महाराष्ट्र में नया बीज कानून लाने की तैयारी में सरकार, खराब बीज पर तुरंत मिलेगा मुआवजा, कंपनियों पर कसेगा शिकंजा
Gaon Connection | Apr 29, 2026, 14:07 IST
महाराष्ट्र सरकार किसानों को बीज पर अधिकार देने के लिए एक नया कानून ला रही है। इस कानून से किसान अपने बीज रख सकेंगे, इस्तेमाल कर सकेंगे, आपस में बांट सकेंगे और बेच भी सकेंगे। खराब बीज मिलने पर किसानों को तुरंत मुआवजा मिलेगा। कंपनियों की जवाबदेही तय होगी।
बीज की गुणवत्ता पर सख्ती
महाराष्ट्र सरकार किसानों को बीज पर अधिकार देने के लिए बड़ा कदम उठाने जा रही है। राज्य सरकार जल्द ही एक अलग बीज कानून लाने की तैयारी में है, जिसके तहत किसानों को अपने बीज को रखने, इस्तेमाल करने, आपस में बांटने और बेचने का कानूनी अधिकार मिलेगा। साथ ही खराब बीज मिलने पर तुरंत मुआवजा देने और कंपनियों की जवाबदेही तय करने की भी व्यवस्था की जाएगी।
महाराष्ट्र के कृषि मंत्री दत्तात्रेय भरणे ने बताया कि यह नया कानून किसानों को बिना किसी ब्रांड नाम के बीज को स्टोर करने, उपयोग करने, आदान-प्रदान करने और बेचने का अधिकार देगा। मंत्रालय (मंत्रालय) में हुई बैठक में उन्होंने कहा कि इस कानून का मकसद किसानों को गुणवत्तापूर्ण बीज उपलब्ध कराना और उन्हें कानूनी सुरक्षा देना है। साथ ही, अगर बीज खराब निकलता है तो किसानों को तुरंत मुआवजा दिलाने का प्रावधान भी इसमें शामिल होगा।
नए कानून के तहत बीज उत्पादकों, प्रोसेसिंग यूनिट, डिस्ट्रीब्यूटर, विक्रेता और नर्सरी के लिए पंजीकरण अनिवार्य किया जाएगा। हर बीज पैकेट पर QR कोड होगा, जिससे बीज की पूरी जानकारी और ट्रेसबिलिटी सुनिश्चित की जा सकेगी। इसके साथ ही एक केंद्रीकृत सिस्टम के जरिए बीज की सप्लाई चेन की निगरानी होगी। सरकार ने ‘साथी पोर्टल’ के जरिए बीज उत्पादन से लेकर बिक्री तक की प्रक्रिया को जोड़ने की योजना बनाई है।
कृषि मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि हर जिले में बीज से जुड़ी शिकायतों के निवारण के लिए केंद्र बनाए जाएं। साथ ही कृषि विश्वविद्यालयों द्वारा किए गए रिसर्च को भी इस कानून में शामिल किया जाएगा। बीज की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए वायरस, बैक्टीरिया और फंगस के स्तर को नियंत्रित करने के मानक भी तय किए जाएंगे। सरकार के मुताबिक, ‘साथी पोर्टल’ पर बीज उत्पादकों का 100% पंजीकरण पूरा हो चुका है और खरीफ 2026 से बीज उत्पादन, वितरण और बिक्री पूरी तरह इसी प्लेटफॉर्म के जरिए होगी, जिससे पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ेगी।