मध्यप्रदेश में गेहूं खरीदी ने बनाया नया रिकॉर्ड,जानिए कितने लाख किसानों ने बेचा कितना गेहूं और कितना हुआ भुगतान

Gaon Connection | May 20, 2026, 12:52 IST
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मध्यप्रदेश में इस बार गेहूं खरीदी सीजन ने नया रिकॉर्ड बना दिया है। किसानों की बढ़ती आवक के बीच सरकार ने खरीद केंद्रों पर समय बढ़ाने से लेकर व्यवस्थाओं में बड़े बदलाव किए हैं। मंडियों में लगातार हलचल बनी हुई है और कई संभाग खरीद के मामले में आगे निकलकर सामने आए हैं। सरकार अब पूरी प्रक्रिया पर लगातार नजर बनाए हुए है।
किसानों के लिए बड़ी खबर!
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मध्यप्रदेश में चालू रबी खरीद सीजन के दौरान गेहूं की खरीदी ने नया रिकॉर्ड बना दिया है। मंडियों और खरीदी केंद्रों पर किसानों की लगातार बढ़ती आवाजाही को देखते हुए सरकार को व्यवस्था और मजबूत करनी पड़ी है। किसानों को लंबा इंतजार न करना पड़े, इसके लिए खरीद केंद्रों पर समय बढ़ाने से लेकर तौल कांटों की संख्या तक बढ़ाई गई है। राज्य सरकार का दावा है कि पूरी प्रक्रिया की हर घंटे मॉनिटरिंग की जा रही है, ताकि किसानों को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। आइये जानते हैं कि अब तक कितने किसानों ने सरकार को कितना गेहूं बेचा है और उन्हें कितना भुगतान किया जा चुका है।

12 लाख से ज्यादा किसानों से खरीदा गया गेहूं

राज्य के उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने बताया है कि चालू रबी खरीद सीजन के दौरान सोमवार तक 12 लाख 10 हजार 785 पंजीकृत किसानों से 87 लाख 71 हजार 485 मीट्रिक टन गेहूं खरीदा जा चुका है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में गेहूं खरीदी 23 मई 2026 तक जारी रहेगी और विभाग लगातार खरीद प्रक्रिया पर नजर बनाए हुए है।

खरीद केंद्रों से तेजी से हो रहा परिवहन

खाद्य विभाग के मुताबिक खरीदे गए गेहूं में से अब तक 75 लाख 95 हजार 792 मीट्रिक टन गेहूं का परिवहन भी किया जा चुका है। सरकार का फोकस सिर्फ खरीद तक सीमित नहीं है, बल्कि भंडारण और परिवहन व्यवस्था को भी तेज किया गया है ताकि केंद्रों पर दबाव कम हो सके।

किसानों की सुविधा के लिए बदले गए नियम

सरकार ने किसानों की भीड़ और बढ़ती आवक को देखते हुए कई अहम बदलाव किए हैं। अब तौल पर्ची बनाने का समय शाम 6 बजे से बढ़ाकर रात 10 बजे तक कर दिया गया है, जबकि बिल जारी करने की समय सीमा आधी रात तक बढ़ाई गई है। इसके अलावा खरीद केंद्रों पर तौल कांटों की संख्या 4 से बढ़ाकर 6 कर दी गई है। जरूरत पड़ने पर जिला प्रशासन को अतिरिक्त तौल कांटे लगाने की अनुमति भी दी गई है। गोविंद सिंह राजपूत ने कहा कि इन फैसलों का मकसद किसानों को खरीद केंद्रों पर घंटों इंतजार से बचाना है।

MSP और बोनस मिलाकर 2625 रुपये प्रति क्विंटल

मध्यप्रदेश सरकार इस बार किसानों से 2,625 रुपये प्रति क्विंटल की दर से गेहूं खरीद रही है। इसमें केंद्र सरकार का 2,585 रुपये प्रति क्विंटल न्यूनतम समर्थन मूल्य यानी MSP और राज्य सरकार की ओर से दिया जा रहा 40 रुपये प्रति क्विंटल बोनस शामिल है।

किसानों को हुआ हजारों करोड़ का भुगतान

मंत्री के अनुसार खरीद अभियान के तहत अब तक किसानों को 10,19,138 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है। सरकार का कहना है कि भुगतान प्रक्रिया को भी तेज किया गया है ताकि किसानों को समय पर पैसा मिल सके।

भोपाल संभाग सबसे आगे

संभागवार आंकड़ों में भोपाल सबसे आगे रहा है, जहां 24 लाख 62 हजार 136 मीट्रिक टन गेहूं खरीदा गया। इसके बाद उज्जैन संभाग में 20 लाख 23 हजार 374 मीट्रिक टन और जबलपुर संभाग में 9 लाख 91 हजार 141 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद दर्ज की गई। राज्य के अन्य प्रमुख गेहूं उत्पादक क्षेत्रों में भी इस बार बड़े पैमाने पर खरीद देखने को मिली है।
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