‘गन्ने की घटतौली पर नजर रखने के लिए आनलाइन प्रक्रिया अपनाई जा रही’

‘गन्ने की घटतौली पर नजर रखने के लिए आनलाइन प्रक्रिया अपनाई जा रही’गन्ना किसान।

गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग के प्रमुख सचिव संजय भूसरेड्डी ने कहा कि राज्य सरकार गन्ना किसानों की समस्याओं के समय पर समाधान के लिए बेहद संवेदनशील है। किसानों को त्वरित गन्ना मूल्य का भुगतान, घटतौली पर प्रभावी नियंत्रण तथा गन्ने की अवैध खरीद पर भी रोक लगाने की प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित की है। घटतौली पर नजर रखने के लिए आनलाइन प्रक्रिया अपनाई जा रही है।

भूसरेड्डी कहा पहली बार सभी चीनी मिलों को एस्क्रो एकाउन्ट खोलने एवं उत्पादित चीनी, शीरा, बगास एवं प्रेसमड की बिक्री से मिली धनराशि गन्ना मूल्य का भुगतान हेतु किये जाने के निर्देश दिए हैं। अर्जित धनराशि से 85 प्रतिशत गन्ना मूल्य के भुगतान किया जा रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि गन्ने की अवैध खरीद पर प्रभावी नियंत्रण हेतु संवेदनशील क्षेत्रों के नियमित निरीक्षण, गन्ना माफियाओं के चिन्हांकन एवं माफियाओं के विरूद्ध राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम एवं आवश्यक वस्तु अधिनियम के अन्तर्गत कार्यवाही की जा रही है। पहली बार गन्ना माफियाओं के लिखाफ गुण्डा एक्ट भी लगाया जा रहा है। किसानों को पर्ची के साथ-साथ एसएमएस से भी सूचना उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई।

ये भी पढ़ें- महाराष्ट्र का ये किसान उगाता है 19 फीट का गन्ना, एक एकड़ में 1000 कुंटल की पैदावार

भूसरेड्डी ने बताया कि क्रय केन्द्रों पर घटतौली के प्रभावी नियंत्रण के लिए मुख्यालय/क्षेत्रीय एवं जनपदीय जांच दल के माध्यम से नियमित निरीक्षण के साथ-साथ औचक निरीक्षण कराये जाने की व्यवस्था की गई है। अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गये हैं कि निरीक्षण कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाय। चीनी मिलों के गेट पर रात के समय औचक निरीक्षण भी कराया जा रहा है।

ये भी पढ़ें- जानिए गन्ना किसान जनवरी से दिसम्बर तक किस महीने में क्या करें ?

उन्होंने बताया कि तौल लिपिकों की तैनाती लाटरी सिस्टम से हर 15 दिन में सुनिश्चित की जा रही हैं, इससे वे मनचाहे क्रयकेन्द्र पर तैनाती का लाभ लेकर किसानों का उत्पीड़न नहीं कर सकेंगे। उन्होंने बताया कि निरीक्षण में पाई गई कमियों पर प्रभावी एवं त्वरित कार्यवाही हेतु भी निर्देश निर्गत किये गये है साथ ही सभी क्रयकेन्द्रों पर सम्बन्धित उत्तरदायित्व अधिकारियों का दूरभाष/मो.नं. एवं गन्ना आयुक्त का टोल फ्री नं.18001213203 अंकित कराया गया है जिससे ऐसी शिकायतों का किसान तुरन्त सम्बन्धित अधिकारी के संज्ञान में ला सके तथा सम्बन्धित अधिकारी ऐसी शिकायतों पर शीघ्र कार्यवाही जा सके।

ये भी पढ़ें- भारत की वजह से खुश हैं पाकिस्तान के गन्ना किसान

भूसरेड्डी ने बताया कि इसी प्रकार गन्ने की अवैधानिक खरीद पर अंकुश लगाये जाने के लिए प्रत्येक संवेदनशील क्षेत्र में नियमित निरीक्षण के भी निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए गये हैं। गन्ना माफियाओं को चिन्हित किये जाने पर विशेष जोर दिया गया है, ताकि ऐसे लोगों पर कानून तहत की जा सके। उन्होंने ऐसे पाये गये प्रकरणों की वीडियोंग्राफी, फोटोग्राफी कराकर जिलाधिकारी को उपलब्ध कराने के भी निर्देश अधिकारियों को दिए हैं।

ये भी पढ़ें- खेत-खलिहान : आखिर गुस्से में क्यों हैं गन्ना किसान

More Stories


© 2019 All rights reserved.

Top