करनाल के सैनिक स्कूल में कोरोना पॉजिटिव हुए 54 छात्र, दूसरे कई राज्यों में भी आए केस, अभिभावक परेशान

कोरोना मामलों की संख्या अपेक्षाकृत कम होने के साथ देश के अनेक राज्यों में अब स्कूलें खुलने लगे हैं। लेकिन कई जगहों पर स्कूलों और हॉस्टल के खुलने के बाद कोरोना के मामले बढ़े हैं।

Daya SagarDaya Sagar   3 March 2021 12:52 PM GMT

करनाल के सैनिक स्कूल में कोरोना पॉजिटिव हुए 54 छात्र, दूसरे कई राज्यों में भी आए केस, अभिभावक परेशानकोरोना के कारण पिछले एक साल से स्कूल बंद थे, धीरे-धीरे उनको खोला जा रहा है। (फोटो- अजीम प्रेमजी एजुकेशन फाउंडेशन)

नई दिल्ली। हरियाणा के करनाल जिले में एक ही स्कूल के 54 छात्रों के रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आने के बाद प्रदेश में हड़कंप मच गया है। ये रिपोर्ट ऐसे समय में आई है जब देश के कई इलाकों में कोरोना की दूसरी लहर चल रही है और कई राज्यों में इस बीच स्कूल खुल गए हैं।

मंगलवार को हरियाणा के करनाल जिले में कुल 78 मरीजों की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई, जिसमें अकेले 54 मरीज एक ही स्कूल के छात्र हैं। ये 54 छात्र करनाल के सरकारी सैनिक स्कूल, कुंजपुरा के छात्र हैं। इन छात्रों के कोरोना पॉजिटिव मिलने के बाद स्‍कूल और आस-पास के क्षेत्र को कंटेनमेंट जोन घोषित कर सैनिटाइज कराया जा रहा है।

इससे पहले सोमवार को भी इसी सैनिक स्कूल से तीन कोरोना पॉजिटिव मामले सामने आए थे। कुंजपुरा का यह सैनिक स्कूल एक आवासीय स्कूल है, जिसमें हरियाणा सहित देश भर के राज्यों के 390 बच्चे रहते हैं। पिछले दिनों तीन बच्चों के कोविड पॉजिटिव आने के बाद हॉस्टल के सभी बच्चों की टेस्टिंग कराई गई थी, जिसमें से 54 बच्चों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है।

करनाल के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. पीयूष शर्मा ने मीडिया से बातचीत करते हुए बताया कि सैनिक स्कूल कुंजपुरा में तीन छात्रों की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद हॉस्टल में रह रहे सभी 390 बच्चों की टेस्टिंग कराई गई थी, जिसमें से 54 की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। उन्होंने कहा कि जिले का स्वास्थ्य विभाग इस मामले को लेकर बहुत सजग है और बच्चों के संपर्क में आने वाले हर शिक्षक और कर्मचारी की कोरोना जांच कराई जा रही है। इस स्कूल की कक्षाओं और अन्य गतिविधियों को भी अगले 10 दिनों के लिए निलंबित कर दिया गया है।

कुंजपुरा का सैनिक स्कूल (फोटो- चौपाल फेसबुक पेज)

अन्य राज्यों से भी आ रहे मामले

गौरतलब है कि हरियाणा शिक्षा विभाग ने 24 फरवरी से तीसरी से पांचवीं कक्षा के स्कूलों को फिर से खोलने का निर्णय लिया था। हरियाणा के अलावा देश के कई अन्य राज्यों में भी अब प्राथमिक से लेकर उच्च माध्यमिक और विश्वविद्यालयीय स्तर के शिक्षण संस्थान खुलने लगे हैं, लेकिन इसके साथ ही कोरोना का संक्रमण बढ़ने का खतरा भी बढ़ गया है। अधिकतर राज्यों में जहां फरवरी में उच्च शिक्षण संस्थाएं खुलीं, वहीं एक मार्च से प्राथमिक स्कूलों को भी खोल दिया गया।

इससे बच्चों के साथ-साथ अभिभावक भी खौफ में हैं। दिल्ली के तीस हजारी इलाके के एक निजी स्कूल प्रशासन के खिलाफ में अभिभावकों ने सोमवार को धरना दिया। अभिभावकों का आरोप है कि स्कूल प्रशासन ने एक बच्चे के कोरोना पॉजिटिव होने के बाद भी स्कूल का संचालन जारी रखा, जो कि कोविड गाइडलाइन के नियमों के बिल्कुल विपरीत है।

दिल्ली के तीस हजारी इलाके में धरना देते अभिभावक (फोटो सोर्स- ट्वीटर)

गौरतलब है कि किसी भी स्कूल में किसी छात्र, शिक्षक या कर्मचारी के कोविड पॉजिटिव आने पर स्कूल को कम से कम 10 दिन के लिए बंद करने का निर्देश है। हालांकि स्कूल प्रशासन का कहना है कि उन्हें जिस समय एक छात्रा के कोरोना पॉजिटिव होने की बात पता चली, उन्होंने तत्काल स्कूल बंद करने का निर्णय लिया। हालांकि स्कूल ने भी स्वीकार किया कि उन्हें यह बात काफी देरी से पता हुई, क्योंकि कोरोना पॉजिटिव बच्ची के अभिभावक ने उन्हें इसकी जानकारी नहीं दी।

आवासीय स्कूलों की हालत और खराब

ठीक इसी तरह का मामला उत्तराखंड के नैनीताल से आया, जहां पर एक आवासीय स्कूल के 15 बच्चे मंगलवार को कोरोना पॉजिटिव मिले। स्कूल के प्रधानाचार्य का कहना है कि विद्यालय का एक बच्चा 19 फरवरी को कोरोना पॉजिटिव निकला था, लेकिन उनके अभिभावकों ने लगभग 10 दिन बाद इसकी सूचना विद्यालय प्रशासन को दी। इसके बाद उस बच्चे के संपर्क में आए जब अन्य 20 बच्चों का कोरोना टेस्ट किया गया, तो उसमें से कुल 15 बच्चे कोरोना पॉजिटिव निकले।

आपको बता दें कि जहां कहीं भी स्कूलें खुली हैं, वहां पर स्कूल आने की प्रक्रिया को ऐच्छिक रखा गया है। बिना अभिभावक की लिखित अनुमति के कोई भी बच्चा स्कूल नहीं आ सकता। ऐसे छात्र जो स्कूल नहीं आ रहे हैं, उनके लिए अलग से ऑनलाइन क्लास चलाने के भी निर्देश स्कूलों को दिए गए हैं।

फोटो- अजीम प्रेमजी एजुकेशन फाउंडेशन

पंजाब सबसे अधिक प्रभावित

हरियाणा के पड़ोसी राज्य पंजाब के स्कूलों से भी लगातार कोरोना मामले की खबरें आ रही हैं। मंगलवार (2 मार्च) को पंजाब के तरनतारन जिले में तीन विद्यार्थियों और एक शिक्षक के कोरोना पॉजिटिव होने का मामला सामने आया। हालांकि ये सभी छात्र और शिक्षक अलग-अलग स्कूलों से हैं। जिले के कलक्टर कुलवंत सिंह धूरी ने मीडिया को बताया कि कि जिन स्कूलों में कोरोना के पाजिटिव मामले पाए गए हैं, उनको सैनिटाइज करते हुए कुछ दिन के लिए बंद करने के आदेश दे दिए गए है।

पंजाब के ही लुधियाना में ही मंगलवार को एक दिन में 134 लोगों की कोरोना रिपोर्ट पाजिटिव आई, जिसमें से पांच शिक्षक और एक छात्र भी शामिल हैं। वहीं मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के गृहजिले पटियाला के एक निजी स्कूल से भी सात शिक्षकों की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। पिछले एक सप्ताह के दौरान पंजाब में कोरोना के मामले तेजी से बढ़े हैं और राज्य में अब रोज 500 से अधिक मामले सामने आ रहे हैं। राज्य में स्कूलों के खुलने के कारण शिक्षा क्षेत्र से भी कोरोना के मामले बढ़े हैं। समाचार चैनल एबीपी न्यूज की एक रिपोर्ट के मुताबिक पिछले एक सप्ताह में स्कूलों से लगभग 200 कोरोना के मामले आए हैं, जो कि चिंताजनक है।

छत्तीसगढ़ के जशपुर के भी एक आवासीय स्कूल में हॉस्टल वार्डन समेत 5 स्कूली छात्राएं कोरोना की चपेट में आ गई है। इससे पहले फरवरी महीने में केरल के मलप्पुरम के एक स्कूल से 192 छात्र और महाराष्ट्र के वाशिम जिले के एक छात्रावास से 225 छात्र कोविड पॉजिटिव पाए गए थे। गौरतलब है कि फरवरी महीने से ही देश के अलग-अलग राज्यों में स्कूलों के खुलने का सिलसिला चालू है। माध्यमिक और उच्च माध्यमिक स्कूलों के बाद से अब प्राथमिक स्कूल भी खोले जाने लगे हैं।

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