धान खरीद को मिलेगी नई रफ्तार, इस राज्य की सरकार ने दोगुना किया मिलिंग शुल्क, जानें क्या किसानों को भी होगा फायदा?
Gaon Connection | Jun 06, 2026, 17:00 IST
ओडिशा सरकार ने किसानों से धान खरीद को सुचारु बनाने और राइस मिलर्स को राहत देने के लिए बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने राइस मिलिंग शुल्क को दोगुना करने की मंजूरी दे दी है। अब उसना (पारबॉयल्ड) चावल पर मिलिंग शुल्क 20 रुपये से बढ़कर 40 रुपये प्रति क्विंटल और अरवा (कच्चे) चावल पर 10 रुपये से बढ़कर 20 रुपये प्रति क्विंटल हो गया है। सरकार को उम्मीद है कि इससे धान खरीद, प्रसंस्करण और भंडारण व्यवस्था मजबूत होगी तथा किसानों और राइस मिलर्स दोनों को फायदा मिलेगा।
धान खरीद को आसान बनाने की तैयारी
धान खरीद सीजन के बीच ओडिशा सरकार ने किसानों और राइस मिलर्स के हित में बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने राइस मिलिंग शुल्क को दोगुना करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। सरकार का मानना है कि इससे राज्य में धान खरीद प्रक्रिया को और गति मिलेगी, राइस मिलर्स को बढ़ती लागत से राहत मिलेगी और किसानों से खरीदे गए धान के प्रसंस्करण में आने वाली बाधाएं कम होंगी। लंबे समय से मिलर्स श्रमिकों की बढ़ती मजदूरी, ईंधन की ऊंची कीमतों और अन्य परिचालन खर्चों को देखते हुए मिलिंग शुल्क बढ़ाने की मांग कर रहे थे। ऐसे में सरकार का यह फैसला धान खरीद व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) की ओर से जारी बयान के अनुसार, उसना (पारबॉयल्ड) चावल की मिलिंग का शुल्क 20 रुपये प्रति क्विंटल से बढ़ाकर 40 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया गया है। वहीं अरवा (कच्चे) चावल की मिलिंग पर मिलने वाला शुल्क 10 रुपये प्रति क्विंटल से बढ़ाकर 20 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया गया है। यह बढ़ी हुई दरें तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई हैं।
राज्य के राइस मिलर्स का कहना था कि पिछले कुछ वर्षों में श्रम लागत, बिजली, ईंधन और अन्य मिलिंग इनपुट की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी हुई है, लेकिन मिलिंग शुल्क में कोई संशोधन नहीं किया गया था। इससे मिलिंग इकाइयों पर आर्थिक दबाव बढ़ रहा था। सरकार के इस फैसले से मिलर्स को राहत मिलने की उम्मीद है।
अधिकारियों के अनुसार, मिलिंग शुल्क में वृद्धि से राइस मिलर्स को प्रोत्साहन मिलेगा और वे धान के प्रसंस्करण कार्य को अधिक प्रभावी ढंग से कर सकेंगे। इससे किसानों से खरीदे गए धान के उठान, भंडारण और चावल उत्पादन की प्रक्रिया में तेजी आएगी। सरकार को उम्मीद है कि इससे राज्य का धान प्रसंस्करण तंत्र और अधिक मजबूत होगा।
सरकार का मानना है कि इस फैसले का फायदा केवल राइस मिलर्स तक सीमित नहीं रहेगा। धान खरीद प्रक्रिया सुचारु होने से किसानों को अपनी उपज बेचने में आसानी होगी और खरीदे गए धान का समय पर निस्तारण हो सकेगा। इसके अलावा धान और चावल के स्टॉक के बेहतर प्रबंधन से पूरी कृषि आपूर्ति श्रृंखला को मजबूती मिलेगी।
ओडिशा में धान खरीद का मौजूदा सीजन जारी है। ऐसे में सरकार ने बढ़े हुए मिलिंग शुल्क को तत्काल प्रभाव से लागू करने का निर्णय लिया है। अधिकारियों का कहना है कि इससे धान खरीद प्रक्रिया में तेजी आएगी और राज्य की खाद्य आपूर्ति व्यवस्था को भी लाभ मिलेगा।