Wheat Procurement: देश में गेहूं खरीद 9% घटी, मध्य प्रदेश में बड़ी गिरावट, इन राज्यों ने लक्ष्य किया लगभग पूरा
Gaon Connection | May 02, 2026, 11:59 IST
इस साल सरकारी गेहूं खरीद में कमी का सामना करना पड़ रहा है। मध्य प्रदेश में खरीद काफी हद तक घट गई है, जबकि पंजाब और हरियाणा ने अपने निर्धारित लक्ष्य को पूरा कर लिया है। प्राकृतिक आपदाओं के चलते बेमौसम बारिश ने गेहूं की गुणवत्ता को नकारात्मक प्रभावित किया है।
गेहूं खरीदने वाले प्रमुख राज्यों में अब तक कहां हुई कितनी खरीद?
देश में इस साल सरकारी गेहूं खरीद में गिरावट दर्ज की गई है। 30 अप्रैल 2026 तक सरकार ने 23.25 मिलियन टन (MT) गेहूं की खरीद की है जो पिछले साल के 25.63 मिलियन टन के मुकाबले करीब 9 प्रतिशत कम है। इस गिरावट की मुख्य वजह मध्य प्रदेश में खरीद का काफी कम होना बताया जा रहा है, हालांकि पंजाब और हरियाणा में लक्ष्य लगभग पूरा कर लिया गया है। कुल मिलाकर, सरकार का लक्ष्य 30 जून तक 34.5 मिलियन टन गेहूं खरीदने का है।
ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, मध्य प्रदेश में इस बार गेहूं खरीद 2.75 मिलियन टन रही, जो पिछले साल के 6.768 मिलियन टन से करीब 59 प्रतिशत कम है। हालांकि अप्रैल के दूसरे पखवाड़े में खरीद में कुछ सुधार देखने को मिला। केंद्र सरकार ने राज्य में कुल खरीद लक्ष्य 7.8 मिलियन टन से बढ़ाकर 10 मिलियन टन कर दिया है। राज्य सरकार किसानों को एमएसपी 2,585 रुपये प्रति क्विंटल के ऊपर अतिरिक्त बोनस भी दे रही है।
रिपोर्ट के अनुसार, पंजाब में गेहूं खरीद 11.10 मिलियन टन पहुंच गई, जो पिछले साल के 10.39 मिलियन टन से 7 प्रतिशत अधिक है। यहां 97 प्रतिशत लक्ष्य पूरा हो चुका है और खरीद जल्द पूरी होने की संभावना है। वहीं हरियाणा में 7.66 मिलियन टन खरीद के साथ 7.2 मिलियन टन का लक्ष्य पार कर लिया गया है, जो पिछले साल से 17 प्रतिशत ज्यादा है।
आंकड़ों के अनुसार, उत्तर प्रदेश में खरीद 7.12 लाख टन रही, जो पिछले साल 7.54 लाख टन थी। राजस्थान में 9.76 लाख टन खरीद हुई, जो पिछले साल 11.44 लाख टन से कम है। वहीं बिहार में 19,485 टन खरीद हुई, जो पिछले साल के 14,291 टन के मुकाबले 36 प्रतिशत ज्यादा है। केंद्र सरकार ने यूपी, राजस्थान और बिहार में खरीद लक्ष्य भी बढ़ाया है।
मार्च और अप्रैल में हुई बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि के कारण गेहूं की गुणवत्ता प्रभावित हुई है। दानों में नमी बढ़ी, सिकुड़न और चमक की कमी जैसी समस्याएं सामने आईं। ऐसे में सरकार ने ढीले मानकों (URS) के तहत गेहूं खरीद की अनुमति दी है और निर्देश दिए हैं कि ऐसे गेहूं को अलग से संग्रहित किया जाए।