गन्ना किसानों के खाते अब आएंगे ज्यादा पैसे, केंद्र सरकार ने बढ़ाया एफआरपी, जानें नया भाव
Gaon Connection | May 06, 2026, 14:58 IST
किसानों के लिए बड़ी खबर है। सरकार ने गन्ने का दाम बढ़ाया है। 2026-27 सीजन के लिए गन्ने का उचित एवं लाभकारी मूल्य ₹365 प्रति क्विंटल तय किया गया है। यह पिछले सीजन से ₹10 अधिक है। इस फैसले से करोड़ों किसानों को लाभ होगा। चीनी उद्योग और मजदूरों को भी फायदा मिलेगा। सरकार ने यह निर्णय लिया है।
चीनी उद्योग और किसानों को राहत
केंद्र सरकार ने देश के करोड़ों गन्ना किसानों को बड़ी राहत देते हुए 2026-27 सीजन के लिए गन्ने का उचित एवं लाभकारी मूल्य (एफआरपी) ₹10 बढ़ाकर ₹365 प्रति क्विंटल कर दिया है। प्रधानमंत्री Narendra Modi की अध्यक्षता में हुई आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (सीसीईए) की बैठक में इस फैसले को मंजूरी दी गई। सरकार का कहना है कि इससे करीब 1 करोड़ गन्ना किसानों और चीनी उद्योग से जुड़े लाखों मजदूरों को फायदा होगा।
बैठक के बाद केंद्रीय मंत्री Ashwini Vaishnaw ने बताया कि अक्टूबर 2026 से शुरू होने वाले 2026-27 सीजन के लिए गन्ने का एफआरपी 10.25 प्रतिशत बेसिक रिकवरी रेट पर ₹365 प्रति क्विंटल तय किया गया है। यह मौजूदा 2025-26 सीजन के ₹355 प्रति क्विंटल से 2.81 प्रतिशत ज्यादा है। सरकार ने कहा कि 10.25 प्रतिशत से ऊपर हर 0.1 प्रतिशत रिकवरी बढ़ने पर एफआरपी में ₹3.56 प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी होगी। वहीं जिन चीनी मिलों की रिकवरी 9.5 प्रतिशत से कम है, वहां गन्ना देने वाले किसानों के एफआरपी में कोई कटौती नहीं होगी और उन्हें ₹338.30 प्रति क्विंटल का भुगतान मिलेगा।
सरकार के मुताबिक 2026-27 सीजन में गन्ने की उत्पादन लागत ₹182 प्रति क्विंटल आंकी गई है, जबकि तय किया गया एफआरपी इससे 100.5 प्रतिशत ज्यादा है। सरकार का अनुमान है कि किसानों को इस फैसले से ₹1 लाख करोड़ से ज्यादा की राशि मिलेगी। एफआरपी तय करने का फैसला कृषि लागत एवं मूल्य आयोग (सीएसीपी) की सिफारिशों और राज्य सरकारों समेत अन्य हितधारकों से चर्चा के बाद लिया गया है। देश में करीब 5 करोड़ गन्ना किसान और उनके परिवार चीनी उद्योग पर निर्भर हैं जबकि लगभग 5 लाख मजदूर सीधे चीनी मिलों में काम करते हैं।
सरकार ने कहा कि पिछले 10 वर्षों से लगातार गन्ने का एफआरपी बढ़ाया जा रहा है। इस फैसले से अतिरिक्त गन्ने से एथेनॉल उत्पादन को भी बढ़ावा मिलेगा।
सरकार के आंकड़ों के मुताबिक 2024-25 सीजन में किसानों के कुल ₹1,02,687 करोड़ बकाया में से 20 अप्रैल 2026 तक ₹1,02,209 करोड़ यानी करीब 99.5 प्रतिशत भुगतान किया जा चुका है। वहीं मौजूदा 2025-26 सीजन में किसानों के देय ₹1,12,740 करोड़ में से ₹99,961 करोड़ यानी 88.6 प्रतिशत राशि का भुगतान हो चुका है।
10.25 प्रतिशत रिकवरी पर मिलेगा ₹365 प्रति क्विंटल
उत्पादन लागत से 100 प्रतिशत ज्यादा तय हुआ एफआरपी
हर साल बढ़ रहा एफआरपी, एथेनॉल उत्पादन को भी मिलेगा बढ़ावा
सरकार के आंकड़ों के मुताबिक 2024-25 सीजन में किसानों के कुल ₹1,02,687 करोड़ बकाया में से 20 अप्रैल 2026 तक ₹1,02,209 करोड़ यानी करीब 99.5 प्रतिशत भुगतान किया जा चुका है। वहीं मौजूदा 2025-26 सीजन में किसानों के देय ₹1,12,740 करोड़ में से ₹99,961 करोड़ यानी 88.6 प्रतिशत राशि का भुगतान हो चुका है।