मूंग की सरकारी ख़रीद में मध्य प्रदेश ने बनाया रिकॉर्ड, 5.33 लाख टन खरीदी गई; केंद्र ने बढ़ाई मंज़ूर मात्रा
Gaon Connection | Aug 28, 2026, 14:23 IST
मध्य प्रदेश में गर्मी की मूंग की सरकारी ख़रीद रिकॉर्ड 5.33 लाख टन तक पहुँची है। केंद्र सरकार ने पहले 4.54 लाख टन ख़रीद को मंज़ूरी दी थी। किसानों के हित में 84,492 टन की अतिरिक्त ख़रीद को भी मंज़ूरी मिली। नाफेड और एनसीसीएफ के माध्यम से किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य पर लाभ मिला। पिछले साल की तुलना में इस वर्ष ख़रीद की मात्रा में काफ़ी बढ़ोतरी हुई है।
MSP पर मूंग ख़रीद का रिकॉर्ड
मध्य प्रदेश में इस साल गर्मी की मूंग की सरकारी ख़रीद रिकॉर्ड 5.33 लाख टन तक पहुँच गई है। कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि मध्य प्रदेश सरकार के अनुरोध पर केंद्र सरकार ने 2026 सीज़न के लिए पहले 4.54 लाख टन गर्मी की मूंग की ख़रीद को मंज़ूरी दी थी। बाद में किसानों के हित को ध्यान में रखते हुए 84,492 टन की अतिरिक्त ख़रीद को भी मंज़ूरी दी गई। आधिकारिक बयान के मुताबिक़, अतिरिक्त मात्रा की मंज़ूरी से राज्य सरकार पर कोई वित्तीय बोझ नहीं पड़ा। इसके बाद मध्य प्रदेश में ख़रीद के लिए कुल स्वीकृत मात्रा 5,39,072 टन हो गई। ख़रीद की अवधि समाप्त होने तक राज्य में 5.33 लाख टन मूंग की ख़रीद दर्ज की गई।
गर्मी 2025 में मध्य प्रदेश में क़रीब 3.93 लाख टन मूंग की ख़रीद हुई थी। उस समय 4,19,692 टन की ख़रीद को मंज़ूरी दी गई थी, जबकि वास्तविक ख़रीद 3,93,123 टन रही थी। गर्मी 2026 में स्वीकृत मात्रा और वास्तविक ख़रीद दोनों में बढ़ोतरी हुई। कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि यह सुधार किसानों को मिले ज़्यादा समर्थन और बाज़ार में बढ़े भरोसे को दर्शाता है। ख़रीद का काम नाफेड (NAFED) और NCCF के ज़रिये किया गया, जिससे किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर अपनी उपज का उचित मूल्य मिला और उन्हें इसका सीधा लाभ मिला।
मध्य प्रदेश में गर्मी 2026 के दौरान मूंग की रिकॉर्ड 5.33 लाख टन ख़रीद हुई। केंद्र सरकार ने मध्य प्रदेश सरकार के अनुरोध पर पहले 4.54 लाख टन ख़रीद को मंज़ूरी दी थी। किसानों के हित को ध्यान में रखते हुए बाद में 84,492 टन की अतिरिक्त मात्रा को भी मंज़ूरी दी गई। आधिकारिक बयान के मुताबिक़, इस अतिरिक्त मंज़ूरी से मध्य प्रदेश सरकार पर कोई वित्तीय बोझ नहीं पड़ा। इसके बाद राज्य में मूंग की ख़रीद के लिए कुल स्वीकृत मात्रा 5,39,072 टन हो गई। ख़रीद की अवधि समाप्त हो चुकी है और राज्य में 5.33 लाख टन मूंग की ख़रीद दर्ज की गई है। 2025 में मध्य प्रदेश में क़रीब 3.93 लाख टन मूंग ख़रीदी गई थी। उस समय 4,19,692 टन की ख़रीद को मंज़ूरी मिली थी और वास्तविक ख़रीद 3,93,123 टन रही थी।
मूंग की सरकारी ख़रीद का संचालन नाफेड और NCCF के ज़रिये किया गया। आधिकारिक बयान के मुताबिक़, इस व्यवस्था से किसानों को अपनी उपज का न्यूनतम समर्थन मूल्य यानी MSP पर उचित मूल्य मिला और उन्हें इसका सीधा लाभ मिला। कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि 2026 में स्वीकृत मात्रा और वास्तविक ख़रीद, दोनों में बढ़ोतरी हुई है। उनके मुताबिक़, इसमें सुधार किसानों के लिए बढ़े समर्थन और बाज़ार में उनके बढ़े भरोसे को दर्शाता है।
चालू ख़रीफ़ 2026 सीज़न में 21 अगस्त तक मूंग की बुवाई का रक़बा 32.68 लाख हेक्टेयर रहा, जो पिछले साल के 33.92 लाख हेक्टेयर से थोड़ा कम है। मूंग उत्पादन वाले प्रमुख राज्यों राजस्थान, कर्नाटक और महाराष्ट्र में इस साल कमज़ोर मानसून के कारण मूंग का रक़बा पिछले साल के स्तर से पीछे रहा है। वहीं, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, उत्तर प्रदेश और छत्तीसगढ़ जैसे कुछ राज्यों में चालू सीज़न के दौरान मूंग के रक़बे में बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
कर्नाटक के उत्तरी हिस्सों में कुछ जगहों पर मूंग की कटाई शुरू हो गई है। राज्य में रक़बा घटने, मानसून में देरी और अनियमित बारिश के कारण मूंग की फ़सल कम रहने की बात कही गई है, जिसका असर पैदावार पर भी पड़ रहा है।
केंद्र सरकार ने 2026 सीज़न के लिए मूंग का न्यूनतम समर्थन मूल्य 8,780 रुपये प्रति क्विंटल घोषित किया है। मध्य प्रदेश में सरकारी ख़रीद के दौरान किसानों को अपनी उपज के लिए MSP पर उचित मूल्य दिलाने के लिए नाफेड और NCCF के ज़रिये ख़रीद की गई।
गर्मी 2025 में मध्य प्रदेश में क़रीब 3.93 लाख टन मूंग की ख़रीद हुई थी। उस समय 4,19,692 टन की ख़रीद को मंज़ूरी दी गई थी, जबकि वास्तविक ख़रीद 3,93,123 टन रही थी। गर्मी 2026 में स्वीकृत मात्रा और वास्तविक ख़रीद दोनों में बढ़ोतरी हुई। कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि यह सुधार किसानों को मिले ज़्यादा समर्थन और बाज़ार में बढ़े भरोसे को दर्शाता है। ख़रीद का काम नाफेड (NAFED) और NCCF के ज़रिये किया गया, जिससे किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर अपनी उपज का उचित मूल्य मिला और उन्हें इसका सीधा लाभ मिला।
मध्य प्रदेश में मूंग की ख़रीद कितनी हुई?
किसानों को MSP पर कैसे मिला लाभ?
ख़रीफ़ 2026 में मूंग का रक़बा कितना है?
कर्नाटक के उत्तरी हिस्सों में कुछ जगहों पर मूंग की कटाई शुरू हो गई है। राज्य में रक़बा घटने, मानसून में देरी और अनियमित बारिश के कारण मूंग की फ़सल कम रहने की बात कही गई है, जिसका असर पैदावार पर भी पड़ रहा है।