प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत UP में बने 14.34 लाख घर, 2022 तक सबको पक्का घर देने का वादा: राजेंद्र प्रताप सिंह

प्रदेश के ग्राम्य विकास विभाग के मंत्री राजेंद्र प्रताप सिंह 'मोती सिंह' ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए कहा कि ना सिर्फ प्रधानमंत्री आवास योजना बल्कि मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत भी गरीब, वंचित व पिछड़े समुदाय के लोगों को पक्का घर मुहैया कराया जा रहा है।

प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत UP में बने 14.34 लाख घर, 2022 तक सबको पक्का घर देने का वादा: राजेंद्र प्रताप सिंह

उत्तर प्रदेश में 2017 से अब तक केंद्र सरकार के प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत कुल 14.34 लाख घर बने हैं। वहीं 2022 के अंत तक सभी को पक्का घर देने का लक्ष्य केंद्र सरकार ने रखा है। यह बातें उत्तर प्रदेश के ग्राम्य विकास मंत्री राजेन्द्र प्रताप सिंह 'मोती सिंह' ने कहीं।

पत्रकारों को जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि 2016-17 से 2019-20 तक भारत सरकार द्वारा प्रदेश में 14.61 लाख आवास निर्माण का लक्ष्य दिया गया था। 15 फरवरी, 2021 तक 14.34 लाख आवास बन कर तैयार हो गए हैं। शेष आवास निर्माणाधीन हैं, जो जल्द से जल्द बना लिए जाएंगे। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण की स्थायी पात्रता सूची संतृप्त हो गई है, वहीं सेक सर्वे 2011 से छूटे हुए 49.54 लाख पात्र परिवारों का विवरण आवास प्लस वेबसाइट पर अपलोड किया गया है।

2020-21सत्र की जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि आवास प्लस योजना के तहत भारत सरकार द्वारा प्रदेश को 7.32 लाख आवास निर्माण का लक्ष्य दिया गया था, जिसमें 7.17 लाख आवासों को स्वीकृति देते हुए 6.84 लाख लाभार्थियों को प्रथम एवं 1.60 लाख लाभार्थियों को द्वितीय किश्त दे दिया गया है। बाकी आवासों के स्वीकृति की कार्यवाही भी प्रक्रिया में है।

अपने विभाग की उपलब्धियों को गिनाते हुए उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश को प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के अन्तर्गत वर्ष उत्कृष्ट कार्य करने के लिए भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय से सर्वाधिक 9 पुरस्कार मिले हैं।

वहीं मुख्यमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के बारे में उन्होंने जानकारी देते हुए कहा कि 2018-19 में शुरू हुई इस योजना के तहत पिछले दो सालों में राज्य सरकार ने कुल 72,302 परिवारों को पक्का मकान दिया है। इस योजना के तहत प्रदेश के विभिन्न जनपदों में प्राकृतिक आपदा, कालाजार, इंसेफलाइटिस और कुष्ठ रोग से प्रभावित लोगों को प्रदेश सरकार की तरफ से पक्का मकान दिया जाता है। वहीं प्रदेश में रह रहे वनटांगिया, मुसहर वर्ग के वंचित और आवासविहीन लोगों को भी मकान मुहैया कराया जाता है।

मोती सिंह ने बताया कि इस योजना के तहत अब तक 28,295 मुसहर, 4,602 वनटांगिया और 2115 कुष्ठ रोग, 10,555 प्राकृतिक आपदा, 107 इंसेफलाइटिस और 29 कालाजार से प्रभावित परिवारों को पक्का मकान उपलब्ध कराया गया है। उन्होंने बताया कि इन वंचित समुदायों को ना सिर्फ पक्का घर उपलब्ध कराया गया है उन्हें मुख्य धारा से जोड़ने के लिए आजीविका मिशन के तहत प्रदेश में कुल 965 मुसहर, 315 वनटांगिया, 236 बावरिया समूहों का गठन किया गया है, ताकि ये लोग रोजगार के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बन सकें।

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