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पिछले साल की अपेक्षा MSP पर धान की खरीद 22 फीसदी ज्यादा, सबसे ज्यादा खरीद पंजाब से: रिपोर्ट

एक तरफ जहां किसान दिल्ली में कृषि कानूनों को वापस लेने और एमएसपी पर अपनी मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं तो वहीं सरकार दावा कर रही है कि इस साल अभी तक पिछले साल की अपेक्षा एमएसपी पर धान की खरीद ज्यादा हुई है।

paddy, farmers, mspदेश के अलग-अलग राज्यों में सरकारी धान क्रय केंद्रों पर धान की खरीद जारी है। फोटो: गांव कनेक्शन

केंद्र सरकार ने अपनी रिपोर्ट में दावा किया है कि मौजूदा खरीफ विपणन वर्ष में (10 दिसंबर 2020 तक) पिछले साल की तुलना में न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर धान की खरीद 22.5 प्रतिशत ज्यादा हुई है। इस खरीद के एवज में किसानों को 69,612 करोड़ रुपए का भुगतान भी किया गया है।

शुक्रवार 11 दिसंबर 2020 को कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) और राज्य की खरीद एजेंसियों ने 10 दिसंबर 2020 तक 368.7 लाख मीट्रिक टन धान की खरीद की है जबकि इसी अवधि तक पिछले साल 300.97 लाख टन धान की खरीद की गई थी। इस खरीफ विपणन वर्ष में 69,611.81 करोड़ रुपए की धान खरीद की गई है और इससे 39.92 लाख किसानों को फायदा हुआ है।

अक्टूबर 2020 से शुरू हुई धान की खरीद देश के अलग-अलग राज्यों में जारी है। मौजूदा खरीफ विपणन वर्ष (2020-21) सरकार लगातार पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, तेलंगाना, उत्तराखंड, तमिलनाडु, चंडीगढ़, जम्मू कश्मीर, केरल, गुजरात, आंध्र प्रदेश, ओडिशा, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और बिहार में सरकारी और राज्य की एजेंसिया खरीफ फसलों की खरीद कर रही है।

10 दिसंबर तक हुई धान की खरीद में राज्यों की स्थिति। (ग्राफिक्स साभार- PIB)

राज्यवार आंकड़े देखें तो 368.70 लाख मीट्रिक टन की कुल खरीद में से अकेले पंजाब में 202.77 लाख मीट्रिक टन की खरीद हुई है, इस तरह उसकी हिस्सेदारी 55% है। इसके अलावा अभी तक हुई खरीद में हरियाणा 15.2%, उत्तर प्रदेश 8.5%, तेलंगाना 7.3% और छत्तीसगढ़ की हिस्सेदारी 4% है।

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इसके अलावा तमिलनाडु, कर्नाटक, महाराष्ट्र, तेलंगाना, गुजरात, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, ओडिशा, राजस्थान और आंध्र प्रदेश राज्यों के लिए मूल्य समर्थन योजना (पीएसएस) के तहत खरीफ विपणन सीजन 2020 के दौरान 48.11 लाख मीट्रिक टन दालों और तिलहनों की खरीद के लिए भी मंजूरी दी गई थी।

इसके अलावा सरकार ने रिपोर्ट में बताया है कि नोडल एजेंसियों के माध्यम से 10 दिसंबर, 2020 तक 153791.05 मीट्रिक टन मूंग, उड़द, मूंगफली की फली और सोयाबीन की खरीद की है, जिसका एमएसपी मूल्य 826.23 करोड़ रुपए है और इससे तमिलनाडु, महाराष्ट्र, गुजरात, हरियाणा और राजस्थान के 86,675 किसानों को लाभ मिला है।

कोपरा, मूंग दाल और सायोबीन की खरीद की स्थिति।

इसी तरह, 10 दिसंबर, 2020 तक 52.40 करोड़ रुपए के एमएसपी पर 5089 मीट्रिक टन कोपरा (बारहमासी फसल) की खरीद की गयी है, जिससे कर्नाटक और तमिलनाडु के 3,961 किसान लाभान्वित हुए हैं जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि के दौरान 293.34 मीट्रिक टन कोपरा की खरीद की गई थी।

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पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, मध्य प्रदेश और तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र और हरियाणा राज्यों में एमएसपी के तहत बीज कपास (कपास) की खरीद भी हो रही है। इन राज्यों में 10 दिसंबर, 2020 तक 13322.58 करोड़ रुपए की 4553977 कपास गांठों की खरीद की जा चुकी है।

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