशासन का कहना है कि भूजल स्तर लगातार गिर रहा है इसलिए तय समय से पहले धान की खेती पर रोक लगाई गई है।

7 एकड़ से ज्यादा क्षेत्र में नष्ट की गई धान की पौध

कृषि विभाग की टीम ने करनाल के सगोहा गांव और आसपास के इलाकों में कार्रवाई करते हुए 7 एकड़ से ज्यादा क्षेत्र में लगी धान की पौध को नष्ट किया। विभाग के मुताबिक कुछ किसान समय से पहले धान की नर्सरी तैयार कर रहे थे और पौध बेचने का काम भी कर रहे थे। कार्रवाई के दौरान खेतों में ट्रैक्टर चलाकर और स्प्रे कर धान की पौध को खत्म किया गया। विभाग का कहना है कि समय से पहले धान की खेती से भूजल का अत्यधिक दोहन होता है, जिससे आने वाले समय में जल संकट और गहरा सकता है।

15 मई से पहले पौध और 15 जून से पहले रोपाई पर रोक

मौके पर पहुंचे कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि ‘सब-सॉयल वॉटर एक्ट 2009’ और कोर्ट के आदेशों के तहत कोई भी किसान 15 मई से पहले धान की पौध तैयार नहीं कर सकता। वहीं 15 जून से पहले खेतों में धान की रोपाई करने पर भी प्रतिबंध है। अधिकारियों ने कहा कि करनाल जिले में पहले से ही भूजल स्तर काफी नीचे जा चुका है और धान की फसल में सबसे ज्यादा पानी की जरूरत होती है। इसी वजह से सरकार किसानों को जागरूक करने के साथ-साथ नियमों का पालन भी सुनिश्चित करा रही है।

कृषि विभाग ने किसानों को दी चेतावनी

कृषि विभाग के अधिकारी अमरजीत सिंह ने कहा कि कई किसान अपने फायदे के लिए समय से पहले धान की पौध तैयार कर बेचते हैं और अपने खेतों में भी लगा देते हैं जो नियमों का सीधा उल्लंघन है। उन्होंने बताया कि कृषि उपनिदेशक डॉ. वजीर सिंह के निर्देश पर यह कार्रवाई की गई। उन्होंने किसानों से अपील करते हुए कहा कि कोई भी किसान तय समय से पहले धान की पौध तैयार न करे और न ही धान की बुवाई करे। विभाग का कहना है कि यह कदम आने वाली पीढ़ियों के लिए पानी बचाने की दिशा में जरूरी है।
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