यहाँ हिंदी या अँग्रेजी में ही नहीं, बल्कि कुड़ुख भाषा में भी विज्ञान और गणित जैसे विषय पढ़ाए जाते हैं
Pratyaksh Srivastava | Dec 19, 2023, 11:07 IST
अरविंद उराँव की छोटी बहन को स्कूल छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ा, क्योंकि पाँचवी कक्षा के बाद बच्चों के लिए गाँव के आस-पास कोई स्कूल नहीं था। तब अरविंद ने झारखँड के अपने आदिवासी गाँव में एक स्कूल की स्थापना की। ‘कर्तिउराँव आदिवासी कुड़ुख स्कूल’ स्थानीय भाषा को सँरक्षित करने में गेम चेंजर साबित हुआ है।
यहाँ हिंदी या अँग्रेजी में ही नहीं