किसानों के लिए मोदी सरकार का बड़ा फैसला, किसानों से अनाज खरीदने की नयी नीति को मंजूरी
लखनऊ। लोकसभा चुनाव 2019 से पहले केंद्र सरकार ने किसानों के हित को ध्यान में रखते हुए एेतिहासिक फैसला लिया है। बुधवार को हुई मोदी कैबिनेट की बैठक में किसानों को फसल का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) सुनिश्चित करने के लिए नयी कृषि नीति को मंजूरी दे दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में ये बैठक हुई।
केंद्र सरकार ने कैबिनेट की बैठक में अनाज खरीद के की प्रक्रिया को सरल और व्यवस्थित करने के प्रस्ताव मंजूरी दे दी। नयी नीति मध्य प्रदेश की योजना भावांतर जैसी होगी, इसमें अगर फसल की कीमत सरकार की तय की गयी कीमत से नीचे जाती है तो भी सरकार एमएसपी को सुनिश्चित करेगी और नुकसान की भरपाई भी करेगी।
इसके लिए प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान को मंजूरी मिली है। यह स्कीम राज्यों में तिलहन उत्पादन के 25% हिस्से पर लागू होगी। यही नहीं अब निजी कंपनियां भी सरकार के लिए अनाज खरीद सकती हैं इसके लिए एफसीआई जैसी सरकारी एजेंसियों को मंजूरी दी गयी है।
समर्थन मूल्य नीति के तहत सरकार हर साल खरीफ और रबी की 23 फसलों के समर्थन मूल्य तय करती है। सरकार ने जुलाई में फसल की लागत का डेढ़ गुनाम दाम दिलाने का वादा पूरा किया था। इसके तहत धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 200 रुपए प्रति क्विटंल बढ़ा दिया था।
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कैबिनेट की बैठक में एक और बड़ा फैसला लिया गया। एथेनॉल के दाम 25 फीसदी बढ़ाने को मंजूरी मिल गयी है। यानि बढ़ोतरी के बाद बी-हैवी मोलेसिस एथेनॉल का दाम 52.4 रुपए प्रति लीटर होगा जबकि गन्ना एथेनॉल का दाम 59 रुपए प्रति लीटर होगा।
कैबिनेट के कुछ और अहम फैसले
एथेनॉल के दाम तय करने का तरीका बदलेगा
सी-हेवी शीरे के दाम घटाकर 43.46 रुपए लीटर
बी-हेवी शीरे के दाम बढ़ाकर 52.43 रुपए लीटर
चीनी की जगह एथेनॉल बनाने पर फायदा
एथेनॉल बनाने वाली मिलों के लिए दाम 59.19 रुपए लीटर