ज़ीरो बजट खेती तकनीक अपनाकर आप भी बन सकते हैं स्मार्ट किसान

Devanshu Mani TiwariDevanshu Mani Tiwari   27 Jan 2018 5:04 PM GMT

ज़ीरो बजट खेती तकनीक अपनाकर आप भी बन सकते हैं स्मार्ट किसानज़ीरो बजट खेती तकनीक अपनाकर हो रही खेती। 

क्या कोई भी किसान बिना किसी खर्चे के खेती में अच्छी कमाई कर सकता है , या सिंचाई के खर्च को 10 प्रतिशत कम कर सकता है। ऐसा मुमकिन हो पाया है , ज़ीरो बजट खेती तकनीक के ज़रिए।

आजकल किसान खेती में कम समय में ज़्यादा कमाने के लिए फसल में तरह तरह के फर्टिलाइज़र और हानिकारक कीटनाशक इस्तेमाल करते हैं, जिससे उन्हें फायदा कम और नुकसान ज़्यादा होता है। कैमिकल कीटनाशक का इस्तेमाल किए बगैर कम ज़मीन में ज़्यादा फसल लेने के लिए सबसे अच्छी तकनीक है ज़ीरो बजट खेती । इस तकनीक को अपनाकर भारत में 50 लाख से अधिक किसान कम लागत में अच्छी खेती कर रहे हैं। जीरो बजट खेती को अपनाकर हिमांशु आज 20 एकड़ खेत में गन्ना , दलहनी फसलें और गेहूं की फसलें पहले से कम लागत में उगा रहे हैं।

जीरो बजट खेती में मिल रहे फायदे के बारे में किसान हिमांशु ने बताया, '' पहले खेती में ज्यादा आमदनी नहीं होती थी, लेकिन साल 2008 में जब उन्होंने जीरो लागत प्राकृतिक खेती का प्रशिक्षण लिया, तो आज खेती से अच्छी कमाई हो रही है। आज जैविक विधि से खेती करने से मैं एक साथ कई पारंपरिक फसलें कम कर्च में उगा पा रहा हूं । ''

किसान - हिमांशु

जीरो बजट खेती का तरीका अपनाकर हिमांशु की तरह ही देश में कई राज्यों के किसान अपनी आय बढ़ाने के साथ साथ अच्छी गुणवत्ता वाली फसलें उगा रहे हैं। ये फसलें पूरी तरह से कैमिकल फ्री हैं। ज़ीरो बजट खेती की ट्रेनिंग में हिमांशु ने जीवामृत खाद से खेती की जमीन को कैसे अच्छा बनाया जाए, पर्यावरण की रक्षा करते हुए कैसे खेती की जाए और हवा के साथ साथ पानी लेकर कैसे कम पानी में खेती की जा सके और अपनी उपज को बेहतर तरीके से कैसे बेचा जा सके, इस बारे में जाना। इससे उन्हें खेती में कई फायदे हो रहे हैं।

पानी और बिजली पर होने वाला खर्च भी होगा कम

ज़ीरो बजट खेती की तकनीक की शुरुआत करने वाले सुभाष पालेकर ने गाँव कनेक्शन को बताया कि पानी का संकट दूर करने के लिए किसानों को जीवामृत खाद का प्रयोग करना चाहिए। खेतों में डाला गया एक किलो जीवामृत हवा से छह लीटर तक पानी निकालता है, इससे हम खेती में 10 प्रतिशत पानी और बिजली का खर्च बचा सकते हैं।

इस तकनीक से खेती कर रहे हिमांशु का मानना है कि आज किसान खेती के पुराने तरीके अपनाकर खुद को और दूसरों को कैमिकल से भरी सब्जियां, फल और अनाज खिला रहे हैं। जीरो बजट खेती को अपनाने से लोगों को न केवल पौष्टिक खाना मिलेगा, बल्कि हम अपनी धरती व मिट्टी को भी बचाने में सफल रहेंगे।

क्या है जीवामृत खाद

खेती में फसलों की पैदावार के लिए जिन पोषकतत्वों और जीवाणुओं की ज़रूरत होती है, उसे पूरा करने में जीवामृत खाद कारगर होती है। यह खाद गाय के गोबर व गोमूत्र की मदद से बनाई जाती है।

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