हरियाणा के किसान अब अफ्रीका में करेंगे खेती! तंजानिया बना नया ‘ड्रीम डेस्टिनेशन’, 1 लाख एकड़ जमीन के लिए हुआ MoU
Gaon Connection | May 04, 2026, 12:01 IST
हरियाणा के किसान और युवा अब तंजानिया में खेती और व्यवसाय के नए अवसर तलाश रहे हैं। वहां सस्ती जमीन, बेहतर उत्पादन और बड़े बाजार की संभावनाएं हैं। सरकार के सहयोग से एक लाख एकड़ जमीन के लिए समझौता हुआ है। तंजानिया में खेती के साथ-साथ प्लाईवुड जैसे उद्योगों में भी मौके बन रहे हैं।
हरियाणा के किसान अब तंजानिया में उगाएंगे फसल
हरियाणा के किसानों और युवाओं के लिए अब खेत और कारोबार की सीमाएं देश से बाहर तक फैलती नजर आ रही हैं। अफ्रीकी देश तंजानिया में सस्ती जमीन, बेहतर उत्पादन और बड़े बाजार की संभावनाओं ने इसे एक नया “ऑपर्च्युनिटी ज़ोन” बना दिया है। राज्य सरकार और केंद्र के सहयोग से हुए समझौतों के बाद अब किसान और उद्यमी विदेश में खेती और बिजनेस के नए रास्ते तलाश रहे हैं।
हरियाणा सरकार ने केंद्र के सहयोग से तंजानिया में एक लाख एकड़ कृषि भूमि के लिए समझौता (MoU) किया है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के अनुसार, अफ्रीकी देशों के साथ व्यापारिक सहयोग को लगातार बढ़ाया जा रहा है, जिसमें खनन, प्लाईवुड, कृषि और आईटी जैसे क्षेत्र शामिल हैं।
राज्य के कई किसान तंजानिया में जमीन खरीदकर खेती की संभावनाएं तलाश रहे हैं। वहां की जमीन उपजाऊ होने के साथ-साथ काफी सस्ती भी है, जहां धान, गन्ना, काजू समेत कई फसलें आसानी से उगाई जा सकती हैं। इसके साथ ही वैश्विक बाजार तक पहुंच मिलने से यह खेती अब ज्यादा फायदे का सौदा बनती जा रही है।
तंजानिया में सिर्फ खेती ही नहीं, बल्कि उद्योग के क्षेत्र में भी मौके खुल रहे हैं। प्लाईवुड जैसे सेक्टर में काम करने वाले उद्यमी वहां फैक्ट्री लगाकर कच्चा माल तैयार कर रहे हैं और भारत में उसका उपयोग कर रहे हैं। 'बिजनेस लाइन' के मुताबिक, तंजानिया में लकड़ी की कीमत भारत के मुकाबले लगभग एक-चौथाई है और श्रम लागत भी कम है जिससे कारोबार ज्यादा लाभदायक बनता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि विदेश जाने के लिए जोखिम भरे और गैरकानूनी तरीकों की बजाय अफ्रीकी देशों में वैध तरीके से निवेश और कारोबार बेहतर विकल्प बन सकता है। तंजानिया में सरकार और स्थानीय लोग भी भारतीय निवेशकों के प्रति सकारात्मक रवैया रखते हैं जिससे माहौल और अनुकूल हो जाता है।
हरियाणा के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह के अनुसार, राज्य अब वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान मजबूत कर रहा है। इस साल एक प्रतिनिधिमंडल तंजानिया में आयोजित दार-एस-सलाम अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेले में हिस्सा लेगा जहां हरियाणा का पवेलियन भी लगाया जाएगा।