यूपी में आलू किसानों को राहत, गिरते दामों के बीच 10 जिलों में खुलेंगे खरीद केंद्र, जानें कितना मिलेगा भाव
Gaon Connection | Apr 29, 2026, 12:53 IST
उत्तर प्रदेश सरकार ने आलू किसानों को बड़ी राहत दी है। गिरते दामों से परेशान किसानों के लिए 10 जिलों में तत्काल आलू खरीद केंद्र खोले जा रहे हैं। लखनऊ और फर्रुखाबाद से इसकी शुरुआत हो गई है। किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिलेगा। यह खरीद भारत सरकार की योजना के तहत हो रही है।
यूपी में शुरू हुई आलू खरीद प्रक्रिया
उत्तर प्रदेश में गिरते दामों से परेशान आलू किसानों को राहत देने के लिए सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। राज्य सरकार ने 10 जिलों में तत्काल आलू खरीद केंद्र खोलने के निर्देश दिए हैं, जिसकी शुरुआत आज लखनऊ और फर्रुखाबाद से हो गई है। इस पहल का मकसद किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाना और बाजार में गिरती कीमतों से राहत देना है।
आधिकारिक बयान के मुताबिक, उद्यान, कृषि विपणन एवं कृषि निर्यात राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिनेश प्रताप सिंह ने उद्यान विभाग की समीक्षा बैठक में आलू खरीद केंद्र तुरंत स्थापित करने के निर्देश दिए। सरकार ने उत्तर प्रदेश राज्य औद्यानिक सहकारी विपणन संघ (हॉफेड) को 10 जिलों में खरीद केंद्र खोलने की जिम्मेदारी सौंपी है। इसके तहत लखनऊ और फर्रुखाबाद को प्राथमिकता देते हुए मंगलवार से ही दोनों जिलों में खरीद शुरू कर दी गई। लखनऊ के बख्शी का तालाब स्थित इंदौरा बाग में अपर मुख्य सचिव उद्यान बी.एल. मीणा ने और फर्रुखाबाद की सातनपुर मंडी समिति में उद्यान निदेशक बी.पी. राम ने खरीद केंद्र का उद्घाटन किया। यह खरीद भारत सरकार के कृषि मंत्रालय की बाजार हस्तक्षेप योजना के तहत की जा रही है।
बैठक में मंत्री ने निर्देश दिए कि जिन जनपदों में बाजार में आलू का मूल्य कम है, वहां प्राथमिकता के आधार पर क्रय केन्द्र खोले जाएं और किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाया जाए। योजना के तहत बाजार हस्तक्षेप मूल्य 650.09 रुपये प्रति क्विंटल और ‘अतिरिक्त व्यय’ 162.52 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया है। वहीं, क्षतिपूर्ति की अधिकतम सीमा कुल खरीद लागत का 25 प्रतिशत निर्धारित की गई है, जिसका वहन केंद्र और राज्य सरकार समान रूप से करेंगी। साथ ही अन्य जिलों में भी चरणबद्ध तरीके से खरीद केंद्र स्थापित कर अधिक से अधिक किसानों को लाभ देने के निर्देश दिए गए हैं।
इस फैसले से पहले समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर आलू खरीद न होने का आरोप लगाया था। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से मूल्य तय होने के बावजूद खरीद नहीं हो रही, जिससे किसानों को नुकसान उठाना पड़ रहा है। अखिलेश ने यह भी कहा कि सपा सरकार के समय किसानों को बेहतर सुविधाएं मिलती थीं और एक्सप्रेसवे पर मंडियां बननी शुरू हुई थीं, लेकिन मौजूदा सरकार उस काम को आगे नहीं बढ़ा सकी। उन्होंने नारा दिया, “जब खेत मुस्कराएगा तो देश मुस्कराएगा।”