MP के किसानों को मिली सौगात: घर बैठे किसान क्रेडिट कार्ड, 12 महीने में कर्ज़ चुकाने की सुविधा, दिन में 10 घंटे बिजली; ‘दूध की राजधानी’ बनाने का लक्ष्य

Mansi | Sept 04, 2026, 11:24 IST
Share

मध्य प्रदेश की सरकार ने किसानों के लिए एक विशेष ऑनलाइन किसान क्रेडिट कार्ड पोर्टल की शुरुआत की है। जिन किसानों को कृषक कवच योजना से लाभ नहीं मिला, उन्हें सरकारी योजनाओं से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा। अगले ढाई साल में सिंचाई के क्षेत्र में एक बड़ा परिवर्तन लाने का लक्ष्य है, जहां 100 लाख हेक्टेयर तक रकबा बढ़ाया जाएगा।

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किसानों के लिए किसान क्रेडिट कार्ड, सिंचाई, बिजली और पशुपालन से जुड़ी कई अहम घोषणाएँ कीं<br>
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किसानों के लिए किसान क्रेडिट कार्ड, सिंचाई, बिजली और पशुपालन से जुड़ी कई अहम घोषणाएँ कीं
ग्वालियर में बलराम जयंती महोत्सव के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किसानों के लिए कई घोषणाएँ कीं। ऑनलाइन किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) पोर्टल और ‘कृषक कवच’ योजना की शुरुआत के साथ 200 नई प्राथमिक कृषि साख समितियों (पैक्स) के कार्यालय भी शुरू किए गए। सरकार ने किसानों को सिंचाई के लिए दिन में 10 घंटे बिजली उपलब्ध कराने की दिशा में काम करने और सिंचाई का रकबा बढ़ाने का लक्ष्य भी बताया है।

किसानों के लिए इन घोषणाओं का सीधा मतलब यह है कि खेती से जुड़े कर्ज और सरकारी योजनाओं तक पहुंच को आसान बनाने के साथ सिंचाई की सबसे बड़ी जरूरतों में से एक बिजली को भी दिन के समय उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2026 को प्रदेश में ‘किसान कल्याण वर्ष’ के रूप में मनाया जा रहा है और सरकार खेती को खेत से बाजार और उत्पादन से लेकर प्रसंस्करण व निर्यात तक मजबूत करने की दिशा में काम कर रही है।

घर बैठे KCC के लिए कर सकेंगे आवेदन

किसानों के लिए शुरू किए गए ऑनलाइन किसान क्रेडिट कार्ड पोर्टल का उद्देश्य KCC आवेदन की प्रक्रिया को आसान बनाना है। अब किसान ऑनलाइन माध्यम से घर बैठे KCC के लिए आवेदन कर सकेंगे। इससे कृषि ऋण लेने के लिए बार-बार दफ्तरों के चक्कर लगाने की जरूरत कम होगी। KCC के जरिए किसान खेती की जरूरतों जैसे बीज, खाद और दूसरे कृषि खर्चों के लिए ऋण सुविधा ले सकते हैं। सरकार ने इस व्यवस्था को डिजिटल बनाने पर जोर दिया है, ताकि किसान और बैंक के बीच आवेदन की प्रक्रिया ज्यादा सुगम हो सके।

कृषि ऋण चुकाने की व्यवस्था में भी बदलाव की बात कही गई है। अब किसानों को खरीफ और रबी फसल के कर्ज की अलग-अलग अदायगी की बाध्यता से राहत देने की व्यवस्था की गई है। किसानों को 12 महीने की अवधि में अपनी सुविधा और आमदनी के हिसाब से ऋण चुकाने का विकल्प मिलेगा। यह बदलाव उन किसानों के लिए खास तौर पर उपयोगी हो सकता है, जिनकी फसल की बिक्री और आमदनी एक ही समय पर नहीं होती। सरकार ने शून्य प्रतिशत ब्याज पर मिलने वाले कृषि ऋण की प्रक्रिया को भी आसान बनाने की बात कही है।

‘कृषक कवच’ योजना से छूटे किसानों को जोड़ने की कोशिश

सरकार ने ‘कृषक कवच’ योजना भी शुरू की है। इसका उद्देश्य ऐसे किसानों को सरकारी योजनाओं और कृषि ऋण व्यवस्था से जोड़ना है, जो खातों की जांच जैसी प्रक्रियाएँ लंबित होने के कारण अब तक लाभ नहीं ले पा रहे थे। यानी जिन किसानों की जरूरी बैंकिंग या खाते से जुड़ी प्रक्रिया पूरी न होने के कारण योजनाओं का लाभ अटक जाता है, उन्हें व्यवस्था से जोड़ने पर ध्यान दिया जाएगा।

60 लाख से बढ़ाकर 100 लाख हेक्टेयर सिंचाई का लक्ष्य

मध्य प्रदेश में सिंचाई का दायरा बढ़ाने को भी सरकार ने प्राथमिकता दी है। मुख्यमंत्री के मुताबिक, प्रदेश में सिंचाई का रकबा 60 लाख हेक्टेयर से अधिक हो चुका है। अब इसे अगले ढाई साल में 100 लाख हेक्टेयर तक ले जाने का लक्ष्य रखा गया है। सिंचाई का क्षेत्र बढ़ने से किसानों को बारिश पर निर्भरता कम करने और फसल उत्पादन बढ़ाने में मदद मिल सकती है। सरकार का फोकस पानी की उपलब्धता के साथ उसका बेहतर इस्तेमाल करने पर भी है।

किसानों के लिए सबसे अहम घोषणाओं में से एक दिन के समय 10 घंटे बिजली उपलब्ध कराने की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आने वाले समय में किसानों को सिंचाई के लिए दिन में 10 घंटे बिजली देने की दिशा में काम किया जा रहा है। इसका असर खासकर उन किसानों पर पड़ सकता है, जिन्हें अभी सिंचाई के लिए रात में खेतों पर जाना पड़ता है। दिन में बिजली मिलने से सिंचाई करना आसान होने के साथ रात में खेतों पर जाने से जुड़ी परेशानियाँ भी कम हो सकती हैं।

200 नई पैक्स समितियों के कार्यालय शुरू

गाँवों में सहकारिता व्यवस्था को मजबूत करने के लिए 200 नई प्राथमिक कृषि साख समितियों (पैक्स) के कार्यालयों का शुभारंभ किया गया। इसके साथ ही ग्वालियर में अपेक्स बैंक की संभागीय शाखा भी शुरू की गई। पैक्स ग्रामीण स्तर पर किसानों को सहकारी व्यवस्था और कृषि ऋण जैसी सुविधाओं से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। नई समितियों के कार्यालय शुरू होने से इस नेटवर्क का विस्तार होने की उम्मीद है।

सरकार अब किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए खेती को केवल फसल उत्पादन तक सीमित नहीं रखना चाहती। कृषि के साथ एग्री-टेक, एग्री-बिजनेस, ग्रेडिंग, पैकेजिंग और फूड प्रोसेसिंग जैसी गतिविधियों को बढ़ावा देने पर जोर दिया जा रहा है। इसके अलावा उद्यानिकी, प्राकृतिक खेती, जैविक खेती, मत्स्य पालन और पशुपालन जैसे क्षेत्रों को भी किसानों की आय के अतिरिक्त स्रोत के रूप में बढ़ावा देने की बात कही गई है। कृषि क्षेत्र में डेटा एनालिटिक्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी तकनीकों के इस्तेमाल पर भी सरकार का जोर है।

मध्य प्रदेश को ‘मिल्क कैपिटल’ बनाने की तैयारी

कृषि के साथ पशुपालन को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने मध्य प्रदेश को ‘मिल्क कैपिटल’ बनाने का लक्ष्य रखा है। इसके तहत प्रत्येक ब्लॉक में ‘वृंदावन ग्राम’ विकसित करने की योजना बताई गई है। पशुपालकों को चारे की लागत में राहत देने के लिए चारा अनुदान को 20 रुपये से बढ़ाकर 40 रुपये करने की जानकारी दी गई है। इसके अलावा नई गौपालन योजना के तहत 40 लाख रुपये तक के ऋण पर 10 लाख रुपये तक के अनुदान की व्यवस्था का भी उल्लेख किया गया है।

फार्मर ID क्यों है महत्वपूर्ण?

सरकार किसानों को फार्मर ID बनवाने के लिए भी प्रोत्साहित कर रही है। इसका मकसद किसानों से जुड़ी जानकारी को डिजिटल रूप से व्यवस्थित करना है, जिससे सरकारी योजनाओं, समर्थन मूल्य पर भुगतान और दूसरी कृषि सुविधाओं का लाभ लेने की प्रक्रिया आसान हो सके। मध्य प्रदेश की ई-उपार्जन व्यवस्था भी किसानों को ऑनलाइन पंजीयन और सीधे बैंक खाते में भुगतान जैसी सुविधाएँ देती है।

मध्य प्रदेश सरकार की हालिया घोषणाओं को देखें तो फोकस सिर्फ कृषि ऋण तक सीमित नहीं है। KCC को ऑनलाइन करना, कर्ज चुकाने में लचीलापन, किसानों को योजनाओं से जोड़ना, सिंचाई का रकबा बढ़ाना, दिन में बिजली उपलब्ध कराना, सहकारी संस्थाओं का विस्तार और खेती को एग्री-टेक व प्रोसेसिंग से जोड़ना इन सभी कदमों के जरिए खेती को अधिक सुविधाजनक और आय के लिहाज से मजबूत बनाने की कोशिश की जा रही है। ग्वालियर में आयोजित बलराम जयंती महोत्सव में इन पहलों की शुरुआत और घोषणाएँ की गईं।
Tags:
  • Farmer Credit Card Online Application
  • किसान क्रेडिट कार्ड ऑनलाइन आवेदन
  • 10 Hours Daytime Electricity for Irrigation
  • सिंचाई के लिए दिन में 10 घंटे बिजली
  • Agricultural Loan Repayment Flexibility
  • Increasing Irrigation Area
  • Farmer ID for Digital Services
  • एग्री-टेक और खाद्य प्रसंस्करण को बढ़ावा
  • मध्य प्रदेश को मिल्क कैपिटल बनाने का लक्ष्य
  • Madhya Pradesh Milk Capital Goal