2047 तक यूपी बनेगा ग्लोबल एग्रीकल्चर हब, स्मार्ट खेती पर फोकस, सरकार ने बनाया बड़ा कृषि प्लान
Gaon Connection | May 18, 2026, 16:55 IST
उत्तर प्रदेश सरकार वर्ष 2047 तक राज्य को कृषि का वैश्विक केंद्र बनाने की दिशा में काम कर रही है। किसानों की आय बढ़ाने और आधुनिक तकनीक को बढ़ावा देने पर जोर दिया जा रहा है। खाद्यान्न, दलहन और तिलहन उत्पादन में वृद्धि के साथ-साथ ऑर्गेनिक खेती का विस्तार भी किया जाएगा।
खेती से बदलेगी यूपी की तस्वीर!
उत्तर प्रदेश सरकार ने साल 2047 तक राज्य को टिकाऊ, उच्च मूल्य और निर्यात आधारित कृषि का वैश्विक केंद्र बनाने का लक्ष्य तय किया है। सरकार का फोकस किसानों की आय बढ़ाने, आधुनिक तकनीक को बढ़ावा देने और कृषि क्षेत्र को मजबूत करने पर है। एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी के अनुसार राज्य सरकार स्मार्ट खेती, आधुनिक तकनीक और बाजार आधारित नीतियों के जरिए कृषि क्षेत्र में बड़ा बदलाव लाने की दिशा में काम कर रही है।
सरकार की योजना में खाद्यान्न, दलहन और तिलहन उत्पादन बढ़ाने के साथ-साथ ऑर्गेनिक खेती का विस्तार और फसल कटाई के बाद होने वाले नुकसान को कम करना शामिल है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार उत्तर प्रदेश इस समय खाद्यान्न, गेहूं, आलू, गन्ना, सब्जियों और शहद उत्पादन में देश में पहले स्थान पर है। इसके अलावा कृषि सकल मूल्य संवर्धन यानी एग्रीकल्चरल ग्रॉस वैल्यू एडेड में भी उत्तर प्रदेश देश में दूसरे स्थान पर पहुंच गया है। राज्य का कृषि जीवीए करीब 4.66 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है।
अधिकारियों के मुताबिक 2017 से 2025 के बीच कई कृषि संकेतकों में अच्छी वृद्धि दर्ज की गई।
इस दौरान:
राज्य सरकार फसल विविधीकरण, सिंचाई विस्तार और निर्यात आधारित खेती पर भी फोकस कर रही है। पानी के बेहतर उपयोग के लिए माइक्रो इरिगेशन सिस्टम को बढ़ावा दिया जा रहा है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार राज्य में सिंचित क्षेत्र में 33 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। वहीं तिलहन फसलों के तहत आने वाले क्षेत्र में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। सरकार का मानना है कि आधुनिक तकनीक, बेहतर सिंचाई व्यवस्था और बाजार आधारित कृषि नीति के जरिए उत्तर प्रदेश आने वाले वर्षों में देश ही नहीं बल्कि वैश्विक कृषि क्षेत्र में भी मजबूत पहचान बना सकता है।
खाद्यान्न, दलहन और तिलहन उत्पादन बढ़ाने पर जोर
2017 से 2025 के बीच कई फसलों के उत्पादन में बढ़ोतरी
इस दौरान:
- गेहूं उत्पादन में 16 प्रतिशत बढ़ोतरी हुई
- खाद्यान्न उत्पादन 17 प्रतिशत बढ़ा
- तिलहन उत्पादन में 34 प्रतिशत की वृद्धि हुई
- दलहन उत्पादन 26 प्रतिशत बढ़ा