आग और बारिश का डबल खतरा! किसानों के लिए कृषि विभाग ने जारी की एडवाइजरी, नमी 10% से ज्यादा हो तो न करें भंडारण
Gaon Connection | Apr 09, 2026, 19:40 IST
उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में खेतों में लगी आग की घटनाओं से किसान चिंतित हैं। कृषि विभाग ने किसानों को सतर्क रहने का निर्देश दिया है। कटाई और मड़ाई के दौरान विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। नमी वाली फसलों को सुखाने और सुरक्षित रूप से रखने के उपाय साझा किए गए हैं।
गेहूं की फसल काटती महिला
उत्तर प्रदेश के कुछ जनपदों में खेत-खलिहानों में आगजनी की घटनाओं को देखते हुए कृषि विभाग ने किसानों को सतर्क रहने की अपील की है। विभाग ने जनपदों में तैनात कृषि अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे किसानों के बीच जाकर उन्हें जागरूक करें। वर्तमान में जहां किसान बेमौसम बारिश से परेशान हैं, वहीं आगजनी की घटनाएं भी सामने आ रही हैं। ऐसे में किसानों को खास तौर पर यह समझाने के निर्देश दिए गए हैं कि वे खलिहानों को सिगरेट, बीड़ी और अन्य ज्वलनशील पदार्थों से सुरक्षित रखें।
कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे लगातार किसानों के संपर्क में रहें और उनकी समस्याओं का समाधान सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि किसानों से संवाद बनाए रखना बेहद जरूरी है, ताकि किसी भी प्रकार की परेशानी का समय रहते समाधान किया जा सके।
कृषि विभाग ने बताया कि इस समय सरसों, चना, मसूर और मटर जैसी फसलों की कटाई और मड़ाई का कार्य चल रहा है। वहीं, गेहूं की फसल भी बड़े क्षेत्र में उगाई गई है, जिस पर हाल की बारिश से नुकसान की आशंका बनी हुई है। ऐसे में किसानों को कटाई और मड़ाई के दौरान विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि यदि खेत में खड़ी फसल भीग गई है तो उसे एक-दो दिन सूखने का मौका दें। यदि कटाई के बाद फसल खेत में पड़ी है, तो पानी जमा न होने दें या बोझा बांधकर खड़ा कर दें। खलिहान में रखी भीगी फसल को खोलकर धूप और हवा लगने दें, ताकि वह जल्दी सूख सके और फिर मड़ाई करें।
कृषि विभाग ने स्पष्ट किया है कि यदि दाने भीग गए हैं, तो उन्हें तभी भंडारित करें जब उनमें नमी 10 प्रतिशत तक रह जाए। इसके अलावा, बीज उत्पादक किसानों को हार्वेस्टर कंबाइन से कटाई करते समय सफाई का विशेष ध्यान रखने को कहा गया है।
भंडारण के समय बखारी, बोरे और दीवारों का धूम्रीकरण (फ्यूमिगेशन) करना जरूरी बताया गया है, ताकि भंडार स्थल साफ, सूखा और कीटमुक्त बना रहे।