‘गाँव कनेक्शन’ में डिप्टी न्यूज एडिटर के पद पर कार्यरत हैं उमंग शुक्ला वेबसाइट लीड की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। बिजनेस, पर्सनल फाइनेंस, सरकारी योजनाएं और कृषि विषय पर विशेषज्ञता रखते हैं। डिजिटल और प्रिंट पत्रकारिता में उन्हें 8 वर्षों से अधिक का अनुभव है।
‘गाँव कनेक्शन’ में डिप्टी न्यूज एडिटर के पद पर कार्यरत हैं उमंग शुक्ला वेबसाइट लीड की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। बिजनेस, पर्सनल फाइनेंस, सरकारी योजनाएं और कृषि विषय पर विशेषज्ञता रखते हैं। डिजिटल और प्रिंट पत्रकारिता में उन्हें 8 वर्षों से अधिक का अनुभव है।
By Umang
केंद्र सरकार ने ईंधन की जमाखोरी, कालाबाजारी और अनधिकृत खरीद-बिक्री पर रोक लगाने के लिए नए नियम लागू किए हैं। औद्योगिक, व्यावसायिक और संस्थागत उपभोक्ता अब सामान्य पेट्रोल पंपों से पेट्रोल-डीज़ल नहीं खरीद सकेंगे। सरकार का कहना है कि रिटेल और थोक कीमतों के अंतर का फायदा उठाकर हो रही बड़ी खरीद को रोकने और आपूर्ति व्यवस्था बनाए रखने के लिए यह कदम उठाया गया है। आइये जानते हैं कि एक ग्राहक या वाहन को एक दिन में अधिकतम कितना डीज़ल दिया जाएगा?
केंद्र सरकार ने ईंधन की जमाखोरी, कालाबाजारी और अनधिकृत खरीद-बिक्री पर रोक लगाने के लिए नए नियम लागू किए हैं। औद्योगिक, व्यावसायिक और संस्थागत उपभोक्ता अब सामान्य पेट्रोल पंपों से पेट्रोल-डीज़ल नहीं खरीद सकेंगे। सरकार का कहना है कि रिटेल और थोक कीमतों के अंतर का फायदा उठाकर हो रही बड़ी खरीद को रोकने और आपूर्ति व्यवस्था बनाए रखने के लिए यह कदम उठाया गया है। आइये जानते हैं कि एक ग्राहक या वाहन को एक दिन में अधिकतम कितना डीज़ल दिया जाएगा?
By Umang
केंद्र सरकार ने E22 से E30 इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल को केंद्रीय उत्पाद शुल्क और अन्य उपकरों से छूट दे दी है। यह कदम इथेनॉल मिश्रण बढ़ाने, तेल आयात पर निर्भरता घटाने और किसानों की आय बढ़ाने की रणनीति का हिस्सा है। आइए जानते हैं कि क्या आने वाले समय में पेट्रोल की कीमतें सस्ती हो सकती हैं?
केंद्र सरकार ने E22 से E30 इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल को केंद्रीय उत्पाद शुल्क और अन्य उपकरों से छूट दे दी है। यह कदम इथेनॉल मिश्रण बढ़ाने, तेल आयात पर निर्भरता घटाने और किसानों की आय बढ़ाने की रणनीति का हिस्सा है। आइए जानते हैं कि क्या आने वाले समय में पेट्रोल की कीमतें सस्ती हो सकती हैं?
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प्रशांत महासागर में अल नीनो के सक्रिय होने से दुनिया भर में सूखा, बाढ़, अत्यधिक गर्मी और मौसम में बड़े बदलाव की आशंका बढ़ गई है। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, 2023 के बाद यह पहला अल नीनो है। इसके प्रभाव से भारतीय मानसून, कृषि उत्पादन, खाद्य सुरक्षा और ऊर्जा क्षेत्र प्रभावित हो सकते हैं। विशेषज्ञों ने फसलों की पैदावार घटने की चेतावनी दी है।
प्रशांत महासागर में अल नीनो के सक्रिय होने से दुनिया भर में सूखा, बाढ़, अत्यधिक गर्मी और मौसम में बड़े बदलाव की आशंका बढ़ गई है। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, 2023 के बाद यह पहला अल नीनो है। इसके प्रभाव से भारतीय मानसून, कृषि उत्पादन, खाद्य सुरक्षा और ऊर्जा क्षेत्र प्रभावित हो सकते हैं। विशेषज्ञों ने फसलों की पैदावार घटने की चेतावनी दी है।
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यूरोपीय संघ (ईयू) ने भारत को बड़ी राहत देते हुए सितंबर 2026 के बाद भी मछली, जलीय कृषि उत्पाद, शहद और अंडों के निर्यात की अनुमति दे दी है। इससे भारतीय निर्यातकों को फायदा होगा और यूरोपीय बाजार में इन उत्पादों की बिक्री जारी रहेगी। खासतौर पर मत्स्य क्षेत्र को इससे बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है।
यूरोपीय संघ (ईयू) ने भारत को बड़ी राहत देते हुए सितंबर 2026 के बाद भी मछली, जलीय कृषि उत्पाद, शहद और अंडों के निर्यात की अनुमति दे दी है। इससे भारतीय निर्यातकों को फायदा होगा और यूरोपीय बाजार में इन उत्पादों की बिक्री जारी रहेगी। खासतौर पर मत्स्य क्षेत्र को इससे बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है।
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किसानों की आय बढ़ाने और पारंपरिक खेती के विकल्प उपलब्ध कराने के उद्देश्य से आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम में कम लागत वाली एक लाभकारी फसल की खेती, कटाई और प्रसंस्करण की जानकारी दी गई। अधिकारियों ने बताया कि करीब 20 हजार रुपये की लागत से एक एकड़ में खेती कर लगभग एक लाख रुपये तक की शुद्ध आय अर्जित की जा सकती है।
किसानों की आय बढ़ाने और पारंपरिक खेती के विकल्प उपलब्ध कराने के उद्देश्य से आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम में कम लागत वाली एक लाभकारी फसल की खेती, कटाई और प्रसंस्करण की जानकारी दी गई। अधिकारियों ने बताया कि करीब 20 हजार रुपये की लागत से एक एकड़ में खेती कर लगभग एक लाख रुपये तक की शुद्ध आय अर्जित की जा सकती है।
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भारत की BRICS अध्यक्षता के तहत मध्य प्रदेश के इंदौर में 9 से 13 जून तक BRICS कृषि मंत्रियों और कृषि कार्य समूह की अहम बैठक आयोजित होगी। 20 देशों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में खाद्य सुरक्षा, किसानों की आय बढ़ाने, कृषि व्यापार, जलवायु अनुकूल खेती और कृषि नवाचार जैसे मुद्दों पर मंथन होगा। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के अनुसार, सम्मेलन का मुख्य फोकस छोटे किसानों को सशक्त बनाने और टिकाऊ कृषि विकास को बढ़ावा देने पर रहेगा।
भारत की BRICS अध्यक्षता के तहत मध्य प्रदेश के इंदौर में 9 से 13 जून तक BRICS कृषि मंत्रियों और कृषि कार्य समूह की अहम बैठक आयोजित होगी। 20 देशों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में खाद्य सुरक्षा, किसानों की आय बढ़ाने, कृषि व्यापार, जलवायु अनुकूल खेती और कृषि नवाचार जैसे मुद्दों पर मंथन होगा। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के अनुसार, सम्मेलन का मुख्य फोकस छोटे किसानों को सशक्त बनाने और टिकाऊ कृषि विकास को बढ़ावा देने पर रहेगा।
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बढ़ती महंगाई के दौर में 50 लाख रुपये का फंड तैयार करना कई परिवारों का बड़ा वित्तीय लक्ष्य है। बच्चों की पढ़ाई, शादी, घर निर्माण या रिटायरमेंट जैसी जरूरतों के लिए SIP एक प्रभावी निवेश विकल्प बनकर उभरी है। इस लेख में बताया गया है कि 10, 15 और 20 वर्षों की अलग-अलग निवेश अवधि में कंपाउंडिंग की ताकत किस तरह काम करती है और समय बढ़ने के साथ बड़े वित्तीय लक्ष्य हासिल करना कितना आसान हो सकता है। SIP का यह गणित दिखाता है कि जल्दी निवेश शुरू करने वाले निवेशकों को लंबी अवधि में सबसे अधिक फायदा मिलता है।
बढ़ती महंगाई के दौर में 50 लाख रुपये का फंड तैयार करना कई परिवारों का बड़ा वित्तीय लक्ष्य है। बच्चों की पढ़ाई, शादी, घर निर्माण या रिटायरमेंट जैसी जरूरतों के लिए SIP एक प्रभावी निवेश विकल्प बनकर उभरी है। इस लेख में बताया गया है कि 10, 15 और 20 वर्षों की अलग-अलग निवेश अवधि में कंपाउंडिंग की ताकत किस तरह काम करती है और समय बढ़ने के साथ बड़े वित्तीय लक्ष्य हासिल करना कितना आसान हो सकता है। SIP का यह गणित दिखाता है कि जल्दी निवेश शुरू करने वाले निवेशकों को लंबी अवधि में सबसे अधिक फायदा मिलता है।
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खाद्य तेल खरीदने वालों के लिए बड़ी खबर है। केंद्र सरकार ने खाद्य तेलों के लिए फिर से स्टैंडर्ड पैक साइज लागू करने का फैसला किया है। अब 650 ग्राम, 810 ग्राम, 850 ग्राम और 870 ग्राम जैसे पैकेट धीरे-धीरे बाजार से गायब हो जाएंगे। सरकार का कहना है कि इससे उपभोक्ताओं को कीमतों की तुलना करने में आसानी होगी और भ्रम खत्म होगा। आइए जानते हैं कि अब सरसों, सोयाबीन, सूरजमुखी और पाम ऑयल समेत प्रमुख खाद्य तेल किन-किन पैक साइज में उपलब्ध होंगे।
खाद्य तेल खरीदने वालों के लिए बड़ी खबर है। केंद्र सरकार ने खाद्य तेलों के लिए फिर से स्टैंडर्ड पैक साइज लागू करने का फैसला किया है। अब 650 ग्राम, 810 ग्राम, 850 ग्राम और 870 ग्राम जैसे पैकेट धीरे-धीरे बाजार से गायब हो जाएंगे। सरकार का कहना है कि इससे उपभोक्ताओं को कीमतों की तुलना करने में आसानी होगी और भ्रम खत्म होगा। आइए जानते हैं कि अब सरसों, सोयाबीन, सूरजमुखी और पाम ऑयल समेत प्रमुख खाद्य तेल किन-किन पैक साइज में उपलब्ध होंगे।
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मुंबई में एक वड़ा पाव विक्रेता द्वारा अखबार में खाना परोसने का मामला सामने आने के बाद भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) ने देशभर के खाद्य कारोबारियों को चेतावनी जारी की है। प्राधिकरण ने कहा कि अखबार की स्याही में मौजूद रसायन और भारी धातुएं भोजन को दूषित कर सकती हैं जबकि अखबार संक्रमण फैलाने वाले बैक्टीरिया और रोगाणुओं के भी वाहक हो सकते हैं। एफएसएसएआई ने स्ट्रीट फूड विक्रेताओं, रेस्तरां, क्लाउड किचन और अन्य खाद्य प्रतिष्ठानों को अखबार के इस्तेमाल पर रोक लगाने तथा केवल फूड-ग्रेड पैकेजिंग सामग्री अपनाने का निर्देश दिया है।
मुंबई में एक वड़ा पाव विक्रेता द्वारा अखबार में खाना परोसने का मामला सामने आने के बाद भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) ने देशभर के खाद्य कारोबारियों को चेतावनी जारी की है। प्राधिकरण ने कहा कि अखबार की स्याही में मौजूद रसायन और भारी धातुएं भोजन को दूषित कर सकती हैं जबकि अखबार संक्रमण फैलाने वाले बैक्टीरिया और रोगाणुओं के भी वाहक हो सकते हैं। एफएसएसएआई ने स्ट्रीट फूड विक्रेताओं, रेस्तरां, क्लाउड किचन और अन्य खाद्य प्रतिष्ठानों को अखबार के इस्तेमाल पर रोक लगाने तथा केवल फूड-ग्रेड पैकेजिंग सामग्री अपनाने का निर्देश दिया है।
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केंद्र सरकार ने भारत के समुद्री खाद्य निर्यात को अगले पांच वर्षों में 8.5 अरब डॉलर से बढ़ाकर 30 अरब डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने गुणवत्ता, ब्रांडिंग और वैल्यू एडेड उत्पादों पर जोर देते हुए कहा कि भारत को वैश्विक सीफूड बाजार में बड़ी हिस्सेदारी हासिल करनी चाहिए। रिकॉर्ड 73,890 करोड़ रुपये के निर्यात के बाद अब उद्योग को नई ऊंचाइयों तक ले जाने की तैयारी है।
केंद्र सरकार ने भारत के समुद्री खाद्य निर्यात को अगले पांच वर्षों में 8.5 अरब डॉलर से बढ़ाकर 30 अरब डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने गुणवत्ता, ब्रांडिंग और वैल्यू एडेड उत्पादों पर जोर देते हुए कहा कि भारत को वैश्विक सीफूड बाजार में बड़ी हिस्सेदारी हासिल करनी चाहिए। रिकॉर्ड 73,890 करोड़ रुपये के निर्यात के बाद अब उद्योग को नई ऊंचाइयों तक ले जाने की तैयारी है।