By Manish Mishra
असम के ऊपरी इलाक़ों में आई भीषण बाढ़ ने व्यापक तबाही मचाई है। दो सप्ताह बाद भी लोग बेघर हैं और राहत कार्य जारी है। शिवसागर ज़िले के नेपालकुटी गाँव में कई घर, मवेशी और आजीविका बह गई। 25 से 30 लोगों के लापता होने की आशंका है। स्थानीय लोगों के अनुसार, जलवायु परिवर्तन, नागालैंड की पहाड़ियों में भारी बारिश और अवैध खनन से आई गाद ने इस आपदा को और गंभीर बना दिया।
असम के ऊपरी इलाक़ों में आई भीषण बाढ़ ने व्यापक तबाही मचाई है। दो सप्ताह बाद भी लोग बेघर हैं और राहत कार्य जारी है। शिवसागर ज़िले के नेपालकुटी गाँव में कई घर, मवेशी और आजीविका बह गई। 25 से 30 लोगों के लापता होने की आशंका है। स्थानीय लोगों के अनुसार, जलवायु परिवर्तन, नागालैंड की पहाड़ियों में भारी बारिश और अवैध खनन से आई गाद ने इस आपदा को और गंभीर बना दिया।
By Manish Mishra
असम में आई भीषण बाढ़ ने लाखों लोगों की ज़िंदगी तबाह कर दी है। घर-बार, मवेशी और जीवन भर की कमाई सब कुछ पानी में बह गया है। लोग खुले आसमान के नीचे या सड़कों पर तिरपाल तानकर रहने को मजबूर हैं। भुखमरी और बीमारियों का डर सता रहा है, जबकि लगातार बारिश ने स्थिति को और भयावह बना दिया है।
असम में आई भीषण बाढ़ ने लाखों लोगों की ज़िंदगी तबाह कर दी है। घर-बार, मवेशी और जीवन भर की कमाई सब कुछ पानी में बह गया है। लोग खुले आसमान के नीचे या सड़कों पर तिरपाल तानकर रहने को मजबूर हैं। भुखमरी और बीमारियों का डर सता रहा है, जबकि लगातार बारिश ने स्थिति को और भयावह बना दिया है।
By Manish Mishra
कोरोना महामारी के बाद औषधीय पौधों और हर्बल उत्पादों की मांग बढ़ी है, जिससे किसानों के लिए नई संभावनाएं खुल रही हैं। तुलसी, स्टीविया, जरेनियम, हल्दी और बड़ी इलायची जैसी फसलें किसानों की आय बढ़ाने में मदद कर सकती हैं।
कोरोना महामारी के बाद औषधीय पौधों और हर्बल उत्पादों की मांग बढ़ी है, जिससे किसानों के लिए नई संभावनाएं खुल रही हैं। तुलसी, स्टीविया, जरेनियम, हल्दी और बड़ी इलायची जैसी फसलें किसानों की आय बढ़ाने में मदद कर सकती हैं।
By Manish Mishra
पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के नतीजे चौंकाने वाले रहे। बीजेपी ने घुसपैठ, महिला सुरक्षा और केंद्र की योजनाओं को लागू करने जैसे मुद्दों को जनता तक पहुंचाया। टीएमसी के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप भी लगे। राज्य में परिवर्तन की लहर दिखी। किसानों और चाय बागान मजदूरों के लिए बीजेपी ने सुविधाएं देने का वादा किया।
पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के नतीजे चौंकाने वाले रहे। बीजेपी ने घुसपैठ, महिला सुरक्षा और केंद्र की योजनाओं को लागू करने जैसे मुद्दों को जनता तक पहुंचाया। टीएमसी के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप भी लगे। राज्य में परिवर्तन की लहर दिखी। किसानों और चाय बागान मजदूरों के लिए बीजेपी ने सुविधाएं देने का वादा किया।
By Manish Mishra
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश आर्थिक सर्वेक्षण 2025-2026 के अनुसार पिछले पांच वर्षों में कृषि क्षेत्र ने औसतन 4.4 प्रतिशत वार्षिक वृद्धि दर्ज़ की है, जिसमें पशुपालन और मत्स्य पालन का प्रमुख योगदान है। वित्त वर्ष 2025-26 की दूसरी तिमाही में कृषि विकास दर 3.5 प्रतिशत रही।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश आर्थिक सर्वेक्षण 2025-2026 के अनुसार पिछले पांच वर्षों में कृषि क्षेत्र ने औसतन 4.4 प्रतिशत वार्षिक वृद्धि दर्ज़ की है, जिसमें पशुपालन और मत्स्य पालन का प्रमुख योगदान है। वित्त वर्ष 2025-26 की दूसरी तिमाही में कृषि विकास दर 3.5 प्रतिशत रही।
By Manish Mishra
अंधाधुंध खनन से खोखली हो रही अरावली पहाड़यों के साथ-साथ आस पास के गाँवों में रहने वाले लोगों के सपने बिखर रहे हैं। रात-दिन होने वाले खनन के धमाकों से यहां रहने वाले लोगों के घरों में दरारें आ गई हैं। घरों के पास नियम विरुद्ध खनन से उड़ने वाला धूल के गुबार से जीना दूभर है। तरह तरह की बीमारियां हो रही हैं।
अंधाधुंध खनन से खोखली हो रही अरावली पहाड़यों के साथ-साथ आस पास के गाँवों में रहने वाले लोगों के सपने बिखर रहे हैं। रात-दिन होने वाले खनन के धमाकों से यहां रहने वाले लोगों के घरों में दरारें आ गई हैं। घरों के पास नियम विरुद्ध खनन से उड़ने वाला धूल के गुबार से जीना दूभर है। तरह तरह की बीमारियां हो रही हैं।
By Manish Mishra
हवा में बढ़ता प्रदूषण खतरे की घंटी बन रहा है। इससे कई तरह की बीमारियां भी तेजी से लोगों में बढ़ रही हैं। सबसे बड़ी चिंता है देश में हवा के प्रदूषण से होने वाली हर साल 15 लाख लोग जान गंवा देते हैं। ये कितना है खतरनाक और इससे बचाव के लिए क्या उठाने होंगे कदम? इस पर King George Medical University के पल्मोनरी विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. (डॉ.) वेद प्रकाश से ‘गाँव कनेक्शन’ के मनीष मिश्र की विशेष बातचीत।
हवा में बढ़ता प्रदूषण खतरे की घंटी बन रहा है। इससे कई तरह की बीमारियां भी तेजी से लोगों में बढ़ रही हैं। सबसे बड़ी चिंता है देश में हवा के प्रदूषण से होने वाली हर साल 15 लाख लोग जान गंवा देते हैं। ये कितना है खतरनाक और इससे बचाव के लिए क्या उठाने होंगे कदम? इस पर King George Medical University के पल्मोनरी विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. (डॉ.) वेद प्रकाश से ‘गाँव कनेक्शन’ के मनीष मिश्र की विशेष बातचीत।
By Manish Mishra
भारत के किसान, बदलते मौसम से लेकर बाज़ार तक लगातार संघर्ष करते रहते हैं। इस सब के बीच कई किसान ऐसे भी हैं, जो अपने प्रयोगों और नवाचारों से खेती किसानी में नई परिभाषा लिख रहे हैं।
भारत के किसान, बदलते मौसम से लेकर बाज़ार तक लगातार संघर्ष करते रहते हैं। इस सब के बीच कई किसान ऐसे भी हैं, जो अपने प्रयोगों और नवाचारों से खेती किसानी में नई परिभाषा लिख रहे हैं।
By Manish Mishra
आलू की खेती को घर-गाँव और खेतों तक सीमित खेती माना जाता है, लेकिन शाहजहांपुर के पुवांया तहसील के प्रगतिशील किसान अमनदीप सिंह ने इसे एक बड़े कृषि व्यवसाय में बदलकर दिखा दिया।130 एकड़ में आलू की खेती, 10+ आलू वैरायटी और हर साल 20,000 कुंतल से अधिक उत्पादन, इन्हें खेती का मैनेजमेंट गुरु कहा जाए तो गलत नहीं होगा।
आलू की खेती को घर-गाँव और खेतों तक सीमित खेती माना जाता है, लेकिन शाहजहांपुर के पुवांया तहसील के प्रगतिशील किसान अमनदीप सिंह ने इसे एक बड़े कृषि व्यवसाय में बदलकर दिखा दिया।130 एकड़ में आलू की खेती, 10+ आलू वैरायटी और हर साल 20,000 कुंतल से अधिक उत्पादन, इन्हें खेती का मैनेजमेंट गुरु कहा जाए तो गलत नहीं होगा।
By Manish Mishra
जहां एक ओर लोग खेती किसानी से दूर होते जा रहे हैं, वहीं कुछ लोग ऐसे भी हैं जो अपनी लाखों की सैलरी को छोड़कर खेती को चुन रहे हैं। कई मल्टीनेशनल कंपनियों में सीएफओ रह चुके मनीष महेश्वरी ने सुकून के लिए खेती की राह चुनी। आज वो अमरूद की आर्गेनिक तरीके से खेती करते हैं। खेतों को मल्टीक्रॉपिंग के लिए अलग तरह से डिजाइन किया है।
जहां एक ओर लोग खेती किसानी से दूर होते जा रहे हैं, वहीं कुछ लोग ऐसे भी हैं जो अपनी लाखों की सैलरी को छोड़कर खेती को चुन रहे हैं। कई मल्टीनेशनल कंपनियों में सीएफओ रह चुके मनीष महेश्वरी ने सुकून के लिए खेती की राह चुनी। आज वो अमरूद की आर्गेनिक तरीके से खेती करते हैं। खेतों को मल्टीक्रॉपिंग के लिए अलग तरह से डिजाइन किया है।