इलाहाबाद में धड़ल्ले से चल रहा मिलावटी खून का गोरखधंधा

इलाहाबाद में धड़ल्ले से चल रहा मिलावटी खून का गोरखधंधाफोटो- प्रतीकात्मक 

स्वयं प्रोजेक्ट डेस्क, गाँव कनेक्शन

इलाहाबाद। पैसे के लालच में धंधेबाज जीवनरक्षक वस्तुओं का भी नकली रूप देने लगे हैं। शहर स्थित तिलक अस्पताल में इसका खुलासा उस वक्त हुआ जब एक महिला को हीमोग्लोबिन की निर्धारित न्यूनतम मात्रा से कम वाला खून चढ़ा दिया गया। खून की तरलता को देखते हुए परिजनों की ओर से इसकी शिकायत की गई। शिकायत को संज्ञान में लेते हुए मोतीलाल नेहरू मेडिकल कालेज के पैथालॉजी में इसकी जांच की गई। जांच में यह पाया गया की महिला को चढ़ाए खून में हीमोग्लोबिन की मात्रा मानक से 4 ग्राम कम पायी गई।

खून के गोरखधंधे का खुलासा उस वक्त हुआ जब तिलक अस्पताल से स्वरूप रानी अस्पताल रेफर महिला मरीज रीता भारती पत्नी राजन भारती अपने साथ दो यूनिट खून लेकर पहुंची। इसके बाद औषधि प्रशासन के अधिकारियों ने जांच-पड़ताल की तो पता चला की ब्लड में हीमोग्लोबिन की मात्रा कम है और खून के बैग पर एसआरएन ब्लड बैंक का फ़र्ज़ी लेबल लगा हुआ था। अस्पताल प्रशासन ने इसकी सूचना पुलिस को दी।

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निर्धारित मानक से कम हीमोग्लोबिन की मात्रा वाला खून बैग प्राप्त हुआ है। अन्य अवयवों की जांच चल रही है। आगे की छानबीन के लिए रणनीति बनाई जा रही है।
डॉ. आलोक वर्मा, मुख्य चिकित्साधिकारी, इलाहबाद

पुलिस ने निजी अस्पताल के प्रबंधक और वार्ड ब्वॉय को गिरफ्तार कर लिया है, लेकिन ब्लड सप्लायर नितिन फरार है, पुलिस तलाश में जुटी है। मंडल के सहायक आयुक्त औषधि केजी गुप्ता के मुताबिक, “जब्त खून में केवल हीमोग्लोबिन की जांच हुई है जो की आठ ग्राम मिला, अन्य अवयवों की जांच चल रही है। पूरी रिपोर्ट आने के बाद ही एचआईवी, हेपेटाइटिस और शुगर की रिपोर्ट मिल पाएगी। खून निकालने वाले क्लीनिक और नर्सिंग होम की तलाश की जा रही है।”

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