बिहार के इन 23 जिलों में ड्रैगन फ्रूट की खेती के लिए सरकार देती है प्रति एकड़ ₹1.62 लाख की सब्सिडी, जानें कैसे और कहां कर सकते हैं आवेदन
Gaon Connection | Apr 20, 2026, 13:30 IST
बिहार में खेती को मुनाफे का सौदा बनाने के लिए सरकार ड्रैगन फ्रूट विकास योजना चला रही है। इस योजना से किसानों और युवाओं को नई तकनीक से खेती करने का मौका मिलेगा। 23 जिलों में ड्रैगन फ्रूट की खेती को बढ़ावा दिया जाएगा। सरकार किसानों को अनुदान भी देगी।
ड्रैगन फ्रूट
बिहार में खेती को मुनाफे का सौदा बनाने और युवाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए सरकार ने एक अहम पहल शुरू की है। ड्रैगन फ्रूट विकास योजना के जरिए किसानों और खासकर युवाओं को नई तकनीक और हाई-वैल्यू खेती की ओर आकर्षित किया जा रहा है। इस योजना के तहत किसानों को 5 एकड़ तक ड्रैगन फ्रूट की खेती पर अनुदान दिया जाएगा, जिससे कम जमीन में ज्यादा कमाई का रास्ता खुलेगा। ड्रैगन फ्रूट की बढ़ती मांग, इसकी पोषण क्षमता और बाजार में ऊंची कीमत इसे किसानों के लिए एक बेहतर विकल्प बना रही है। सरकार का मानना है कि इस फसल के जरिए न सिर्फ किसानों की आमदनी बढ़ेगी, बल्कि ग्रामीण स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।
ड्रैगन फ्रूट विकास योजना 2025-26 के तहत बिहार सरकार ने 23 जिलों का चयन किया है, जहां इस फसल को बढ़ावा दिया जाएगा। इनमें अररिया, औरंगाबाद, बेगुसराय, भागलपुर, भोजपुर, बक्सर, दरभंगा, गया, जमुई, कैमूर, कटिहार, किशनगंज, लखीसराय, मधेपुरा, मुंगेर, मुजफ्फरपुर, नवादा, पूर्णियाँ, रोहतास, समस्तीपुर, सारण, शेखपुरा एवं सीवान शामिल हैं। योजना का उद्देश्य राज्य में ड्रैगन फ्रूट की खेती का क्षेत्र बढ़ाना और इसे व्यावसायिक स्तर पर विकसित करना है।
इस योजना के तहत किसान न्यूनतम 0.25 एकड़ और अधिकतम 5 एकड़ तक ड्रैगन फ्रूट की खेती कर सकते हैं। सरकार इसके लिए प्रति एकड़ पहले वर्ष लगभग 1.62 लाख रुपये और दूसरे वर्ष 1.08 लाख रुपये तक की सहायता दे रही है। इससे किसानों का शुरुआती खर्च कम होगा और वे बिना ज्यादा जोखिम के इस नई फसल को अपना सकेंगे।
ड्रैगन फ्रूट एक हाई-वैल्यू फसल है, जिसकी मांग बाजार में तेजी से बढ़ रही है। यह फल न सिर्फ स्वाद में अच्छा होता है, बल्कि शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में भी मदद करता है। इसकी खेती से फूल, तना और फल—तीनों से कमाई के अवसर मिलते हैं। यही वजह है कि सरकार इसे युवाओं के लिए रोजगार का नया जरिया मान रही है।
इस योजना का लाभ लेने के लिए किसानों को उद्यानिकी विभाग की वेबसाइट horticulture.bihar.gov.in पर ऑनलाइन आवेदन करना होगा। आवेदन के लिए कृषि विभाग में डीबीटी पंजीकरण जरूरी है। इसके अलावा बैंक पासबुक, आधार कार्ड, फोटो पहचान पत्र, किसान आईडी और जमीन से जुड़े दस्तावेज अनिवार्य होंगे। अधिक जानकारी के लिए किसान अपने जिले के उद्यान अधिकारी से संपर्क कर सकते हैं।
ड्रैगन फ्रूट विकास योजना बिहार के किसानों और युवाओं के लिए एक बड़ा अवसर बनकर सामने आई है। कम जमीन में अधिक मुनाफा देने वाली इस फसल से जहां किसानों की आय बढ़ेगी, वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए रास्ते भी खुलेंगे। सरकार की यह पहल कृषि क्षेत्र में बदलाव लाने की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है।