सरकारी गोदामों में तय बफर से तीन गुना ज्यादा स्टॉक, खाद्यान्न भंडार 604 लाख टन पहुंचा, MSP से नीचे बिक रहीं फसलें

Gaon Connection | May 06, 2026, 17:46 IST
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देश के अनाज गोदामों में गेहूं और चावल का भंडार उस मानक से काफी अधिक भरा हुआ है, जो भारतीय खाद्य निगम (FCI) द्वारा निर्धारित है। रबी फसल की कटाई अब अपनी अंतिम चरण में पहुँच गई है, फिर भी अनाज की कीमतें न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) से कम चल रही हैं।
सरकार के पास भरपूर अनाज
सरकार के पास भरपूर अनाज
देश में एक तरफ सरकार के गोदाम अनाज से भर चुके हैं तो दूसरी तरफ मंडियों में गेहूं की खरीद का काम तेजी से जारी है। FCI के गोदामों में गेहूं और चावल का भंडार तय बफर स्टॉक से लगभग तीन गुना तक पहुंच गया है। इसी बीच रबी सीजन की कटाई लगभग पूरी हो चुकी है। FCI के गोदामों में गेहूं और चावल का भंडार तय बफर स्टॉक से लगभग तीन गुना तक पहुंच गया है लेकिन बाजार में गेहूं, धान, मक्का, अरहर और मूंग जैसी फसलें MSP से नीचे बिक रही हैं। इसी बीच रबी सीजन की खरीद और कटाई का काम भी तेजी से जारी है।

बफर स्टॉक से तीन गुना ज्यादा पहुंचा अनाज भंडार

भारतीय खाद्य निगम (FCI) के गोदामों में 1 अप्रैल 2026 तक गेहूं और चावल का कुल भंडार 604.02 लाख टन दर्ज किया गया है, जबकि तय बफर स्टॉक मानक 210.40 लाख टन है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक चावल का स्टॉक 386.10 लाख टन पहुंच गया, जो 135.80 लाख टन के बफर मानक से काफी ज्यादा है। वहीं गेहूं का भंडार 217.92 लाख टन रहा, जबकि इसके लिए तय मानक 74.60 लाख टन है। सरकार हर तिमाही में बफर स्टॉक के मानकों की समीक्षा करती है और अगली समीक्षा 1 जुलाई को होगी। यह भंडार सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) और अन्य खाद्य योजनाओं के लिए रखा जाता है।

रबी फसलों की कटाई लगभग पूरी,

सरकार ने बताया कि 2026 रबी सीजन में गेहूं और चावल की खरीद प्रक्रिया जारी है। देश में 334.17 लाख हेक्टेयर में बोए गए गेहूं क्षेत्र का करीब 97 प्रतिशत हिस्सा काटा जा चुका है। इसके साथ ही दलहनों की कटाई भी पूरी हो गई है। वहीं धान की कटाई 59.32 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है। धान की फसल मुख्य रूप से तमिलनाडु, केरल, त्रिपुरा, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में काटी जा रही है।

MSP से नीचे बिक रहीं गेहूं, मक्का और दालें

सरकारी आंकड़ों के अनुसार ज्यादातर रबी फसलों के थोक दाम न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) से नीचे चल रहे हैं। एक अधिकारी ने बताया कि 1 मई को समाप्त सप्ताह के दौरान लगभग सभी प्रमुख फसलें MSP से कम कीमत पर बिक रही थीं। गेहूं का थोक भाव 2,530 रुपये प्रति क्विंटल रहा, जो MSP 2,585 रुपये से 2.13 प्रतिशत कम है। धान की कीमत सालाना आधार पर 3.17 प्रतिशत गिरकर 2,294 रुपये प्रति क्विंटल रह गई। वहीं मक्का का भाव 23.71 प्रतिशत गिरकर 1,831 रुपये प्रति क्विंटल पहुंच गया, जबकि इसका MSP 2,400 रुपये प्रति क्विंटल है। अरहर, मूंग, बाजरा और सूरजमुखी जैसी फसलों के दाम भी MSP से नीचे बने हुए हैं।
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