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    ‘गाँव कनेक्शन’ में डिप्टी न्यूज एडिटर के पद पर कार्यरत हैं उमंग शुक्ला वेबसाइट लीड की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। बिजनेस, पर्सनल फाइनेंस, सरकारी योजनाएं और कृषि विषय पर विशेषज्ञता रखते हैं। डिजिटल और प्रिंट पत्रकारिता में उन्हें 8 वर्षों से अधिक का अनुभव है।

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    बाढ़ से टूटे नेपाल की अर्थव्यवस्था को दोबारा खड़ा करने की चुनौती! जानें भारत की मदद कहाँ-कहाँ आएगी काम और किन चीज़ों पर निर्भर है देश
    बाढ़ से टूटे नेपाल की अर्थव्यवस्था को दोबारा खड़ा करने की चुनौती! जानें भारत की मदद कहाँ-कहाँ आएगी काम और किन चीज़ों पर निर्भर है देश

    By Umang

    नेपाल में विनाशकारी बाढ़ ने गंभीर मानवीय और आर्थिक संकट खड़ा कर दिया है। देश को पुनर्निर्माण के लिए अरबों डॉलर की आवश्यकता है, जो उसकी अर्थव्यवस्था के लिए बड़ी चुनौती है। भारत नेपाल का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार और विदेशी निवेश का प्रमुख स्रोत है। भारत की मदद राहत सामग्री से लेकर बिजली और पेट्रोलियम आपूर्ति तक फैली हुई है।

    नेपाल में विनाशकारी बाढ़ ने गंभीर मानवीय और आर्थिक संकट खड़ा कर दिया है। देश को पुनर्निर्माण के लिए अरबों डॉलर की आवश्यकता है, जो उसकी अर्थव्यवस्था के लिए बड़ी चुनौती है। भारत नेपाल का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार और विदेशी निवेश का प्रमुख स्रोत है। भारत की मदद राहत सामग्री से लेकर बिजली और पेट्रोलियम आपूर्ति तक फैली हुई है।

    Ground Report: बाढ़ के बाद अपनों की तलाश में जुटे लोग, 'गाँव कनेक्शन' के कैमरे से देखें नेपाल में आई तबाही की तस्वीरें
    Ground Report: बाढ़ के बाद अपनों की तलाश में जुटे लोग, 'गाँव कनेक्शन' के कैमरे से देखें नेपाल में आई तबाही की तस्वीरें

    By Umang

    नेपाल में भोटे कोशी और त्रिशूली नदियों में आई भीषण बाढ़ ने जन जीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। कई घर नष्ट हो गए हैं और सड़कें भी मलबे में दब गई हैं, जिससे हजारों लोग बेघर हो गए हैं। राहत शिविरों में लोग अपने प्रियजनों की खोज में परेशान हैं, जबकि रेस्क्यू टीमें बचाव कार्य में जुटी हुई हैं।

    नेपाल में भोटे कोशी और त्रिशूली नदियों में आई भीषण बाढ़ ने जन जीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। कई घर नष्ट हो गए हैं और सड़कें भी मलबे में दब गई हैं, जिससे हजारों लोग बेघर हो गए हैं। राहत शिविरों में लोग अपने प्रियजनों की खोज में परेशान हैं, जबकि रेस्क्यू टीमें बचाव कार्य में जुटी हुई हैं।

    Nepal Floods: 'बाढ़ के बाद से बड़े पापा लापता हैं', छलका युवक का दर्द; ग्राउंड ज़ीरो से 'गाँव कनेक्शन' की रिपोर्ट
    Nepal Floods: 'बाढ़ के बाद से बड़े पापा लापता हैं', छलका युवक का दर्द; ग्राउंड ज़ीरो से 'गाँव कनेक्शन' की रिपोर्ट

    By Umang

    नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ ने बड़े पैमाने पर तबाही मचाई है। गाँव कनेक्शन की टीम ग्राउंड ज़ीरो पर मौजूद है। टीम ने त्रिशूली में बाढ़ प्रभावित लोगों से बात की, जिनके परिजन अब भी लापता हैं। विकास मल्ला नामक युवक ने बताया कि उसके बड़े पापा त्रिशूली हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट में काम करते थे और बाढ़ के बाद से उनका पता नहीं है। नेपाल में 626 मौतें और 2,426 लोग लापता बताए गए हैं।

    नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ ने बड़े पैमाने पर तबाही मचाई है। गाँव कनेक्शन की टीम ग्राउंड ज़ीरो पर मौजूद है। टीम ने त्रिशूली में बाढ़ प्रभावित लोगों से बात की, जिनके परिजन अब भी लापता हैं। विकास मल्ला नामक युवक ने बताया कि उसके बड़े पापा त्रिशूली हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट में काम करते थे और बाढ़ के बाद से उनका पता नहीं है। नेपाल में 626 मौतें और 2,426 लोग लापता बताए गए हैं।

    नेपाल में आए सैलाब से अब तक 626 मौतें, 3000 लोग लापता; उजड़े इलाक़ों को दोबारा बसाने के लिए 5 अरब डॉलर की ज़रूरत
    नेपाल में आए सैलाब से अब तक 626 मौतें, 3000 लोग लापता; उजड़े इलाक़ों को दोबारा बसाने के लिए 5 अरब डॉलर की ज़रूरत

    By Umang

    नेपाल-तिब्बत सीमा पर विनाशकारी बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है। इस आपदा में अब तक 626 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। नेपाल और तिब्बत में करीब 3,000 लोग लापता हैं और बचाव कार्य जारी है। बाढ़ से करीब 93,000 लोग प्रभावित हुए हैं और 3,700 से अधिक लोगों को बचाया गया है। पुनर्निर्माण के लिए देश को 5 अरब डॉलर तक की आवश्यकता पड़ सकती है।

    नेपाल-तिब्बत सीमा पर विनाशकारी बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है। इस आपदा में अब तक 626 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। नेपाल और तिब्बत में करीब 3,000 लोग लापता हैं और बचाव कार्य जारी है। बाढ़ से करीब 93,000 लोग प्रभावित हुए हैं और 3,700 से अधिक लोगों को बचाया गया है। पुनर्निर्माण के लिए देश को 5 अरब डॉलर तक की आवश्यकता पड़ सकती है।

    ग्लेशियर टूटने से फ्लैश फ्लड तक, नेपाल की तबाही की पूरी कहानी; जानें कैसे टूटा बर्फ़ का पहाड़
    ग्लेशियर टूटने से फ्लैश फ्लड तक, नेपाल की तबाही की पूरी कहानी; जानें कैसे टूटा बर्फ़ का पहाड़

    By Umang

    नेपाल में 26 अगस्त को चीन सीमा के पास ग्लेशियर का एक हिस्सा अचानक ढह गया। करीब 5,200 मीटर की ऊँचाई से गिरा बर्फ़, पानी और चट्टानों का मलबा लगभग 100 किलोमीटर तक बहा और इससे ट्रिशूली व भोटेकोशी नदियों के आसपास भारी तबाही हुई। USGS के मुताबिक़, घटना से 5.2 तीव्रता के भूकंप के बराबर कंपन पैदा हुआ, लेकिन इसका कारण भूकंप नहीं बल्कि ग्लेशियर का ढहना था।

    नेपाल में 26 अगस्त को चीन सीमा के पास ग्लेशियर का एक हिस्सा अचानक ढह गया। करीब 5,200 मीटर की ऊँचाई से गिरा बर्फ़, पानी और चट्टानों का मलबा लगभग 100 किलोमीटर तक बहा और इससे ट्रिशूली व भोटेकोशी नदियों के आसपास भारी तबाही हुई। USGS के मुताबिक़, घटना से 5.2 तीव्रता के भूकंप के बराबर कंपन पैदा हुआ, लेकिन इसका कारण भूकंप नहीं बल्कि ग्लेशियर का ढहना था।

    नेपाल में तबाही के बाद यूपी-बिहार पर बाढ़ का ख़तरा! नदियों और बैराजों की निगरानी तेज़; जानें किन इलाक़ों पर नज़र
    नेपाल में तबाही के बाद यूपी-बिहार पर बाढ़ का ख़तरा! नदियों और बैराजों की निगरानी तेज़; जानें किन इलाक़ों पर नज़र

    By Umang

    नेपाल में भयंकर बाढ़ और मड्स्लाइड की स्थिति ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। सीमावर्ती झील का ओवरफ्लो होने से फिर से बाढ़ आने का खतरा उत्पन्न हो गया है। भारत के सीमावर्ती राज्यों में नजर रखी जा रही है, और एनडीआरएफ की टीमें मदद के लिए तैयार हैं। बिहार में गंडक नदी का स्तर अभी नियंत्रण में है, लेकिन आठ जिलों में अलर्ट जारी किया गया है।

    नेपाल में भयंकर बाढ़ और मड्स्लाइड की स्थिति ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। सीमावर्ती झील का ओवरफ्लो होने से फिर से बाढ़ आने का खतरा उत्पन्न हो गया है। भारत के सीमावर्ती राज्यों में नजर रखी जा रही है, और एनडीआरएफ की टीमें मदद के लिए तैयार हैं। बिहार में गंडक नदी का स्तर अभी नियंत्रण में है, लेकिन आठ जिलों में अलर्ट जारी किया गया है।

    हफ्तेभर में 40% तक बढ़े प्याज़ के दाम,  पकौड़ी दुकानदार का हिसाब बिगड़ा, जानिए लागत बढ़ने के बाद भी क्यों नहीं बढ़ा सकता कीमतें
    हफ्तेभर में 40% तक बढ़े प्याज़ के दाम, पकौड़ी दुकानदार का हिसाब बिगड़ा, जानिए लागत बढ़ने के बाद भी क्यों नहीं बढ़ा सकता कीमतें

    By Umang

    त्योहारी सीज़न से पहले प्याज़ की कीमतों में तेज़ बढ़ोतरी ने आम लोगों के साथ छोटे दुकानदारों और सब्ज़ी विक्रेताओं की परेशानी बढ़ा दी है। 21 अगस्त को देश में प्याज़ की औसत खुदरा कीमत 40.79 रुपये किलो रही, जो एक महीने पहले 34.87 रुपये थी। सालाना आधार पर कीमत 42 प्रतिशत से अधिक बढ़ी है। कई शहरों में भाव 50-60 रुपये किलो तक पहुँच गया है। देरी से हुई बुआई और नई फसल की आवक में कमी से कीमतों पर दबाव बढ़ा है।

    त्योहारी सीज़न से पहले प्याज़ की कीमतों में तेज़ बढ़ोतरी ने आम लोगों के साथ छोटे दुकानदारों और सब्ज़ी विक्रेताओं की परेशानी बढ़ा दी है। 21 अगस्त को देश में प्याज़ की औसत खुदरा कीमत 40.79 रुपये किलो रही, जो एक महीने पहले 34.87 रुपये थी। सालाना आधार पर कीमत 42 प्रतिशत से अधिक बढ़ी है। कई शहरों में भाव 50-60 रुपये किलो तक पहुँच गया है। देरी से हुई बुआई और नई फसल की आवक में कमी से कीमतों पर दबाव बढ़ा है।

    पाकिस्तान की उम्मीदों पर फिरा पानी! भारत ने चीनी खरीदने से किया इनकार; जारी रहेगा ट्रेड बैन
    पाकिस्तान की उम्मीदों पर फिरा पानी! भारत ने चीनी खरीदने से किया इनकार; जारी रहेगा ट्रेड बैन

    By Umang

    घरेलू बाज़ार में चीनी की कीमतों और सप्लाई को देखते हुए भारत ने 10 लाख टन कच्ची चीनी के ड्यूटी फ्री इंपोर्ट की अनुमति दी है, लेकिन पाकिस्तान को इसका लाभ नहीं मिलेगा। विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि पाकिस्तान के साथ मौजूदा ट्रेड रिस्ट्रिक्शन जारी रहेंगे। पाकिस्तान के चीनी उद्योग ने भारत को निर्यात की संभावना तलाशने की मांग की थी। भारत का कहना है कि चीनी की ज़रूरत होने पर ग्लोबल मार्केट में पर्याप्त विकल्प मौजूद हैं।

    घरेलू बाज़ार में चीनी की कीमतों और सप्लाई को देखते हुए भारत ने 10 लाख टन कच्ची चीनी के ड्यूटी फ्री इंपोर्ट की अनुमति दी है, लेकिन पाकिस्तान को इसका लाभ नहीं मिलेगा। विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि पाकिस्तान के साथ मौजूदा ट्रेड रिस्ट्रिक्शन जारी रहेंगे। पाकिस्तान के चीनी उद्योग ने भारत को निर्यात की संभावना तलाशने की मांग की थी। भारत का कहना है कि चीनी की ज़रूरत होने पर ग्लोबल मार्केट में पर्याप्त विकल्प मौजूद हैं।

    चीनी हुई महँगी तो सरकार ने खोला डयूटी फ्री आयात का रास्ता, 10 साल  बाद अब  विदेश से आएगी 10 लाख टन कच्ची चीनी
    चीनी हुई महँगी तो सरकार ने खोला डयूटी फ्री आयात का रास्ता, 10 साल बाद अब विदेश से आएगी 10 लाख टन कच्ची चीनी

    By Umang

    चीनी की बढ़ती कीमतों के बीच केंद्र सरकार ने 10 लाख टन कच्ची चीनी बिना आयात शुल्क के मंगाने की मंज़ूरी दी है। यह आयात 31 अक्टूबर 2026 तक किया जा सकेगा। दिल्ली में चीनी का भाव रिकॉर्ड 55.70 रुपये किलो पहुंचने के बाद यह फैसला लिया गया है। सरकार ने बड़े खरीदारों के लिए 15 दिन से ज्यादा का स्टॉक रखने पर भी रोक लगाई है। साथ ही चीनी मिलों को अक्टूबर से उत्पादन और बिक्री शुरू करने की अनुमति दी गई है।

    चीनी की बढ़ती कीमतों के बीच केंद्र सरकार ने 10 लाख टन कच्ची चीनी बिना आयात शुल्क के मंगाने की मंज़ूरी दी है। यह आयात 31 अक्टूबर 2026 तक किया जा सकेगा। दिल्ली में चीनी का भाव रिकॉर्ड 55.70 रुपये किलो पहुंचने के बाद यह फैसला लिया गया है। सरकार ने बड़े खरीदारों के लिए 15 दिन से ज्यादा का स्टॉक रखने पर भी रोक लगाई है। साथ ही चीनी मिलों को अक्टूबर से उत्पादन और बिक्री शुरू करने की अनुमति दी गई है।

    भारत को फल-सब्ज़ियाँ भेजने में अमेरिका नंबर-1, 10 साल में 114% बढ़ा आयात, जानें चीन की कितनी हिस्सेदारी
    भारत को फल-सब्ज़ियाँ भेजने में अमेरिका नंबर-1, 10 साल में 114% बढ़ा आयात, जानें चीन की कितनी हिस्सेदारी

    By Umang

    भारत में फल और सब्ज़ियों का आयात पिछले 10 वर्षों में तेज़ी से बढ़ा है। 2016-17 से 2025-26 के बीच आयात मूल्य 114% बढ़कर 3.82 अरब डॉलर और मात्रा 84% बढ़कर 20.66 लाख टन हो गई। अमेरिका भारत को फल-सब्ज़ियाँ निर्यात करने वाला सबसे बड़ा देश बन गया है, जबकि चीन से आयात करीब आधा रह गया और पाकिस्तान का निर्यात शून्य हो गया। दूसरी ओर, भारत का फल-सब्ज़ियों का निर्यात भी बढ़कर 3.93 अरब डॉलर हो गया है।

    भारत में फल और सब्ज़ियों का आयात पिछले 10 वर्षों में तेज़ी से बढ़ा है। 2016-17 से 2025-26 के बीच आयात मूल्य 114% बढ़कर 3.82 अरब डॉलर और मात्रा 84% बढ़कर 20.66 लाख टन हो गई। अमेरिका भारत को फल-सब्ज़ियाँ निर्यात करने वाला सबसे बड़ा देश बन गया है, जबकि चीन से आयात करीब आधा रह गया और पाकिस्तान का निर्यात शून्य हो गया। दूसरी ओर, भारत का फल-सब्ज़ियों का निर्यात भी बढ़कर 3.93 अरब डॉलर हो गया है।