खोपरे के एमएसपी में 1000 रुपए की बढ़ोतरी, अब बढ़ेगा का निवेश

Sanjay SrivastavaSanjay Srivastava   8 Feb 2018 2:26 PM GMT

खोपरे के एमएसपी में 1000 रुपए की बढ़ोतरी, अब बढ़ेगा का निवेशखोपरे के एमएसपी में 1000 रुपए की बढ़ोतरी

नयी दिल्ली। सरकार ने खोपरे (कोपरा) के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) में वर्ष 2018 के सत्र के दौरान 1000 रुपए प्रति कुंतल तक की बढ़ोतरी करने का फैसला किया। मंत्रिमंडल की आर्थिक मामलों की समिति की बैठक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई जिसमें इस आशय का फैसला किया गया।

सरकारी बयान में कहा गया है कि मिलिंग खोपरे की उचित व औसत गुणवत्ता वाले मिलिंग खोपरे का न्यूनतम समर्थन मूल्य बढ़ाकर 7500 रुपए किया गया है जो कि पिछले साल 6500 रुपए प्रति कुंतल था। इसी तरह गोल खोपरे का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2018 सत्र के लिए 6785 रुपए से बढ़ाकर 7750 रुपए प्रति कुंतल किया गया है।

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कोपरा के न्‍यूनतम समर्थन मूल्‍य से किसानों को उपयुक्‍त न्‍यूनतम मूल्‍य सुनिश्चित होने तथा नारियल की खेती में निवेश और इस प्रकार देश में उत्‍पादन और उत्‍पादकता बढ़ने की आशा है।

भारतीय राष्‍ट्रीय कृषि सहकारी विपणन संघ लिमिटेड (नैफेड) तथा भारतीय राष्‍ट्रीय सहकारी उपभोक्‍ता संघ लिमिटेड (एनसीसीएफ) नारियल उत्‍पादक राज्‍यों में न्‍यूनतम समर्थन मूल्‍य पर मूल्‍य संवर्धन कार्य करने के लिए केन्‍द्रीय नोडल एजेंसियों के रूप में काम करना जारी रखेंगे।

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विश्व में भारत नारियल उत्पादन और उत्पादकता में अग्रणी देश है। देश में वार्षिक नारियल उत्पादन 20.82 लाख हेक्टेयर से 2395 करोड़ नारियल है और उत्पादकता प्रति हेक्टेयर 11505 नारियल है। वर्ष 2016-17 में हमारे देश से 2084 करोड़ रुपए मूल्य के नारियल उत्पादों का निर्यात किया गया है। वर्ष 2016 में नारियल उत्पादन 19.8 लाख हेक्टेयर से 2044 करोड़ नारियल है और उत्पादकता प्रति हेक्टेयर 10345 नारियल है।

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देश के सकल घरेलू उत्पाद में नारियल का योगदान करीब 20000 करोड़ रुपए है। वर्ष 2015-16 में हमारे देश से 1450 करोड़ रुपए मूल्य के नारियल उत्पादों का निर्यात किया गया है। हमारे देश में एक करोड़ से अधिक लोग अपनी जीविका चलाने के लिए इस फसल पर निर्भर करते हैं।

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भारत में अभी तक 402 नारियल प्रसंस्करण इकाइयां हैं जिसमें प्रति वर्ष 242 करोड़ नारियल का प्रसंस्करण किया जाता है। उल्लेखनीय है कि देश में अब तक 9720 नारियल उत्पादक समितियां, 700 नारियल उत्पादक फेडरेशन तथा 61 नारियल उत्पादक कंपनियां गठित हुई हैं।

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